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घर में गिरने या फिसलने की मामूली चोट न समझें, न्यूरो विशेषज्ञ ने बताए जानलेवा संकेतस्वास्थ्य
23 अक्तू॰ 2026, 5:24 pm (4 दिन पहले)· 2

घर में गिरने या फिसलने की मामूली चोट न समझें, न्यूरो विशेषज्ञ ने बताए जानलेवा संकेत

फरीदाबाद के अमृता अस्पताल के डॉक्टर गौरव कक्कड़ के अनुसार घर में गिरने से लगने वाली चोटों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। खासकर सिर और सीने पर लगी चोट के गंभीर लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।

घर के भीतर सीढ़ियों से पांव फिसल जाना या बाथरूम में अचानक संतुलन खो बैठना बहुत साधारण सी बात प्रतीत हो सकती है। ज्यादातर लोग ऐसी घटनाओं को सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। इस तरह के हादसों के कारण सिर, रीढ़, छाती और शरीर की हड्डियों पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेष तौर पर छोटे बच्चों और उम्रदराज लोगों के लिए ऐसी स्थितियां काफी जोखिम भरी साबित हो सकती हैं। फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल के न्यूरोएनेस्थीसिया और न्यूरोक्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ. गौरव कक्कड़ ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की है कि किन शारीरिक संकेतों को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए और किस समय मरीज को फौरन चिकित्सा केंद्र ले जाना आवश्यक हो जाता है।

घरेलू हादसों से भी हो सकता है भारी ट्रॉमा

डॉक्टर गौरव का कहना है कि गंभीर शारीरिक क्षति के लिए हमेशा किसी सड़क दुर्घटना का होना अनिवार्य नहीं है। घर के अंदर फर्श पर गिर जाना या सीढ़ियों से नीचे आ जाना भी सिर, गर्दन, छाती और बड़ी हड्डियों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इस प्रकार की दुर्घटनाओं के समय बच्चों और वृद्धों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। अक्सर ऐसा होता है कि दुर्घटना की शुरुआत में चोट बहुत मामूली सी लगती है, लेकिन अंदरूनी जख्म की भयावहता कुछ समय पश्चात सामने आती है।

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बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है हल्की सी ठोकर

डॉक्टर गौरव के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ इंसानी शरीर का संतुलन बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे गिरने का खतरा भी अधिक हो जाता है। इसके अतिरिक्त, बहुत से बुजुर्ग किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण खून को पतला करने वाली औषधियों का सेवन कर रहे होते हैं। ऐसी परिस्थिति में यदि सिर पर एक हल्की सी खरोंच भी आ जाए, तो वह बड़ी स्वास्थ्य समस्या का रूप ले सकती है। यही कारण है कि घर के किसी वरिष्ठ सदस्य के गिरने पर उसकी अनदेखी करना बड़ी भूल साबित हो सकता है।

सिर पर चोट लगने के बाद इन लक्षणों को पहचानें

विशेषज्ञ का मार्गदर्शन है कि दुर्घटना के उपरांत यदि पीड़ित व्यक्ति अचेत हो जाए, उसे असहनीय सिरदर्द की शिकायत हो, बार-बार उल्टी होने लगे या चक्कर आने की समस्या बने, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। इसके अलावा, यदि शरीर के किसी खास हिस्से जैसे हाथ या पैर में ताकत कम महसूस होने लगे, तो यह किसी गंभीर अंदरूनी खतरे की चेतावनी हो सकती है। ऐसे लक्षण प्रकट होने पर रोगी को विलंब किए बिना किसी सुसज्जित चिकित्सालय में पहुंचाना चाहिए।

