चंद्रपुर में जिला अस्पताल के सामने खूनी संघर्ष, पेवर ब्लॉक से कुचलकर युवक की हत्यामारुति और टाटा की सीएनजी कारों का दबदबा, जानिए सितंबर 2026 की टॉप बिकने वाली गाड़ियांट्रेडिशनल कपड़ों के साथ वेस्टर्न फुटवियर का ट्रेंड, साड़ी और लहंगे पर स्नीकर्स का जलवाकरवाचौथ की सरगी में ऐसे बनाएं सेवई, दिनभर नहीं लगेगी भूख और प्यास, नोट करें आसान रेसिपीआमिर खान की बेटी आयरा खान का बढ़ा वजन, बोलीं- 80 किलो के करीब पहुंचा मीटरसीआईएसएफ के तीरंदाजों ने रांची में लहराया परचम, कुल 16 पदक जीतकर रचा इतिहासनाइजीरिया में खूनी संघर्ष, 62 लोगों की गोलीबारी में मौत और हजारों बेघरनितेश तिवारी की रामायण के ग्रैंड प्रीमियर से पहले सामने आया विजन वीडियो, दिखे चार साल के पर्दे के पीछे के प्रयासरणबीर कपूर की 'रामायण' ग्लोबल लेवल पर मचाएगी धमाल, 100 देशों और 50 हजार स्क्रीन्स पर उतरने की पूरी तैयारीकरवा चौथ 2026: आपके शहर में कब है सूर्योदय और सरगी खाने का सही समय, जानें पूरी टाइमिंग
बिहार के एलएनजेपी अस्पताल में लापरवाही उजागर, तीन चिकित्सकों को मिला शो-कॉज़ नोटिसस्वास्थ्य
22 जुल॰ 2026, 4:14 am (98 दिन पहले)· 1

बिहार के एलएनजेपी अस्पताल में लापरवाही उजागर, तीन चिकित्सकों को मिला शो-कॉज़ नोटिस

बिहार के एलएनजेपी अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के औचक निरीक्षण के बाद तीन डॉक्टरों को शो-कॉज़ नोटिस दिया गया है, तीनों से सात दिन में जवाब मांगा गया है।

बिहार के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल यानी एलएनजेपी में तीन डॉक्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ियों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों चिकित्सकों को अलग-अलग वजहों से शो-कॉज़ नोटिस थमाया है और सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।

7 जुलाई का निरीक्षण बना वजह

दरअसल स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार 7 जुलाई को एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे थे और वहां की व्यवस्थाओं को करीब से परखा था। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, डॉक्टरों की मौजूदगी और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में कई खामियां पकड़ में आईं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।

ये भी पढ़ें

किस डॉक्टर पर क्या आरोप

स्वास्थ्य विभाग की जांच में तीनों डॉक्टरों पर अलग-अलग तरह की लापरवाही के आरोप लगे हैं। डॉ. श्याम किशोर पर आरोप है कि वे अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज के लिए अपने निजी क्लिनिक भेज देते थे, जो सरकारी सेवा में रहते हुए गंभीर अनियमितता मानी जाती है। वहीं डॉ. राजकिशोर रौशन निरीक्षण के वक्त अस्पताल में मौजूद ही नहीं मिले, यानी वे बिना बताए अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए। तीसरे डॉक्टर, डॉ. अमरनाथ प्रसाद पर आरोप है कि वे वार्ड का राउंड नियमित रूप से नहीं लेते थे और भर्ती मरीजों की निगरानी ठीक ढंग से नहीं करते थे, जिससे मरीजों के इलाज में देरी और जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है।

सात दिन में देना होगा जवाब

स्वास्थ्य विभाग ने तीनों डॉक्टरों को भेजे नोटिस में साफ कहा है कि उन्हें सात दिनों के अंदर अपनी सफाई देनी होगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी डॉक्टर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो नियमों के मुताबिक उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। यानी मामला सिर्फ नोटिस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जवाब के आधार पर तय होगा कि किसी डॉक्टर पर क्या कदम उठाया जाए।

सरकारी अस्पतालों में सख्ती जारी

यह कोई पहला मौका नहीं है जब निशांत कुमार के निरीक्षण के बाद किसी अस्पताल में कार्रवाई हुई हो। स्वास्थ्य मंत्री लगातार राज्य के सरकारी अस्पतालों का औचक दौरा कर रहे हैं और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत एक्शन ले रहे हैं। सरकार का कहना है कि मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मुहैया कराना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। डॉक्टरों की अनुपस्थिति, मरीजों को निजी क्लिनिक भेजने या वार्ड की निगरानी में लापरवाही जैसी शिकायतों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस तरह की सख्ती से सरकारी अस्पतालों में जवाबदेही बढ़ेगी और आम मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

सवाल-जवाब

निशांत कुमार ने एलएनजेपी अस्पताल का निरीक्षण कब किया था?
उन्होंने 7 जुलाई को एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था।
किन तीन डॉक्टरों को शो-कॉज़ नोटिस मिला है?
डॉ. श्याम किशोर, डॉ. राजकिशोर रौशन और डॉ. अमरनाथ प्रसाद को नोटिस जारी किया गया है।
डॉ. श्याम किशोर पर क्या आरोप है?
उन पर मरीजों को इलाज के लिए अपने निजी क्लिनिक भेजने का आरोप है।
डॉ. राजकिशोर रौशन पर क्या आरोप है?
निरीक्षण के दौरान वे अस्पताल से अनुपस्थित पाए गए थे।
डॉ. अमरनाथ प्रसाद पर क्या आरोप लगा है?
उन पर नियमित वार्ड राउंड न लेने और मरीजों की समुचित निगरानी न करने का आरोप है।
डॉक्टरों को जवाब देने के लिए कितना समय दिया गया है?
तीनों डॉक्टरों को सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp