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कच्ची गाजर खाने की आदत बदलें, सही तरीके से पकाने पर शरीर को मिलेगा भरपूर विटामिन Aस्वास्थ्य
19 सित॰ 2026, 9:39 pm (23 मिनट पहले)· 1

कच्ची गाजर खाने की आदत बदलें, सही तरीके से पकाने पर शरीर को मिलेगा भरपूर विटामिन A

गाजर को कच्चा चबाने के बजाय हल्का पकाकर और सेहतमंद तेल के साथ खाने से शरीर को बीटा-कैरोटीन और विटामिन A का पूरा फायदा मिलता है।

सर्दियों के मौसम में या रोजाना की थाली में गाजर को शामिल करना बेहद आम बात है। कई लोग इसे सलाद के तौर पर कच्चा काटकर खाते हैं, तो कुछ लोग मीठे व्यंजन जैसे हलवा बनाने में इसका इस्तेमाल करते हैं। गाजर में मौजूद पोषक तत्व सेहत के लिए कई तरह से गुणकारी साबित होते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जिसे हमारा शरीर अवशोषित करने के बाद विटामिन A में तब्दील कर देता है। यह विटामिन आंखों की दृष्टि बेहतर रखने, शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने, त्वचा की चमक बनाए रखने और शरीर के संपूर्ण विकास के लिए बेहद आवश्यक माना जाता है। हालांकि, ज्यादातर लोग गाजर का सेवन बिना सोचे-समझे कच्चा ही कर लेते हैं, जिससे उन्हें इसका पूरा न्यूट्रिशनल लाभ नहीं मिल पाता है।

गाजर पकाने से शरीर को कैसे मिलता है ज्यादा पोषण

आगरा के यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत डाइटिशियन रिंकल शर्मा, एमएससी (फूड एंड न्यूट्रिशन) के अनुसार, गाजर को तैयार करने का तरीका यह तय करता है कि शरीर को उससे कितना पोषण मिलेगा। कच्ची गाजर की कोशिकाएं काफी सख्त और जटिल संरचना वाली होती हैं। जब गाजर को हल्का पकाया जाता है, तो उसकी कठोर कोशिका भित्ति टूटकर नरम पड़ जाती है। इस प्रक्रिया की वजह से गाजर के भीतर बंद बीटा-कैरोटीन मुक्त हो जाता है, जिसे शरीर का पाचन तंत्र बेहद आसानी से ग्रहण कर लेता है। अध्ययनों में भी यह तथ्य सामने आया है कि गाजर को भाप में पकाने यानी स्टीम करने से बीटा-कैरोटीन की उपलब्धता बढ़ जाती है। वहीं, अगर इसे हल्का बेक या रोस्ट किया जाए, तो पोषक तत्वों की उपलब्धता और भी अधिक बेहतर स्तर पर पहुंच जाती है।

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हेल्दी फैट का साथ क्यों है बेहद जरूरी

डाइटिशियन रिंकल शर्मा यह भी स्पष्ट करती हैं कि केवल गाजर को पकाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके साथ थोड़ी मात्रा में अच्छे फैट का होना भी जरूरी है। वैज्ञानिक रूप से विटामिन A एक फैट-सॉल्युबल यानी वसा में घुलनशील विटामिन होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि जब तक भोजन में थोड़ी मात्रा में स्वस्थ वसा मौजूद नहीं होगी, तब तक पाचन तंत्र बीटा-कैरोटीन को पूरी तरह सोख नहीं पाएगा। यदि गाजर को ऑलिव ऑयल, कैनोला ऑयल या किसी भी स्वास्थ्यवर्धक खाद्य तेल के साथ तैयार किया जाए, तो उसका अवशोषण कई गुना सुगम हो जाता है।

डाइट में शामिल करने के आसान और सही तरीके

गाजर से अधिकतम स्वास्थ्य लाभ हासिल करने के लिए खानपान की शैली में छोटे-छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। गाजर को पूरी तरह गलाने के बजाय हल्का सा सॉटे किया जा सकता है। इसके अलावा, ऑलिव ऑयल की कुछ बूंदों के साथ गाजर को ओवन में रोस्ट करके एक स्वादिष्ट और पौष्टिक स्नैक तैयार किया जा सकता है। अगर आप गाजर को सलाद के रूप में ही खाना पसंद करते हैं, तो उस पर हेल्दी ऑयल ड्रेसिंग का छिड़काव करना एक समझदारी भरा विकल्प है। इन सरल तरीकों को अपनाकर गाजर में मौजूद विटामिन A का भरपूर फायदा शरीर को आसानी से पहुंचाया जा सकता है।

सवाल-जवाब

कच्ची गाजर खाने से पूरा विटामिन A क्यों नहीं मिल पाता?
कच्ची गाजर की कोशिका संरचना काफी सख्त होती है, जिससे उसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में पूरी तरह अवशोषित नहीं हो पाता।
गाजर पकाने से पोषक तत्वों पर क्या असर पड़ता है?
गाजर को स्टीम, रोस्ट या बेक करने से उसकी कोशिकाएं नरम हो जाती हैं और बीटा-कैरोटीन की उपलब्धता बढ़ जाती है।
गाजर के साथ हेल्दी ऑयल का इस्तेमाल क्यों जरूरी है?
विटामिन A फैट-सॉल्युबल होता है, इसलिए ऑलिव या कैनोला ऑयल जैसे हेल्दी फैट के साथ खाने पर शरीर इसे आसानी से सोख पाता है।
गाजर का पूरा पोषण पाने के लिए डाइटिशियन क्या सलाह देते हैं?
डाइटिशियन रिंकल शर्मा गाजर को हल्का पकाकर और हेल्दी ऑयल के साथ खाने की सलाह देती हैं।
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