राज्य में आंखों के इलाज की विशेषज्ञ सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से शुक्रवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला गवर्नमेंट आई हॉस्पिटल की आधारशिला रखी। कैपिटल कॉम्प्लेक्स में बनने वाला यह नया अस्पताल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक नेत्र देखभाल सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
100 बेड की क्षमता और दो साल का लक्ष्य
प्रस्तावित नया अस्पताल एक आधुनिक जी+4 बहुमंजिला इमारत में तैयार किया जाएगा, जिसमें उन्नत चिकित्सा उपकरण और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 100 बेड की क्षमता वाला यह नया संस्थान अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (AGMC) के तहत काम करेगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य आगामी दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को जल्द से जल्द बेहतर इलाज मिल सके।
उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने का विजन
इस परियोजना को राज्य सरकार का एक फ्लैगशिप हेल्थकेयर प्रोजेक्ट बताते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उम्मीद जताई कि यह अस्पताल भविष्य में पूर्वोत्तर के प्रमुख आई केयर संस्थानों में से एक बनेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और चिकित्सा पेशेवरों से मिलकर काम करने का आह्वान किया ताकि इस अस्पताल को नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
डिजिटल स्वास्थ्य और स्थानीय ढांचे का सुदृढ़ीकरण
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रौद्योगिकी को अपनाने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने पर लगातार काम कर रही है। ये प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल हेल्थ विजन के बिल्कुल अनुकूल हैं। इसके साथ ही जिला और उप-मंडलीय स्तरों पर भी चिकित्सा ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
आधुनिक नेत्र चिकित्सा की बढ़ती जरूरतें
नए अस्पताल की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए माणिक साहा ने कहा कि वर्तमान में मौजूद आई डिपार्टमेंट अब मरीजों की बढ़ती संख्या और आधुनिक ओप्थेल्मिक इलाज की मांगों को पूरा करने में सक्षम नहीं रह गया था। उन्होंने कहा, "हम आधुनिकीकरण के दौर में हैं और लोगों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं।" आज के समय में ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, रेटिना की बीमारियों और नवजात शिशुओं से जुड़ी आंखों की गंभीर समस्याओं के लिए आधुनिक इलाज उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्नत बायोमेडिकल उपकरणों की बढ़ती उपलब्धता और विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत को देखते हुए एक विशाल और समर्पित अस्पताल भवन बनाना अनिवार्य हो गया था। यह नया अस्पताल न केवल आम जनता को बेहतर इलाज देगा, बल्कि मेडिकल शिक्षा के लिए भी आवश्यक ढांचा तैयार करेगा।



















