फिट रहने और उम्र बढ़ाने के लिए जिम की महंगी मेंबरशिप या भारी वजन उठाना जरूरी नहीं है, यह सोच अब पुरानी हो चुकी है। फिटनेस एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बिना बीमारी के जीने की अवधि यानी 'हेल्थ स्पैन' बढ़ाने का असली रास्ता आपके घर से ही शुरू होता है। दिलचस्प बात यह है कि लंबी उम्र के लिए एक्सरसाइज में तीव्रता (इंटेंसिटी) से कहीं ज्यादा निरंतरता (कंसिस्टेंसी) मायने रखती है।
उम्र बढ़ने के साथ शरीर को जवान और एक्टिव बनाए रखने के लिए चार चीजों पर ध्यान देना सबसे जरूरी है, मसल्स मास यानी मांसपेशियों की ताकत, कॉग्निटिव फंक्शन यानी दिमागी सेहत, दिल की सेहत और शरीर का बैलेंस। अगर आप भी जिम गए बिना ताउम्र चुस्त रहना चाहते हैं, तो नीचे बताई गई 6 आसान घरेलू एक्सरसाइज को आज ही अपने डेली रूटीन में जोड़ लीजिए।
तेज वॉक, सबसे आसान और सबसे असरदार
टहलने को लोग अक्सर बहुत मामूली एक्टिविटी मान लेते हैं, लेकिन हकीकत में यह लंबी उम्र के लिए सबसे कारगर एक्सरसाइज है। रोज सुबह या शाम की तेज वॉक (ब्रिस्क वॉक) दिल को मजबूत बनाने के साथ-साथ ब्लड शुगर लेवल को भी काबू में रखती है। इससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और जोड़ मजबूत बनते हैं, जिसकी वजह से बुढ़ापे में भी शरीर की गतिशीलता बनी रहती है।
स्क्वाट्स, पैरों और कूल्हों की ताकत का राज
लोअर बॉडी यानी पैरों और कूल्हों की मजबूती के लिए स्क्वाट्स से बेहतर कोई एक्सरसाइज नहीं है। बिना किसी इक्विपमेंट के की गई उठक-बैठक शरीर के बड़े मसल्स ग्रुप्स को सक्रिय करती है। यह शरीर का संतुलन सुधारती है, जिससे उम्र बढ़ने पर गिरने और चोट लगने का खतरा काफी घट जाता है। इतना ही नहीं, यह इंसुलिन सेंसिटिविटी और बोन डेंसिटी को भी बढ़ाती है।
प्लैंक, मजबूत कोर का सीधा फायदा
प्लैंक को भले ही सीधे तौर पर लंबी उम्र से न जोड़ा जाता हो, लेकिन कोर यानी पेट और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में इसका कोई जवाब नहीं। मजबूत कोर शरीर के पोस्चर को सुधारता है और रीढ़ की हड्डी को सहारा देता है। नियमित प्लैंक करने से शरीर का को-ऑर्डिनेशन बेहतर होता है, जिससे उठना-बैठना और चलना-फिरना आसान बना रहता है।
पुश-अप्स, अपर बॉडी की मजबूती
ऊपरी शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए पुश-अप्स सबसे लोकप्रिय एक्सरसाइज है। रिसर्च बताती है कि अपर बॉडी की अच्छी स्ट्रेंथ किसी भी कारण से होने वाली अकाल मृत्यु (ऑल-कॉज मॉर्टलिटी) के जोखिम को कम करती है। अगर शुरुआत में फ्लोर पुश-अप्स मुश्किल लग रहे हों, तो दीवार (वॉल पुश-अप्स) या किचन काउंटर का सहारा लेकर शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे फर्श पर आ सकते हैं।
ताई ची, बैलेंस सुधारने वाली प्राचीन कला
बढ़ती उम्र में गिरने या असंतुलित होने से लगी चोटें कई बार जानलेवा साबित हो जाती हैं। ताई ची एक ऐसी पुरानी एक्सरसाइज है जो शरीर के बैलेंस को बेहतरीन बना देती है। इसके धीमे और सौम्य मूवमेंट तथा गहरी सांस लेने की तकनीक मानसिक तनाव घटाने के साथ शारीरिक संतुलन भी बनाए रखती है, जिससे बुजुर्गों में गिरने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
स्टेप-अप्स, घर की सीढ़ियों से ही कमाल
घर की सीढ़ियों या किसी छोटे स्टूल यानी स्टेपर की मदद से स्टेप-अप्स किए जा सकते हैं। यह एक बढ़िया एरोबिक एक्सरसाइज है जो आपके कार्डियोवैस्कुलर यानी दिल और फेफड़ों की सेहत को दुरुस्त रखती है और रोजमर्रा के फंक्शनल मूवमेंट्स को आसान बनाती है। चाहें तो हाथों में हल्का वजन या पानी की बोतलें लेकर इसे और चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता है।
सिर्फ एक्सरसाइज ही काफी नहीं
फिटनेस एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि अकेले एक्सरसाइज से बात नहीं बनती। लंबी और रोगमुक्त जिंदगी के लिए नियमित वर्कआउट के साथ पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित डाइट और 7 से 8 घंटे की गहरी नींद भी उतनी ही जरूरी है। याद रखिए, लंबी उम्र का रास्ता किसी महंगे जिम से नहीं, बल्कि आपकी रोज की अच्छी आदतों से होकर गुजरता है।













