अमेरिका में विरोध की आवाज़ दबाने को डीएचएस ने झोंकी पूरी ताकत, निगरानी के लिए उतारे रीपर ड्रोनइजरायल में त्रिशंकु संसद के आसार, एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विपक्ष दोनों बहुमत से दूरपंजाब नेशनल बैंक के निष्क्रिय खातों पर बड़ी कार्रवाई, 10 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी न करने पर बंद होंगे खातेखेल उपकरण निर्माण को पंख देने के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1856.67 करोड़ रुपये की नई योजना स्वीकृतएशियाई टेक मंच पर सोनी और सैमसंग को टक्कर देने की तैयारी में जियो, जानिए बाजार विश्लेषकों का आकलननिजीकरण के विरोध में हरियाणा में बिजली संकट गहराया, सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता की मेज पर बुलायाइंटरनेट और कृत्रिम मेधा के बीच सुरक्षित नहीं बच्चों की निजी जानकारी, अभिभावक इन अहम कदमों से करें बचावडाकघर की पीपीएफ योजना से 15 साल में तैयार करें 40 लाख का फंड, जानें निवेश का पूरा गणितअमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75 से 4.00 प्रतिशत पर रोका, मुद्रास्फीति पर दी सख्त चेतावनीगुवाहाटी में उल्लुओं की 8 प्रजातियां मिलीं, गाड़ियों के शोर से पक्षियों को खोजने में आई मुश्किल
फेफड़े के मरीजों को मध्य प्रदेश में ही मिलेगी नई जिंदगी, एम्स भोपाल में 20 लाख रुपये में होगा लंग ट्रांसप्लांटस्वास्थ्य
26 जून 2026, 12:25 pm (125 दिन पहले)· 8

फेफड़े के मरीजों को मध्य प्रदेश में ही मिलेगी नई जिंदगी, एम्स भोपाल में 20 लाख रुपये में होगा लंग ट्रांसप्लांट

एम्स भोपाल जल्द ही लंग ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने वाला है, जहां यह सर्जरी करीब 20 लाख रुपये में होगी। मध्य प्रदेश के मरीजों को अब दिल्ली, चेन्नई या हैदराबाद जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मध्य प्रदेश में फेफड़े की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी उम्मीद की खबर सामने आई है। एम्स भोपाल जल्द ही लंग ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने जा रहा है, और यह सर्जरी करीब 20 लाख रुपये में उपलब्ध होगी। इससे उन मरीजों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो अब तक इलाज के लिए चेन्नई, दिल्ली या हैदराबाद जैसे दूर के शहरों तक जाने पर मजबूर थे।

प्राइवेट अस्पतालों से कितनी कम है कीमत?

देश के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में फेफड़े का प्रत्यारोपण कराना बेहद खर्चीला रहा है। इसकी लागत 60 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है, जो आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती है। एम्स भोपाल की योजना है कि यही सर्जरी करीब 20 लाख रुपये में उपलब्ध कराई जाए। हालांकि मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार यह रकम थोड़ी अधिक भी हो सकती है। राज्य सरकार ने भी पात्र मरीजों को इस महंगे इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।

ये भी पढ़ें

दो मरीज पहले से तैयार हैं

एम्स भोपाल में दो मरीजों का लंग ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकरण पहले ही हो चुका है। ये दोनों सोटो यानी स्टेट ऑर्गन डोनेशन सोसायटी की प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं। जैसे ही कोई उपयुक्त ब्रेन डेड डोनर उपलब्ध होगा, इन मरीजों की सर्जरी की जाएगी।

कब होगा प्रदेश का पहला लंग ट्रांसप्लांट?

चिकित्सकों का अनुमान है कि आने वाले एक से दो महीनों में मध्य प्रदेश में पहली बार लंग ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न हो सकता है। एम्स भोपाल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. विक्रम वट्टी ने इसके लिए अमेरिका के टेनेसी में स्थित वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से विशेष प्रशिक्षण लिया है। अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, मशीनें और सभी आवश्यक उपकरण पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। एम्स के डायरेक्टर का कहना है कि हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलने के बाद अब लंग ट्रांसप्लांट की शुरुआत प्रदेश के लिए एक बड़ी चिकित्सीय उपलब्धि है।

हर साल कितने मरीज राज्य छोड़ते हैं?

मध्य प्रदेश में हर साल लगभग 5 से 6 मरीज लंग ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। इससे उनका न केवल पैसा बल्कि कीमती वक्त भी खर्च होता है। फिलहाल इस सर्जरी को आयुष्मान भारत योजना में शामिल नहीं किया गया है।

सर्जरी के बाद भी होगा मासिक खर्च

फेफड़े का ट्रांसप्लांट होने के बाद मरीज की जिम्मेदारी यहीं खत्म नहीं होती। शरीर नए फेफड़े को अस्वीकार न कर दे, इसके लिए उन्हें जीवनभर इम्यूनोसप्रेशन यानी एंटी-रिजेक्शन दवाएं लेनी होंगी। इन दवाओं पर हर महीने करीब 10 हजार रुपये तक खर्च आ सकता है। इसीलिए मरीज और उनके परिजनों को इस दीर्घकालिक आर्थिक बोझ के लिए भी पहले से योजना बना कर चलनी होगी।

सवाल-जवाब

एम्स भोपाल में लंग ट्रांसप्लांट की लागत कितनी होगी?
एम्स भोपाल में यह सर्जरी करीब 20 लाख रुपये में होने की योजना है, हालांकि मरीज की स्थिति के अनुसार खर्च थोड़ा अधिक भी हो सकता है।
क्या एम्स भोपाल में पहले से कोई मरीज रजिस्टर्ड है?
हां, दो मरीजों का पंजीकरण पहले ही हो चुका है और वे सोटो की प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं।
प्रदेश का पहला लंग ट्रांसप्लांट कब तक हो सकता है?
चिकित्सकों का अनुमान है कि अगले एक से दो महीनों में मध्य प्रदेश में पहला सफल लंग ट्रांसप्लांट हो सकता है।
इस सर्जरी को करने वाले डॉक्टर ने प्रशिक्षण कहां से लिया?
एम्स भोपाल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. विक्रम वट्टी ने अमेरिका के टेनेसी स्थित वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से विशेष प्रशिक्षण लिया है।
क्या यह सर्जरी आयुष्मान भारत योजना में शामिल है?
नहीं, फिलहाल लंग ट्रांसप्लांट आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होता।
सर्जरी के बाद दवाओं पर कितना खर्च आएगा?
ट्रांसप्लांट के बाद मरीजों को जीवनभर एंटी-रिजेक्शन दवाएं लेनी होंगी, जिन पर हर महीने करीब 10 हजार रुपये तक खर्च आ सकता है।
मध्य प्रदेश से हर साल कितने मरीज दूसरे राज्यों में जाते हैं?
प्रदेश से हर साल करीब 5 से 6 मरीज लंग ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।
राज्य सरकार क्या इस इलाज के लिए मदद करेगी?
हां, राज्य सरकार ने इस महंगी सर्जरी के लिए पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp