डिजिटल नेटवर्क से जुड़ा डीबीएस डिग्री कॉलेज, कानपुर के छात्र 28 देशों की 4 करोड़ किताबों तक पा सकेंगे पहुंचरक्षाबंधन पर सज गए पलटन बाजार, 10 रुपये की शुरुआती कीमत में इविल आई और लुंबा राखियों की भारी मांगअजमेरी गेट से स्कूटी पर रवाना हुए कलेक्टर संदेश नायक, जयपुर के परकोटे में रातभर परखी सफाई व्यवस्थाकरेला, कच्चा आम और लहसुन का स्पेशल चटपटा अचार, हर कोई मांगेगा बार-बारभारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बधाई संदेश पर वोलोदिमिर जेलेंस्की ने व्यक्त किया आभार, युद्ध के सम्मानजनक अंत की जताई उम्मीदसूर्यापेट हादसे में हैदराबाद से एलुरु जा रही बस के उड़े परखच्चे 6 की मौत और 20 गंभीरबैंक ऑफ जापान सितंबर में 1.25 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है ब्याज दरें, विश्लेषकों ने दिए संकेतविशेष फव्वारे और अनूठे मिजाज के बल पर गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में छाया गंगा प्रसादगोवा में हुतात्मा स्मृति स्मारक का उद्घाटन करेंगे राजनाथ सिंह, पुर्तगाली शासन के खिलाफ लड़ने वाले बलिदानियों को दी श्रद्धांजलिऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेजी, महंगाई के आंकड़ों से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद मजबूत
रांची में सर्दी, सिरदर्द और साइनस से राहत दिलाने में मददगार है कपूर, सरसों तेल और घी का मिश्रणस्वास्थ्य
26 अग॰ 2026, 6:49 am (1 घंटे पहले)· 3

रांची में सर्दी, सिरदर्द और साइनस से राहत दिलाने में मददगार है कपूर, सरसों तेल और घी का मिश्रण

रांची में सर्दी, तेज सिरदर्द और साइनस की समस्या दूर करने के लिए घी, कपूर और सरसों तेल के मिश्रण का उपयोग काफी प्रचलित है। आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे और स्थानीय गृहणी उषा के अनुसार यह उपाय बंद नाक खोलने, सूखापन खत्म करने और सिरदर्द में 80% तक आराम देने में सहायक है।

झारखंड की राजधानी रांची में मौसम के प्रभाव से होने वाले जुकाम, तेज सिरदर्द और साइनस की परेशानी से बचने के लिए एक पारंपरिक घरेलू तरीका अपनाया जाता है। इस उपाय के तहत शुद्ध घी, देसी कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण तैयार करके नाक में डाला जाता है और साथ ही सिर की हल्की मालिश की जाती है। स्थानीय लोग इस नुस्खे का इस्तेमाल करके स्वास्थ्य में काफी राहत महसूस करते हैं।

मिश्रण में शामिल घटकों के आयुर्वेदिक लाभ

इस मिश्रण के वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे ने इसके औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दी है। उनके अनुसार तीनों चीजों का संयोजन नाक के मार्ग को स्वस्थ रखने में विशेष भूमिका निभाता है

ये भी पढ़ें
  • कपूर के गुण: कपूर में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं। जब इसे नाक के नथुनों में डाला जाता है, तो यह बाहरी धूल-मिट्टी या एलर्जी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है और तुरंत आराम पहुंचाता है।
  • घी की भूमिका: देसी घी एक उत्कृष्ट लुब्रिकेंट के रूप में कार्य करता है। यह नाक के भीतर की त्वचा और झिल्ली की शुष्कता यानी ड्राइनेस को समाप्त करता है। नाक में सूखापन रहने से व्यक्ति को बार-बार छींकने और खांसने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
  • सरसों तेल के फायदे: सरसों का तेल भी एंटीबैक्टीरियल क्षमताओं से भरपूर होता है और लुब्रिकेंट की तरह काम करता है। यह बंद नथुनों को खोलने तथा श्वास नली की सफाई करने में काफी मददगार साबित होता है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे का कहना है कि जब इन तीनों सामग्रियों को एक निश्चित अनुपात में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, तो इनका असर कई गुना बढ़ जाता है और रोगी को जल्द आराम मिलता है।

प्रयोग करने की सही विधि और समय

रांची की गृहणी उषा का कहना है कि यह सदियों पुराना आजमाया हुआ घरेलू उपाय है। इस नुस्खे को नियमित रूप से रोजाना करने के बजाय सप्ताह में केवल एक बार उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

गृहणी उषा के अनुसार, रात को सोने से ठीक पहले इस मिश्रण की एक-एक बूंद दोनों नाक के छिद्रों में डालनी चाहिए। इसके तुरंत बाद नाक और माथे तथा सिर पर हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए और बिना देर किए सो जाना चाहिए। इस आसान प्रक्रिया का पालन करने से अगली सुबह तक सर्दी, बंद नाक और सिरदर्द में लगभग 80% तक राहत मिलने का दावा किया जाता है।

सवाल-जवाब

सर्दी और सिरदर्द से राहत पाने के लिए इस नुस्खे में किन चीजों का इस्तेमाल होता है?
इस घरेलू नुस्खे में शुद्ध घी, कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण तैयार किया जाता है।
इस नुस्खे का उपयोग कितनी बार करना चाहिए?
इस उपाय को सप्ताह में केवल एक बार रात को सोते समय इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
नाक में कपूर डालने के क्या फायदे बताए गए हैं?
आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे के अनुसार कपूर में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो एलर्जी और बैक्टीरिया को खत्म करके तुरंत राहत देते हैं।
इस मिश्रण में घी का क्या काम है?
घी एक लुब्रिकेंट के रूप में कार्य करता है और नाक की ड्राइनेस यानी सूखेपन को खत्म करता है, जिससे बार-बार आने वाली छींक और खांसी से बचाव होता है।
सरसों तेल बंद नाक को खोलने में कैसे मदद करता है?
सरसों का तेल एंटीबैक्टीरियल होने के साथ लुब्रिकेंट की तरह काम करता है, जो बंद नथुनों को खोलने और श्वास मार्ग को साफ करने में सहायक होता है।
रात को यह उपाय करने से सुबह तक कितना आराम मिलने का दावा है?
गृहणी उषा के अनुसार रात में नाक में एक-एक बूंद डालकर मालिश करने से सुबह तक सर्दी और सिरदर्द में 80% तक राहत मिल जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR