राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों से राष्ट्रभक्ति महाउत्सव मनाने का आह्वान कियारेगुलेटरी दबाव के बीच जेपीमॉर्गन ने पॉलीमार्केट से तोड़े बैंकिंग संबंध, $20 अरब के वैल्यूएशन पर असरसिनेमा के पर्दे पर देशभक्ति के किरदारों से छाए ये कलाकार मनोज कुमार से लेकर विक्की कौशल तक ने रचा इतिहास15 अगस्त 2026 का पंचांग: हरियाली तीज और स्वतंत्रता दिवस पर जानें शुभ योग, पूजा विधि और राहुकालक्रोएशियाई तट पर भीषण दावानल का तांडव, यूरोप में गर्मी के कहर से हजारों लोग पलायन को मजबूरसूर्य का सिंह राशि में गोचर: 17 अगस्त से 5 राशियों का शुरू होगा स्वर्णिम समय, धन और करियर में मिलेगी बड़ी सफलतामूलांक 3 राशिफल 15 अगस्त 2026: ऑफिस मीटिंग में तर्कों से मिलेगी सफलता और रिश्तों में बढ़ेगा भरोसाचीन का 4 फीट का यूनिट्री G1 रोबोट बना सोशल मीडिया सेंसेशन: घंटों के मिलते हैं 1,200 डॉलर, दुनिया भर में मचाया तहलकाविक्रम भट्ट की फिल्म राज के सुपरहिट रोमांटिक गाने जो भी कसमें की सदाबहार दास्तानएमएससीआई के नए नियमों से स्ट्रैटेजी और मेटाप्लैनेट हो सकते हैं ग्लोबल इंडेक्स से बाहर, जानिए पूरा मामला
क्या समोसा और पूड़ी का तेल सोखने वाले टिश्यू पेपर वाकई सेहतमंद बनाते हैं, जानिए क्या है सच्चाईस्वास्थ्य
27 जुल॰ 2026, 5:50 pm (18 दिन पहले)· 0

क्या समोसा और पूड़ी का तेल सोखने वाले टिश्यू पेपर वाकई सेहतमंद बनाते हैं, जानिए क्या है सच्चाई

किचन टिश्यू पेपर पर तली हुई चीजें रखने से केवल सतह का कुछ तेल कम होता है, लेकिन इससे खाना पूरी तरह सेहतमंद नहीं बनता। आइए जानते हैं इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका और सेहत से जुड़े जरूरी पहलू।

भारतीय रसोई में गर्मागर्म पकौड़े, समोसे या पूड़ी बनाने के बाद उन्हें अतिरिक्त तेल से बचाने के लिए किचन पेपर टॉवल या टिश्यू पर निकालने का चलन आम है। अधिकांश घरों में यह माना जाता है कि ऐसा करने से स्नैक्स में मौजूद फालतू चिकनाई हट जाती है और भोजन कुछ हद तक हल्का हो जाता है। लेकिन क्या यह धारणा पूरी तरह सही है? क्या सभी तरह के टिश्यू पेपर खाने की चीज़ों के संपर्क में आने के लिए सुरक्षित होते हैं? इन तमाम सवालों के जवाब समझना बेहद जरूरी है ताकि स्वाद के साथ सेहत से भी किसी तरह का समझौता न हो।

टिश्यू पेपर असल में कितना तेल सोखता है

इस बात में सच्चाई है कि किचन टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करने से कुछ हद तक चिकनाई कम होती है। इन पेपरों में मौजूद सेल्यूलोज फाइबर तली हुई चीज़ों की ऊपरी सतह पर चिपके हुए अतिरिक्त तेल को अपनी तरफ खींच लेते हैं। जब आप कचौड़ी या पूड़ी को कड़ाही से निकालकर तुरंत पेपर पर रखते हैं, तो बाहरी परत पर तैर रहा कुछ ऑयल उसमें समा जाता है। हालांकि, जो तेल तलने के दौरान भोजन के अंदर गहराई तक जा चुका होता है, उसे यह कागज़ बाहर नहीं खींच सकता। इसका सीधा अर्थ यह है कि टिश्यू केवल ऊपरी परत को साफ करता है, पूरे पकवान को फैट-फ्री नहीं बनाता।

ये भी पढ़ें

क्या तला हुआ खाना वाकई सेहतमंद हो जाता है

केवल एक पेपर टॉवल पर पकौड़े या समोसे रख देने से वे पोषक तत्वों से भरपूर या पूरी तरह सेहतमंद नहीं बन जाते। इससे भोजन की सतह पर मौजूद थोड़ी सी चिकनाई जरूर कम होती है, लेकिन उस खाद्य पदार्थ की कुल कैलोरी और वसा की मात्रा लगभग उतनी ही बनी रहती है। यदि आप वाकई अपने तली हुई चीज़ों को कम नुकसानदायक बनाना चाहते हैं, तो तलते समय तेल के सही तापमान का ध्यान रखना, अच्छी गुणवत्ता वाली कुकिंग सामग्री चुनना और मात्रा को सीमित रखना अधिक समझदारी भरा कदम है। यह सोचकर बेफिक्र हो जाना गलत है कि टिश्यू पर रखने के बाद आप मनचाही मात्रा में तली हुई चीज़ें खा सकते हैं।

कौन-से टिश्यू का इस्तेमाल करना चाहिए

भोजन के लिए हमेशा केवल खास तौर पर बनाए गए फूड-ग्रेड किचन टिश्यू पेपर या पेपर टॉवल का ही उपयोग करना चाहिए। इन्हें इस तरह तैयार किया जाता है कि ये खाद्य पदार्थों के सीधे संपर्क में आने पर सुरक्षित रहें। इसके विपरीत, चेहरे पर इस्तेमाल होने वाले फेशियल टिश्यू या रंग-बिरंगे सजावटी नैपकिन इस काम के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं माने जाते क्योंकि वे भोजन के लिहाज से डिजाइन नहीं किए गए होते हैं।

अखबार या प्रिंटेड कागज का प्रयोग क्यों है खतरनाक

आज भी कई छोटी दुकानों या घरों में समोसे, कचौड़ी और पकौड़ों को सीधे पुराने अखबार या छपे हुए कागजों पर परोस दिया जाता है, जो कि सेहत के लिहाज से बेहद नुकसानदेह है। जब गर्म खाद्य पदार्थ ऐसे कागजों के संपर्क में आते हैं, तो छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही और खतरनाक रासायनिक तत्व भोजन में घुल जाते हैं। यही वजह है कि देश के तमाम खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI लोगों को अखबार या प्रिंटेड पेपर पर खाने की चीज़ें रखने से सख्त परहेज करने की सलाह देते हैं।

टिश्यू पर कितनी देर तक भोजन रखना सही है

तले हुए स्नैक्स को किचन टिश्यू पर लगभग तीस सेकंड से लेकर दो मिनट तक रखना ही काफी माना जाता है। इतने समय में ऊपरी सतह का अतिरिक्त तेल आसानी से निकल जाता है। यदि आप इन चीज़ों को बहुत लंबी अवधि तक पेपर पर छोड़ देते हैं, तो अंदर से निकलने वाली भाप के कारण उनकी कुरकुरी बनावट खत्म हो सकती है और कई बार तो कागज़ भी भोजन की सतह से चिपक सकता है।

तेल की मात्रा घटाने के अन्य बेहतर उपाय

यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में बनने वाले स्नैक्स कम से कम तेल अपने अंदर सोखें, तो सिर्फ कागज़ पर निर्भर रहने के बजाय कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखें। हमेशा तेल को एक निश्चित और सही तापमान यानी लगभग 170 से 190 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करने के बाद ही उसमें चीज़ें डालें। यदि तेल बहुत ज्यादा ठंडा होगा, तो पकवान जरूरत से ज्यादा चिकनाई पी लेगा। इसके अलावा, कड़ाही से निकालने के बाद स्नैक्स को कुछ देर के लिए किसी मेटल वायर रैक पर रखना भी फालतू तेल को नीचे टपकाने में काफी मददगार साबित होता है।

सवाल-जवाब

क्या किचन टिश्यू पेपर पर समोसा रखने से उसका सारा तेल निकल जाता है?
नहीं, टिश्यू पेपर केवल बाहरी सतह पर मौजूद थोड़े से तेल को सोखता है, जबकि खाने के अंदर समाया हुआ फैट वैसा ही रहता है।
खाने के लिए किस तरह के टिश्यू का इस्तेमाल करना चाहिए?
तले हुए भोजन के लिए हमेशा फूड-ग्रेड किचन टिश्यू पेपर या पेपर टॉवल का ही उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है।
अखबार या प्रिंटेड पेपर पर खाना क्यों नहीं रखना चाहिए?
गर्म खाने के संपर्क में आने से अखबार की जहरीली स्याही और रसायन भोजन में मिल सकते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हैं।
तले हुए स्नैक्स को टिश्यू पर कितनी देर तक रखना चाहिए?
तले हुए स्नैक्स को लगभग 30 सेकंड से 2 मिनट तक ही टिश्यू पर रखना पर्याप्त होता है ताकि अतिरिक्त सतह का तेल निकल सके।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR