उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में अब मस्तिष्क और न्यूरो सर्जरी से जुड़ी विशेषज्ञ ओपीडी की शुरुआत हो चुकी है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से पहले जिले के भीतर इस प्रकार की उन्नत चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब स्थानीय नागरिकों को अपने ही जिले के भीतर न्यूरो संबंधी तमाम जटिल समस्याओं पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिलने की पूरी उम्मीद बंध गई है।
हर मंगलवार को मिलेगी ओपीडी की सुविधा
जिला अस्पताल में इस विशेष न्यूरो सर्जिकल ओपीडी का आयोजन प्रत्येक मंगलवार को किया जाएगा। डॉक्टर सिद्धार्थ के मुताबिक यह ओपीडी सुबह 8 बजे से संचालित होती है, जिसमें मरीज तय दिन और समय पर पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर डॉक्टर से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। समय पर डॉक्टर की सलाह मिलने से गंभीर बीमारियों से समय रहते बचाव संभव हो पाता है।
इन समस्याओं के लिए ले सकेंगे परामर्श
इस विशेष ओपीडी के माध्यम से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और पूरे तंत्रिका तंत्र से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीज विशेषज्ञ डॉक्टर से राय ले सकते हैं। लंबे समय से बना रहने वाला सिरदर्द, चक्कर आना, हाथों या पैरों में कमजोरी महसूस होना, नसों से जुड़ी परेशानियां और रीढ़ की हड्डी में दर्द जैसी शिकायतों के मरीज अस्पताल आकर डॉक्टर से मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करने या खुद से बीमारी का अंदाजा लगाने के बजाय समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना बेहद आवश्यक होता है।
महज एक रुपये में मिलेगा विशेषज्ञ परामर्श
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के अंतर्गत जिला अस्पताल में मरीजों को केवल ₹1 का पर्चा बनवाना होगा, जिसके बाद वे इस न्यूरो सर्जिकल ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे। आम तौर पर निजी अस्पतालों में इस तरह के विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह लेने पर मरीजों को भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ती है। ऐसे में यह सरकारी सुविधा विशेष तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी राहत साबित हो सकती है।
निःशुल्क जांच की सुविधा भी उपलब्ध
डॉक्टर सिद्धार्थ के अनुसार जिला अस्पताल के भीतर विभिन्न प्रकार की जरूरी और आवश्यक जांचों की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जा रही है। न्यूरो संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीज की चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए डॉक्टर आवश्यकतानुसार जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इससे मरीजों को बाहरी लैब में होने वाले महंगे खर्च से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ जाने की मजबूरी से मिलेगी मुक्ति
इस नई ओपीडी के शुरू होने से पहले न्यूरो सर्जरी और मस्तिष्क संबंधी विशेष परामर्श के लिए मरीजों को मजबूरन लखनऊ के बड़े मेडिकल कॉलेजों या फिर महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। बाहरी शहर जाने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को यात्रा करने, वहां रहने और इलाज पर भारी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही शुरुआती विशेषज्ञ परामर्श और फॉलोअप की सुविधा मिलने से लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा। हालांकि किसी भी गंभीर स्थिति या विशेष उपचार की आवश्यकता पड़ने पर मरीज को आगे के बेहतर इलाज के लिए अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जा सकता है।



















