ज्यादातर घरों में रोजाना की थाली गेहूं और चावल तक सिमटी रहती है, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि ज्वार जैसे मोटे अनाज को भी नियमित डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर और एमबीबीएस, एमडी डॉ. बिमल छाजेर ने अपने एक यूट्यूब वीडियो में समझाया कि ज्वार का आटा शरीर को किस तरह फायदा पहुंचाता है और इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने का सही तरीका क्या होना चाहिए।
100 ग्राम ज्वार में छिपा है पोषण का खजाना
डॉ. बिमल छाजेर के मुताबिक 100 ग्राम ज्वार में करीब 330 कैलोरी मिलती है। इसमें लगभग 72 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 10 से 11 ग्राम प्रोटीन और तकरीबन 3 ग्राम फैट पाया जाता है। इसके अलावा इस अनाज में 6 से 7 ग्राम फाइबर और करीब 350 मिलीग्राम पोटैशियम मौजूद रहता है। इतनी विविध पोषण प्रोफाइल की वजह से ही इसे एक संतुलित और भरपूर अनाज माना जाता है, जो सिर्फ पेट भरने का ही नहीं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने का भी काम करता है।
दिल की सेहत के लिए क्यों माना जाता है असरदार
डॉ. छाजेर बताते हैं कि ज्वार के आटे में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होने की वजह से यह हार्ट के लिए खासतौर पर लाभकारी साबित होता है। पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है और शरीर में जमा अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने का काम करता है। सोडियम और पोटैशियम के बीच यही संतुलन डाइट के जरिए ब्लड प्रेशर काबू में रखने के सबसे आसान तरीकों में गिना जाता है, और इसी वजह से ज्वार को हार्ट पेशेंट्स के लिए एक उपयोगी विकल्प बताया जाता है।
ब्लड शुगर को काबू में रखने में मददगार
ज्वार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, इसी वजह से यह हाई ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर शरीर में ग्लूकोज के अब्सॉर्प्शन की रफ्तार को धीमा कर देते हैं, जिससे खाना खाने के तुरंत बाद ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता। डायबिटीज मैनेज कर रहे किसी भी व्यक्ति के लिए यह धीमी गति वाला ग्लूकोज रिलीज दिनभर के शुगर लेवल को स्थिर रखने में बड़ा फर्क ला सकता है।
पाचन, वजन और एलर्जी में भी राहत
ग्लूटेन-फ्री और फाइबर से भरपूर होने के चलते ज्वार पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है, जिससे कब्ज की शिकायत भी कम होती है। फाइबर की भरपूर मात्रा पेट को लंबे समय तक भरा रखती है, इसलिए यह अनाज वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी या सेंसिटिविटी है, वे भी बेझिझक इसका सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही ज्वार में एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को घटाने में सहायक होते हैं।
डाइट में कैसे करें शामिल
ज्वार के आटे को रोटी या भाकरी बनाकर आसानी से रोजाना के खाने का हिस्सा बनाया जा सकता है। डॉ. छाजेर सुझाव देते हैं कि अगर इसे अकेले खाने की बजाय अन्य अनाजों के साथ मिलाकर मल्टीग्रेन आटे के रूप में इस्तेमाल किया जाए, तो इसके पोषक तत्वों का फायदा कई गुना बढ़ जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। डाइट या सेहत से जुड़ा कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


















