शारीरिक तंदुरुस्ती और अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए लोग अक्सर अपने दैनिक आहार में विभिन्न प्रकार के सूखे मेवों को शामिल करते हैं। आमतौर पर काजू और बादाम को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन पिस्ता भी सेहत के लिहाज से बेहद उपयोगी और महत्वपूर्ण माना जाता है। पिस्ता को लोग स्नेक्स के रूप में सीधे खाना पसंद करते हैं, जबकि इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कई तरह की मिठाइयों और पेस्ट्रीज में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। यही कारण है कि यह बाजार में अन्य ड्राई फ्रूट्स की तुलना में थोड़ा महंगा मिलता है। हालांकि, इसमें मौजूद पोषक तत्वों का खजाना शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है।
इम्यूनिटी मजबूत करने वाले पोषक तत्वों की भरमार
रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय की आयुष चिकित्सक डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार, पिस्ता अन्य मेवों के मुकाबले सेहत के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होता है। इसमें विटामिन B6, प्रोटीन, आवश्यक मिनरल्स, प्रचुर मात्रा में फाइबर और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये सभी तत्व मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर मौसमी बीमारियों और संक्रमणों से आसानी से बचाव कर पाता है।
आंखों की सुरक्षा और वात रोगों में राहत
पिस्ता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ल्यूटिन और जीएक्सैंथिन जैसे विशेष एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये दोनों तत्व आंखों की रोशनी और दृष्टि सुरक्षा के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इसके अलावा, पिस्ता का नियमित और सीमित सेवन अनिद्रा की समस्या, भूख न लगना, मोटापा और शरीर में वात संबंधी बीमारियों से भी राहत दिलाने में मदद करता है। इतना ही नहीं, यह हृदय को स्वस्थ रखने और त्वचा की देखभाल के लिए भी बहुत उपयोगी माना जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद
पिस्ता में मौजूद प्रचुर पोषक तत्व शरीर की संपूर्ण ऊर्जा और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करते हैं। यही वजह है कि इसे छोटे बच्चों के शारीरिक विकास और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से सही मात्रा में इसका सेवन करने से कमजोर शरीर को मजबूती मिलती है।
पिस्ता के सेवन का सही तरीका और सावधानियां
पिस्ता के सभी औषधीय गुणों का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही तरीके से खाना बेहद जरूरी है। डॉ. स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि पिस्ता खाने से पहले उसे पानी में भिगो देना चाहिए। चूंकि पिस्ता की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए और हमेशा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। इसके अलावा, जो लोग इसे सीधे नहीं खाना चाहते, वे इसे मिठाई या अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों में मिलाकर भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।



















