आगरा में एक वरिष्ठ चिकित्सक ने हाल ही में चोट लगने पर लोगों को बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को शारीरिक चोट के बाद तीव्र दर्द और सूजन का सामना करना पड़ रहा है, तो इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस तरह के मामलों में शुरुआती राहत के लिए कपड़े में बर्फ लपेटकर ठंडी सिकाई करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन किसी भी स्थिति में गर्म सिकाई या मालिश करने की गलती से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दर्द असहनीय है, सूजन लगातार बढ़ती जा रही है या फिर चोटिल अंग को हिलाने-डुलाने में गंभीर परेशानी हो रही है, तो यह हड्डी टूटने यानी फ्रैक्चर का संकेत हो सकता है। ऐसी गंभीर अवस्था में बिना किसी विलंब के तुरंत एक्स-रे करवाना चाहिए और किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श करना बेहद आवश्यक है। यदि प्रभावित अंग का आकार बदल गया है या उस पर शरीर का वजन डालना असंभव हो गया है, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। केवल दर्द और सूजन के लक्षणों के आधार पर यह निश्चित नहीं किया जा सकता है कि समस्या हड्डी में फ्रैक्चर की है या मांसपेशी फटने की, क्योंकि सही स्थिति का वास्तविक आकलन केवल पेशेवर चिकित्सकीय जांच के माध्यम से ही संभव हो पाता है।
गर्म सिकाई और मालिश से बढ़ सकती है समस्या
आगरा के जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने चोट लगने की घटनाओं में विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि शरीर में किसी भी हिस्से पर चोट लगने के तुरंत बाद पारंपरिक तरीकों के तहत गर्म सिकाई या तेल की मालिश करने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके विपरीत, यदि सूजन और दर्द की शिकायत है, तो केवल कपड़े में बर्फ बांधकर ठंडी सिकाई ही की जानी चाहिए। डॉक्टर के अनुसार, यदि चोट लगने के बाद दर्द कम होने के बजाय बढ़ रहा है और सूजन थमने का नाम नहीं ले रही है, तो इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है और इसके लिए एक्स-रे कराकर डॉक्टर की सलाह लेना ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। उन्होंने चेताया कि चोट के मामलों में लापरवाही बरतने से तकलीफ और अधिक बढ़ सकती है, जिससे मरीज के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, इसलिए समय रहते सटीक जांच और उचित उपचार कराना बुद्धिमानी है।
चोटिल अंग को नहिलाएं और न ही उठाएं भारी वजन
डॉ. आशीष मित्तल ने आगे यह भी निर्देश दिया है कि चोट लगने के बाद प्रभावित अंग को बार-बार हिलाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। ऐसी नाजुक स्थिति में शरीर को पूर्ण विश्राम देना बेहद जरूरी होता है ताकि रिकवरी की प्रक्रिया ठीक से हो सके। चोट लगने के तुरंत बाद किसी भी तरह का भारी वजन उठाने या चोटिल हिस्से पर अत्यधिक दबाव डालने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आंतरिक क्षति और अधिक गंभीर हो सकती है।
डॉ. आशीष मित्तल ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि अक्सर लोग मामूली दर्द से तुरंत छुटकारा पाने के लिए स्थानीय मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से पेनकिलर या अन्य दवाएं खरीदकर खाने लगते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। उन्होंने सख्त सलाह दी है कि किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर के नुस्खे या सलाह के बिना कोई भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि चोट लगने के बाद दर्द और सूजन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, तो बिना समय गंवाए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और उनके मार्गदर्शन में ही उचित उपचार सुनिश्चित करना चाहिए।



















