खानपान की गलत आदतों और बाजार के मिलावटी खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने के लिए अब लोग पारंपरिक मोटे अनाज यानी मिलेट्स की तरफ लौटने लगे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत मंजू सिंह ने स्थानीय लोगों के बीच मिलेट्स का चलन बढ़ाने और उन्हें जागरूक करने के लिए एक स्वादिष्ट व स्वास्थ्यवर्धक पहल की है। उन्होंने बाजरे का इस्तेमाल करके एक खास किस्म की चाट और सर्दियों के लिए मीठे लड्डू तैयार किए हैं। उनका मानना है कि अगर लोग बाहरी अस्वास्थ्यकर चीजों को छोड़कर घर पर ही मोटे अनाज से अलग-अलग स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करें, तो पोषण और स्वाद दोनों को एक साथ हासिल किया जा सकता है। वर्तमान में सरकारी स्तर पर भी मिलेट्स को प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं और स्कूल-कॉलेजों में भी इसके लाभ से विद्यार्थियों को अवगत कराया जा रहा है।
सब्जियों के पोषण से भरपूर तैयार हुई पौष्टिक बाजरा चाट
मंजू सिंह के अनुसार उन्होंने बाजरा चाट को बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें कई तरह की ताजी सब्जियों का समावेश किया है। इस चाट को बनाने के लिए बाजरे के साथ खीरा, टमाटर, प्याज और शिमला मिर्च को मिलाया गया है। उनका उद्देश्य उन लोगों को एक बेहतरीन सुबह का नाश्ता उपलब्ध कराना है जो दिन की शुरुआत किसी स्वास्थ्यवर्धक भोजन से करना चाहते हैं। बाजरे में स्वाभाविक रूप से मैग्नीशियम, जिंक और प्रचुर मात्रा में विटामिन मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। ताजी सब्जियों और बाजरे का यह मेल न केवल भूख शांत करता है, बल्कि शरीर को आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व भी तुरंत उपलब्ध कराता है।
पाचन तंत्र के लिए गुणकारी और नियमित कसरत करने वालों के लिए मुफीद
बाजरे के नियमित सेवन के कई शारीरिक लाभ बताते हुए मंजू सिंह ने स्पष्ट किया कि यह हमारे पेट को पूरी तरह साफ रखने और आंतों को स्वच्छ बनाने में बेहद उपयोगी साबित होता है। बाजरे में मौजूद भरपूर फाइबर पाचन क्रिया को सुगम बनाता है और पेट से जुड़ी कई दिक्कतों को दूर रखता है। जो युवा या नागरिक नियमित तौर पर जिम जाते हैं अथवा शारीरिक व्यायाम करते हैं, उनके लिए यह चाट एक पौष्टिक और ऊर्जा देने वाले भोजन का शानदार विकल्प है। मूल रूप से यह चाट सर्दियों के मौसम में खाने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि बाजरे की तासीर शरीर को भीतर से जरूरी गर्माहट प्रदान करती है।
सर्दियों में मीठे की तलब मिटाने के लिए घर पर बने बाजरे के लड्डू
चाट के अलावा मंजू सिंह ने बाजरे के पारंपरिक लड्डू भी बनाए हैं। अक्सर सर्दियों के दिनों में दोपहर या रात का खाना खाने के बाद लोगों का मन कुछ मीठा खाने का करता है। ऐसे समय में बाजार से खरीदे गए मिलावटी लड्डू, पेस्ट्री या केक खाने के बजाय यदि घर पर ही बाजरे के पौष्टिक लड्डू बनाकर खाए जाएं, तो यह शरीर के लिए अत्यधिक स्वास्थ्यवर्धक सिद्ध होगा। यह लड्डू बिना किसी अस्वास्थ्यकर सामग्री के शरीर को पौष्टिकता और ऊर्जा दोनों प्रदान करते हैं।
शुगर और बीपी नियंत्रण में मददगार पारंपरिक खानपान की पुनर्वापसी
अपनी इस कोशिश के पीछे का मुख्य उद्देश्य साझा करते हुए मंजू सिंह ने बताया कि वह मिलेट्स को जन-जन तक पहुंचाना चाहती हैं ताकि लोग स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। उन्होंने रेखांकित किया कि मिलेट्स का नियमित उपयोग ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्याओं को नियंत्रित रखने में बहुत फायदेमंद साबित होता है। मोटे अनाज सदियों से हमारी पारंपरिक भारतीय थाली का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और पहले के दौर में लोग मुख्य रूप से इन्हीं का सेवन करते थे। हालांकि जब से गेहूं और चावल का अत्यधिक प्रचलन शुरू हुआ, तब से लोगों ने अपनी रसोई से मोटे अनाजों को पूरी तरह दूर कर दिया। आज के बदलते दौर में बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवन के लिए एक बार फिर से सही, संतुलित और पौष्टिक भोजन अपनाना अनिवार्य हो चुका है।



















