अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड दशकों के रिकॉर्ड स्तर पर, वैश्विक मुद्राओं और सोने पर दबाव बढ़ाबेकार प्लास्टिक बाल्टी और रस्सी से बनाएं रिंग टेक्सचर वाला शानदार सीमेंट प्लांटरपैनकेक ब्रेड तकनीक से पतले बालों में भी दिखेगी घनी और खूबसूरत चोटीऐप्पल मैक स्टूडियो एम5 अल्ट्रा में स्थानीय एआई वर्कलोड और गेमिंग को मिली भारी रफ्तारफिल्म 'हनुमान अंश' के भक्ति गीत 'पार्वती' का डिजिटल दुनिया में दबदबा, यूट्यूब पर 10 करोड़ से अधिक बार देखा गयाफॉर्म 6 विवाद पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार, कांग्रेस सांसद को बताया भ्रामक प्रचार का जरियाघर में फेंगशुई कछुआ स्थापित करने के नियम: धातु, स्फटिक और काष्ठ के लिए सही दिशाएंदिखौ नदी में पानी का बहाव सामान्य, नगालैंड भूस्खलन के बाद असम के शिवसागर प्रशासन ने दी राहत भरी खबरछत पर लहलहाएगा किचन गार्डन, रसोई के कचरे और गोबर से ऐसे बनाएं मुफ्त जैविक खादभोजन के बाद सीने में चुभन और जलन को साधारण गैस न समझें, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत
भोजन के बाद सीने में चुभन और जलन को साधारण गैस न समझें, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेतस्वास्थ्य
1 अक्तू॰ 2026, 4:37 pm (17 मिनट पहले)· 0

भोजन के बाद सीने में चुभन और जलन को साधारण गैस न समझें, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

खाने के तुरंत बाद छाती में होने वाली जलन को महज अपच मानना सेहत पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या जीईआरडी का लक्षण हो सकती है, जिसे समय रहते न संभालना गंभीर जटिलताएं पैदा करता है।

दोपहर या रात के भोजन के बाद छाती के बीचों बीच अचानक तेज जलन या खट्टेपन का अहसास होना बेहद आम बात मानी जाती है। अधिकांश लोग इस तरह की तकलीफ को सामान्य बदहजमी अथवा पेट की गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर घरेलू नुस्खों के सहारे टाल देते हैं। हालांकि, बार-बार उभरने वाली इस तकलीफ को बिना सोचे-समझे छोड़ देना शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। फोर्टिस अस्पताल मानेसर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में वरिष्ठ सलाहकार डॉ अभिनंदन मिश्र के अनुसार, भोजनोपरांत सीने में होने वाली जलन के पीछे के वास्तविक कारणों को समझना बेहद जरूरी है ताकि वक्त रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज और इसका प्रभाव

चिकित्सकीय दृष्टि से देखा जाए तो भोजन के बाद सीने में उठने वाली इस जलन का प्रमुख कारण गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD हो सकता है। सामान्य पाचन तंत्र में पेट और भोजन नली के बीच स्थित वॉल्व भोजन को नीचे जाने के बाद बंद हो जाता है। जब यह तंत्र ठीक से काम नहीं करता, तब आमाशय में मौजूद पाचक अम्लीय तत्व उल्टी दिशा में बहकर इसोफेगस यानी भोजन नली की तरफ लौटने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप छाती के मध्य भाग में असहज चुभन और जलन महसूस होती है। इसके अलावा, मुंह का स्वाद अचानक खट्टा होना, गले तक तरल पदार्थ का चढ़ना और खाया हुआ भोजन बार-बार गले में लौटता हुआ महसूस होना इस स्थिति के जाने-पहचाने लक्षण हैं। भरपेट खाना खाने से पेट का आंतरिक दबाव बढ़ जाता है, जिससे एसिड का यह उल्टा प्रवाह और भी तीव्र हो जाता है। बहुत ज्यादा ऑयली खाना, चॉकलेट, कैफीन का अधिक इस्तेमाल, देर रात में भोजन करना और खाते ही लेट जाना रिफ्लक्स को और भड़का देता है।

