नाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालतारंगा हिल रेल प्रोजेक्ट: राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगी नई ब्रॉडगेज लाइन, अरावली में बन रही हैं विशाल सुरंगेंमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलहोमर के महाकाव्य पर एआई फिल्म का वादा कर फंसे एलन मस्क, खुद ग्रॉक ने स्वीकारी ऐतिहासिक खामियांरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्ट
बर्ड फ्लू का बढ़ता खतरा, क्या कच्चा दूध पीने से फैल सकता है H5N1 वायरस?स्वास्थ्य
19 अक्तू॰ 2026, 11:44 pm (8 दिन पहले)· 1

बर्ड फ्लू का बढ़ता खतरा, क्या कच्चा दूध पीने से फैल सकता है H5N1 वायरस?

अमेरिका के वॉशिंगटन में गायों के जरिए इंसान में H5N1 संक्रमण मिलने के बाद चिंताएं बढ़ गई हैं। दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता ने कच्चा दूध न पीने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य जगत में एक बार फिर से एवियन इन्फ्लूएंजा यानी H5N1 को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। यह खतरनाक वायरस आम तौर पर पक्षियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब इसके मामले स्तनधारी जीवों में भी देखे जाने लगे हैं। अमेरिका के वॉशिंगटन से एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक व्यक्ति संक्रमित गायों के संपर्क में आने के बाद इस बीमारी की चपेट में आ गया। इस ताजा घटनाक्रम ने आम जनमानस में यह चिंता पैदा कर दी है कि क्या यह बीमारी मवेशियों से इंसानों में फैल सकती है और क्या इसका असर हमारी रोजमर्रा की खान-पान की आदतों पर भी पड़ सकता है।

विशेष तौर पर यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या बिना उबाला या कच्चा दूध पीने से भी बर्ड फ्लू का संक्रमण फैल सकता है। जानकारों के अनुसार, यदि कोई गाय इस वायरस से संक्रमित है, तो उसके कच्चे दूध में वायरस की मौजूदगी संभव हो सकती है। ऐसे में बिना पाश्चुरीकरण वाला दूध पीना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। पाश्चुरीकरण वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें दूध को एक तय तापमान पर गर्म करके उसमें मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट किया जाता है। इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे कच्चा दूध पीने से परहेज करें और दूध को अच्छी तरह उबालकर ही उपयोग में लाएं। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि बाजार में मिलने वाला हर डेयरी उत्पाद दूषित है, बल्कि एहतियात के तौर पर केवल सही तरीके से प्रोसेस किए गए दूध का ही सेवन करना चाहिए।

ये भी पढ़ें

इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि भारत में फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है। डॉ. अरुण गुप्ता ने जनता को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा, "बीमार जानवरों से दूरी बनाए रखें और उन्हें छूने से बचें।" उनका कहना है कि हालांकि यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों में पनपता है, लेकिन गायों जैसे अन्य जीवों में इसके मिलने से पशुपालकों और डेयरी या पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि किसी पशु या पक्षी में संक्रमण के लक्षण नजर आते हैं, तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य या पशु चिकित्सा अधिकारियों को दी जानी चाहिए।

विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए कुछ खास सावधानियां और दिशा-निर्देश साझा किए हैं जिनका पालन करके इस संक्रमण के खतरे से बचा जा सकता है। बीमार या मृत पड़े जानवरों और पक्षियों को अपने हाथों से सीधे न छुएं। पोल्ट्री फार्मिंग या पशुपालन से जुड़े लोग काम के दौरान पूरे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति ने किसी संदिग्ध जानवर के संपर्क में आने के बाद शरीर में तेज बुखार, खांसी, आंखों में लालीपन या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस किए हैं, तो उसे बिना देर किए किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपनी ट्रेवल या संपर्क हिस्ट्री की जानकारी देनी चाहिए।

कुल मिलाकर, वॉशिंगटन की इस घटना ने यह चेतावनी जरूर दी है कि H5N1 अब केवल एवियन प्रजाति तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह स्तनधारियों के जरिए भी फैल सकता है। बावजूद इसके, भारतीय नागरिकों को अभी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। यदि लोग थोड़ी सी सूझबूझ का परिचय दें, कच्चे दूध के सेवन से बचें और बीमार पशुओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, तो इस जोखिम को काफी हद तक टाला जा सकता है। स्वास्थ्य महकमा और विशेषज्ञ लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे केवल प्रमाणित और सुरक्षित खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें।

सवाल-जवाब

H5N1 वायरस क्या है?
H5N1 इन्फ्लूएंजा वायरस का एक प्रकार है जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इंसानों और अन्य जानवरों तक भी पहुंच सकता है।
वॉशिंगटन में क्या मामला सामने आया है?
वॉशिंगटन में संक्रमित गायों के संपर्क में आने से एक व्यक्ति के H5N1 से संक्रमित होने का मामला सामने आया है।
क्या कच्चा दूध पीने से बर्ड फ्लू हो सकता है?
हाँ, संक्रमित गायों के कच्चे और बिना पाश्चुरीकरण वाले दूध में वायरस मौजूद हो सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा रहता है।
क्या भारत में बर्ड फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत है?
दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता के अनुसार, भारत में फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
डॉ. अरुण गुप्ता ने लोगों को क्या सलाह दी है?
उन्होंने बीमार जानवरों से दूरी बनाए रखने, उन्हें न छूने और कच्चा दूध पीने से बचने की सलाह दी है।
संक्रमित जानवर के संपर्क में आने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं?
बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी या आंखों में लाली जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·7 दिन पहले

अमेरिका की बात यहाँ डराने के लिए काफ़ी है, पर कच्चा दूध तो हमारे यहाँ गाँवों में रोज़ लोग बिना उबाले पीते हैं।

Michael Anderson@michael-anderson·7 दिन पहले

कच्चा दूध पीने का जोखिम कौन ले! उबालकर ही पीना समझदारी है।

Vikram Yadav@vikram-yadav·7 दिन पहले

माइकल, बात तो सही है आपकी। पर ये बताइए कि क्या पैकेट वाला दूध पूरी तरह से सुरक्षित है या उसे भी उबालना चाहिए?

Nyra Kaif@nyra-kaif·7 दिन पहले

कच्चा दूध पीने का ट्रेंड वैसे भी रिस्की था, अब तो बर्ड फ्लू का डर भी जुड़ गया है। बेहतर है थोड़ा संभलकर रहें और हमेशा अच्छी तरह उबालकर ही पिएं।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·7 दिन पहले

नयारा जी, सही कहा आपने। वैसे भी डॉक्टर अरुण गुप्ता ने भी यही कहा है कि बीमार जानवरों से दूर रहना चाहिए और कच्चा दूध पीने से बचना ही समझदारी है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp