छुट्टियों का सिलसिला थमने के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की तादाद में अचानक जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। सोमवार की सुबह सूरज निकलते ही आगरा के मुख्य जिला अस्पताल में इलाज कराने वालों का तांता लग गया। सावन और रक्षाबंधन के लंबे अवकाश के बाद जैसे ही कामकाज और सामान्य दिनचर्या बहाल हुई, ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में बीमार लोग अस्पताल पहुंच गए।
पर्चा काउंटरों पर घंटों इंतजार की मजबूरी
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर अचानक पड़े भारी दबाव का सबसे बड़ा असर पर्चा बनवाने की प्रक्रिया पर साफ दिखाई दिया। पंजीकरण काउंटरों के आगे सुबह से ही लंबी और बेतरतीब कतारें लग गईं, जहां अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लोगों को करीब एक घंटे तक खड़े रहना पड़ा। बीमारी की तकलीफ से जूझ रहे मरीजों के लिए यह लंबा इंतजार किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।
बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ी भारी असुविधा
इस भारी भीड़ के बीच सबसे ज्यादा संकट बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाले तीमारदारों के सामने खड़ा हुआ। मरीजों और उनके साथ आए परिजनों ने दर्द और कमजोरी की हालत में घंटों लाइनों में खड़े रहने की अपनी पीड़ा साझा की। अस्पताल में उमड़ी इस अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने और राहत देने के लिए लोगों ने प्रशासन से तुरंत अतिरिक्त काउंटर शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई है, जिससे कतारों का बोझ कम हो सके और समय पर चिकित्सीय परामर्श मिल सके।
छुट्टियों के बाद काम पर लौटने जैसा दबाव
त्योहारों के इन दिनों में आम तौर पर अस्पताल की दिनचर्या कुछ धीमी रहती है और लोग जरूरी होने पर ही घर से निकलते हैं। लेकिन अवकाश की अवधि पूरी होते ही जो मरीज पहले चिकित्सक को नहीं दिखा सके थे, वे सभी एक ही दिन अस्पताल पहुंच गए। इसके चलते न सिर्फ पंजीकरण खिड़कियों पर बल्कि ओपीडी कक्षों के बाहर भी खासी गहमागहमी बनी रही और लोगों को डॉक्टरों तक पहुंचने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।
चिकित्सा व्यवस्था और डॉक्टरों पर अटूट भरोसा
इतनी भारी भीड़ और परेशानियों के बावजूद यहां इलाज कराने पहुंचे लोगों के मन में सरकारी डॉक्टरों की क्षमता को लेकर पूरा विश्वास देखा गया। मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि यहां उन्हें सबसे अच्छा उपचार मिलेगा और उनके अपने जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकेंगे। बोदला क्षेत्र से अपनी पत्नी के इलाज के वास्ते पहुंचे एक स्थानीय निवासी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें यहां के चिकित्सा स्टाफ पर पूरा भरोसा है। उन्होंने साझा किया कि उनके भाई का भी पूर्व में यहां बेहद सफल इलाज हुआ था और वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए थे, जिसके चलते वे अपनी पत्नी को लेकर यहां आए हैं।



















