रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत बनाए रखने और त्वचा में नई जान फूंकने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत हमेशा बनी रहती है। जब भी आहार में ऐसे तत्वों की बात उठती है तो अधिकांश लोगों की नजर नींबू पर टिक जाती है। हकीकत यह है कि प्रकृति की टोकरी में ऐसे कई फल मौजूद हैं जो शारीरिक ऊर्जा और सुरक्षा चक्र को कहीं बेहतर सहारा दे सकते हैं। साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी डॉक्टर बिमल छाजेर ने पोषण के ऐसे ही प्राकृतिक विकल्पों पर रोशनी डाली है, जो शरीर की दैनिक अनिवार्यताओं को पूरा करने में बेहद मददगार साबित होते हैं।
उच्च पोषण वाले तीन प्रमुख फल
प्राकृतिक आहार में कुछ फल ऐसे हैं जिनका घनत्व आश्चर्यचकित कर देने वाला है। इन विकल्पों को पहचानकर अपनी थाली में जगह दी जाए तो स्वास्थ्य संतुलन साधना काफी सरल हो जाता है।
- सी बकथॉर्न: चटख नारंगी रंग में दिखने वाला यह छोटा फल पोषक तत्वों की खान माना जाता है। सौ ग्राम सी बकथॉर्न के गूदे में लगभग 200 मिलीग्राम से लेकर 900 मिलीग्राम तक का भारी पोषण दर्ज होता है। केवल यही नहीं, इसमें विटामिन E के साथ साथ कैरोटीनॉयड और फ्लेवोनोइड जैसे सक्रिय तत्व भी विद्यमान रहते हैं। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का सबसे सीधा और सुगम तरीका इसका रस पीना है।
- आंवला: जब प्राकृतिक सुरक्षा की बात चले तो इस पारंपरिक फल का जिक्र अनिवार्य हो जाता है। महज 100 ग्राम ताजे आंवले के भीतर 470 से 600 मिलीग्राम तक का सघन स्तर पाया जाता है। सामान्य संतरे के मुकाबले यह लगभग 10 से 20 गुना अधिक शक्ति प्रदान करता है। इसमें मौजूद पोलीफिनोल्स शरीर के भीतर पोषण के असर को और गहरा कर देते हैं। इसका ताजा रस निकालकर सीधे पिया जा सकता है।
- संतरा: यह एक बेहद लोकप्रिय और सुलभ फल है जिसके 100 ग्राम हिस्से से शरीर को लगभग 50 मिलीग्राम पोषण हासिल होता है। भले ही अन्य दोनों विकल्पों की तुलना में इसका स्तर थोड़ा कम दिखे, लेकिन इसका सबसे बड़ा गुण इसका सहज स्वाद है। आंवले का कड़वा या कसैला स्वाद कई लोग सहन नहीं कर पाते, जबकि संतरे को छीलकर खाना हर किसी के लिए आसान होता है।
दैनिक संतुलन साधने की सरल विधि
शारीरिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसी जटिल गणना में उलझने की जरूरत नहीं पड़ती। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन अपनी खुराक में दो संतरे और एक साबुत आंवला शामिल कर ले, तो पूरे चौबीस घंटे का कोटा सहज ही पूरा हो जाता है।
इन दोनों फलों का नियमित तालमेल शरीर को 400 मिलीग्राम या उससे भी अधिक पोषक मूल्य उपलब्ध करा देता है। यह मात्रा किसी भी स्वस्थ व्यक्ति की रोजमर्रा की शारीरिक मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है।



