छाती और पेट के अंदरूनी हिस्सों पर रखें पैनी नजर

डॉक्टर गौरव बताते हैं कि सीने या उदर क्षेत्र पर जोर का आघात लगने से भी स्थिति बेहद नाजुक हो सकती है। पीड़ित का रक्तचाप तेजी से नीचे जाना, हृदय की गति का असामान्य रूप से बढ़ जाना और शरीर के भीतर ऑक्सीजन की मात्रा में गिरावट आना बड़े खतरों के परिचायक हैं। कई बार गंभीर आंतरिक रक्तस्राव होने पर बाहर से कोई खून नहीं दिखाई देता, परंतु अंदर ही अंदर रोगी की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली जाती है।

किन आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत पहुंचे अस्पताल

डॉक्टर गौरव सलाह देते हैं कि चोट लगने के पश्चात बेहोशी छा जाना, सिर में तेज दर्द रहना, लगातार उल्टी होना, अंगों में कमजोरी महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना या अत्यधिक मात्रा में रक्त का रिसाव होने की स्थिति में तत्काल अस्पताल का रुख करना चाहिए। यदि शरीर के बाहरी हिस्से से खून बह रहा हो, तो किसी साफ कपड़े से घाव पर दबाव बनाकर खून को बहने से रोकने का प्रयास करना चाहिए और यथाशीघ्र घायल को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। अंदरूनी ब्लीडिंग होने की आशंका होने पर भी किसी भी प्रकार की देरी नहीं करनी चाहिए।

सवाल-जवाब

घर में गिरने पर किन अंगों में गंभीर चोट लग सकती है?
घर में गिरने या फिसलने पर सिर, गर्दन, छाती और शरीर की बड़ी हड्डियों में गंभीर चोट आ सकती है।
बुजुर्गों के लिए मामूली चोट भी खतरनाक क्यों हो जाती है?
उम्र बढ़ने से संतुलन कमजोर होने और कई बुजुर्गों द्वारा खून पतला करने वाली दवाएं लेने के कारण हल्की चोट भी गंभीर परेशानी बन सकती है।
सिर पर चोट लगने के बाद कौन से मुख्य लक्षण दिखने पर सतर्क होना चाहिए?
बेहोशी, तेज सिरदर्द, बार-बार उल्टी, चक्कर आना और हाथ-पैर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत सतर्क होना चाहिए।
छाती या पेट पर चोट लगने पर कौन से खतरे के संकेत मिलते हैं?
ब्लड प्रेशर कम होना, दिल की धड़कन तेज होना और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरना खतरे के संकेत हैं।
बाहरी खून बहने पर तुरंत क्या प्राथमिक उपाय करना चाहिए?
साफ कपड़े से घाव पर दबाव बनाकर रक्तस्राव रोकने का प्रयास करना चाहिए और मरीज को जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए।
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टिप्पणियाँ 4

Ananya Iyer@ananya-iyer·3 दिन पहले

घर में खून पतला करने वाली दवाइयां खाने वाले बुजुर्गों का गिरना सचमुच डरावना है। कई बार हमें लगता है कि मामूली चोट है, पर अंदरूनी ब्लीडिंग का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

Aisha Khan@aisha-khan·3 दिन पहले

अन्या, तुम बिल्कुल सही कह रही हो। घर में बुजुर्गों का गिरना सचमुच नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर जब वे खून पतला करने वाली दवाइयां ले रहे हों।

Nyra Kaif@nyra-kaif·3 दिन पहले

पिछले महीने ही दादी बाथरूम में स्लिप हो गई थीं। पहले तो उन्होंने हँसकर टाल दिया कि कुछ नहीं हुआ, लेकिन जब चक्कर आने लगे और रात को सिर भारी होने की बात बोली, तो तुरंत डॉक्टर के पास भागना पड़ा। गनीमत रही कि समय पर पहुँच गए वरना ब्लड थिनर की वजह से डॉक्टर ने अंदरूनी ब्लीडिंग का खतरा बता दिया था। सच में, घर की इन छोटीमोटी चोटों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 दिन पहले

नयारा जी, ब्लड थिनर लेने वालों के मामले सचमुच बहुत संवेदनशील होते हैं। गनीमत रही कि आप समय पर अस्पताल पहुँच गईं।

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