ये भी पढ़ें

सीने में जलन बढ़ाने वाले प्रमुख कारक

जीवनशैली और खानपान से जुड़ी कई ऐसी आदतें हैं जो इस समस्या को लगातार बढ़ावा देती हैं

  • मसालेदार और अधिक तला हुआ भोजन: अत्यधिक तेल और तीखे मसालों से बने व्यंजन पेट के भीतर एसिड के स्तर को काफी बढ़ा देते हैं। इसके साथ ही यह निचले वाल्व की पकड़ को ढीला कर देते हैं, जिससे तेजाब आसानी से ऊपर चढ़ जाता है।
  • खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर जाना: भोजन करने के एकदम बाद लेट जाने से गुरुत्वाकर्षण का प्राकृतिक प्रभाव समाप्त हो जाता है। सीधा लेटने पर पेट का एसिड आसानी से भोजन नली की तरफ वापस आने लगता है।
  • जरूरत से ज्यादा खाना खाना: एक ही बार में अत्यधिक मात्रा में आहार लेने से आमाशय पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। यह अतिरिक्त दबाव भीतर मौजूद एसिड को ऊपर की दिशा में धकेल देता है।
  • कैफीन, सिगरेट और शराब का सेवन: अत्यधिक चाय, कॉफी, वातित पेय यानी कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, सिगरेट और मदिरा का सेवन लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर यानी एलईएस वाल्व को कमजोर कर देता है।
  • मोटापा और पेट का अतिरिक्त दबाव: शरीर का अत्यधिक वजन बढ़ने अथवा गर्भावस्था के दौरान उदर क्षेत्र में आंतरिक दबाव अधिक हो जाता है। यह बढ़ा हुआ दबाव भी एसिड रिफ्लक्स की तीव्रता को तेज कर देता है।

बार-बार होने वाली जलन को अनदेखा करने के खतरे

कभी-कभार कुछ उल्टा-सीधा खा लेने से होने वाली जलन आमतौर पर किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होती। परंतु यदि कोई व्यक्ति हफ्ते में दो या उससे अधिक बार इस परेशानी से जूझ रहा है, तो इसे सामान्य मानकर टालना भारी भूल साबित हो सकता है। अनियंत्रित रूप से लंबे समय तक बना रहने वाला GERD भोजन नली की भीतरी परत में गंभीर सूजन पैदा कर सकता है। समय के साथ यह स्थिति भोजन नली में गहरे घाव और संकुचन का रूप ले सकती है। कुछ गंभीर मामलों में यह बैरेट्स एसोफैगस नामक विकार को जन्म देती है, जो आगे चलकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे को बढ़ा देती है। इस समस्या से बचने के लिए रात्रि के भोजन और सोने के समय के बीच कम से कम दो से तीन घंटे का स्पष्ट अंतराल रखना चाहिए। इसके साथ ही ओवरईटिंग से बचना और उन खास भोज्य पदार्थों की पहचान कर उनसे दूरी बनाना आवश्यक है जो इस जलन को बार-बार ट्रिगर करते हैं।

सवाल-जवाब

भोजन के बाद सीने में जलन होने का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD हो सकता है, जिसमें पेट का एसिड वापस भोजन नली में पहुंच जाता है।
कौन से खाद्य पदार्थ सीने की जलन को ज्यादा बढ़ा देते हैं?
अत्यधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन, कैफीन, चॉकलेट, वातित पेय और देर रात में लिया गया भारी खाना इस जलन को तेजी से बढ़ाते हैं।
हफ्ते में कितनी बार यह परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
यदि सीने में जलन की समस्या सप्ताह में दो या उससे अधिक बार महसूस हो, तो इसे साधारण गैस न समझकर तुरंत विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
सीने की जलन को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से क्या खतरे हो सकते हैं?
लगातार अनियंत्रित रिफ्लक्स से भोजन नली में सूजन, गहरे घाव, संकुचन और बैरेट्स एसोफैगस हो सकता है, जिससे आगे कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
इस समस्या से बचने के लिए भोजन और सोने के बीच कितना अंतर होना चाहिए?
भोजन करने और सोने के बीच कम से कम दो से तीन घंटे का स्पष्ट अंतर रखना चाहिए ताकि पेट का एसिड ऊपर न चढ़े।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp