झारखंड की राजधानी रांची में मौसम के प्रभाव से होने वाले जुकाम, तेज सिरदर्द और साइनस की परेशानी से बचने के लिए एक पारंपरिक घरेलू तरीका अपनाया जाता है। इस उपाय के तहत शुद्ध घी, देसी कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण तैयार करके नाक में डाला जाता है और साथ ही सिर की हल्की मालिश की जाती है। स्थानीय लोग इस नुस्खे का इस्तेमाल करके स्वास्थ्य में काफी राहत महसूस करते हैं।
मिश्रण में शामिल घटकों के आयुर्वेदिक लाभ
इस मिश्रण के वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे ने इसके औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दी है। उनके अनुसार तीनों चीजों का संयोजन नाक के मार्ग को स्वस्थ रखने में विशेष भूमिका निभाता है
- कपूर के गुण: कपूर में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं। जब इसे नाक के नथुनों में डाला जाता है, तो यह बाहरी धूल-मिट्टी या एलर्जी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है और तुरंत आराम पहुंचाता है।
- घी की भूमिका: देसी घी एक उत्कृष्ट लुब्रिकेंट के रूप में कार्य करता है। यह नाक के भीतर की त्वचा और झिल्ली की शुष्कता यानी ड्राइनेस को समाप्त करता है। नाक में सूखापन रहने से व्यक्ति को बार-बार छींकने और खांसने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
- सरसों तेल के फायदे: सरसों का तेल भी एंटीबैक्टीरियल क्षमताओं से भरपूर होता है और लुब्रिकेंट की तरह काम करता है। यह बंद नथुनों को खोलने तथा श्वास नली की सफाई करने में काफी मददगार साबित होता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे का कहना है कि जब इन तीनों सामग्रियों को एक निश्चित अनुपात में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, तो इनका असर कई गुना बढ़ जाता है और रोगी को जल्द आराम मिलता है।
प्रयोग करने की सही विधि और समय
रांची की गृहणी उषा का कहना है कि यह सदियों पुराना आजमाया हुआ घरेलू उपाय है। इस नुस्खे को नियमित रूप से रोजाना करने के बजाय सप्ताह में केवल एक बार उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
गृहणी उषा के अनुसार, रात को सोने से ठीक पहले इस मिश्रण की एक-एक बूंद दोनों नाक के छिद्रों में डालनी चाहिए। इसके तुरंत बाद नाक और माथे तथा सिर पर हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए और बिना देर किए सो जाना चाहिए। इस आसान प्रक्रिया का पालन करने से अगली सुबह तक सर्दी, बंद नाक और सिरदर्द में लगभग 80% तक राहत मिलने का दावा किया जाता है।



















