दैनिक राशिफल 28 अक्टूबर: जानिए मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए कैसा रहेगा कल का दिनलिंकन में आकिब नबी की घातक स्विंग, चौथे दिन संकट में फंसी कीवी टीममहाराष्ट्र की पारंपरिक पूरन पोली: त्योहारों की मिठास और संस्कृति का अनूठा प्रतीकसर्दियों में गाय और भैंस से चाहिए ज्यादा दूध, तो अभी से शुरू कर लें ये खास तैयारियांचुनाव आयोग के कामकाज की होगी न्यायिक जांच, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर विवाद पर दिए संकेत1 नवंबर को कर्क राशि में सजेगा चंद्र-मंगल योग, इन चार राशियों के जीवन में बरसेगी धन-दौलतकृति सेनन और वरुण धवन फिर मचाएंगे धमाल, अमर कौशिक संग अचानक मुलाकात ने बढ़ाई 'भेड़िया 2' की उम्मीदेंकरवा चौथ के मौके पर झटपट और लंबे समय तक टिकने वाला मेकअप चाहिए? ये 7 बेहतरीन किट्स बचाएंगी समय, कीमत मात्र ₹270 से शुरूनितेश तिवारी की रामायण में शत्रुघ्न बने नितीश शर्मा, शार्प फीचर्स देख कार्तिक आर्यन से होने लगी तुलनाअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच यूरो 1.1200 के ऊपर संभला, लेकिन लंबी अवधि का दबाव बरकरार
रक्षाबंधन के बाद मिठाइयों का असर कम करने के असरदार उपाय, पाचन दुरुस्त रखकर ऐसे नियंत्रित करें वजनस्वास्थ्य
28 अग॰ 2026, 2:31 pm (60 दिन पहले)· 4

रक्षाबंधन के बाद मिठाइयों का असर कम करने के असरदार उपाय, पाचन दुरुस्त रखकर ऐसे नियंत्रित करें वजन

रक्षाबंधन पर अधिक मिठाई खाने से होने वाली ब्लोटिंग और सुस्ती से राहत पाने के लिए क्रैश डाइट के बजाय इन प्राकृतिक डिटॉक्स टिप्स को अपनाएं।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर घेवर, काजू कतली, गुलाब जामुन और बेसन के लड्डू जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों की भरमार रहती है। भाई और बहन के इस त्यौहार में मिठास का आनंद लेते समय अक्सर लोग अपनी क्षमता से अधिक मिठाइयों का सेवन कर बैठते हैं। बहुत अधिक मात्रा में रिफाइंड शुगर शरीर में पहुंचने के बाद कई तरह की शारीरिक समस्याएं पैदा करने लगती है। इसके कारण शरीर में सुस्ती, ब्लोटिंग यानी पेट का फूलना, एसिडिटी और तेजी से वजन बढ़ने का डर सताने लगता है। यदि आपने भी उत्सव के दौरान जमकर मिठाइयां खाई हैं, तो घबराने या परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

आंतों और लिवर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया

नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) और मेयो क्लिनिक का स्पष्ट मानना है कि त्यौहारों के बाद शरीर को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने के लिए किसी कठोर क्रैश डाइट का सहारा लेने या खुद को भूखा रखने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती है। मानव शरीर में लिवर और किडनी ऐसे दो प्रमुख अंग हैं जो प्राकृतिक रूप से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर डिटॉक्सिफिकेशन का काम लगातार करते रहते हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सही खानपान और अनुशासित जीवनशैली के माध्यम से इन अंगों के प्राकृतिक कार्य को आसान बनाना है, ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और शरीर की ऊर्जा बनी रहे।

ये भी पढ़ें

पर्याप्त जलपान और शरीर को हाइड्रेटेड रखना

मिठाइयों का अधिक सेवन करने से शरीर के अंदर वॉटर रिटेंशन यानी पानी जमने की समस्या बढ़ जाती है, जिससे सुस्ती और भारीपन महसूस होने लगता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में जमा अतिरिक्त सोडियम और शुगर आसानी से बाहर निकल जाते हैं। इसलिए दिनभर में कम से कम 5 से 3 लीटर पानी अवश्य पिएं। सुबह उठते ही सबसे पहले गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीना अत्यंत लाभकारी होता है। नींबू पानी पाचन एंजाइमों को तुरंत सक्रिय करता है और लिवर की कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। इसके अलावा, नारियल पानी और खीरे का जूस भी शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं।

आंतों के स्वास्थ्य के लिए फाइबर युक्त भोजन

रिफाइंड शुगर का अत्यधिक सेवन आंतों की सेहत को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, जिससे कब्ज और पेट फूलने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आंतों की कार्यप्रणाली को दोबारा सुचारू बनाने के लिए अपने दैनिक आहार में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना अनिवार्य है। अपनी मुख्य भोजन की थाली में हरी पत्तेदार सब्जियां, खीरा, गाजर और ओट्स को स्थान दें। सेब और अमरूद जैसे फलों में घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो रक्त में शर्करा यानी ब्लड शुगर के स्तर को अचानक तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करता है।

प्रोबायोटिक्स की मदद से आंतों का तनाव दूर करें

अत्यधिक मिठाई खाने का एक बड़ा दुष्परिणाम यह होता है कि आंतों में मौजूद मित्र यानी अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगता है। इस संतुलन को दोबारा बहाल करने के लिए प्रोबायोटिक्स का सेवन बेहद जरूरी है। अपने दोपहर के भोजन में ताज़ा दही या छाछ को अनिवार्य रूप से शामिल करें। दही में एक चुटकी भुना हुआ जीरा और काला नमक मिलाकर खाने से पेट की पाचन अग्नि तेज होती है। यह घरेलू उपाय पेट में बनने वाली गैस और जलन से तुरंत राहत दिलाता है और पाचन प्रक्रिया को सुगम बनाता है।

कैफीन के बजाय हर्बल चाय और काढ़े का सेवन

त्यौहार के बाद यदि आप अत्यधिक मात्रा में चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, तो इससे पाचन तंत्र में डिहाइड्रेशन या शुष्कता बढ़ सकती है। इसलिए कैफीन के स्थान पर प्राकृतिक काढ़े या हर्बल टी का विकल्प चुनना चाहिए। आप सौंफ, अदरक और दालचीनी से बनी हर्बल चाय पी सकते हैं। सौंफ पेट में होने वाली ऐंठन और ब्लोटिंग को कम करती है, जबकि अदरक पाचन अग्नि को प्रदीप्त करने में सहायक होता है। इसी प्रकार, दालचीनी इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार लाती है और बार-बार मीठा खाने की इच्छा यानी शुगर क्रेविंग को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करती है।

मेटाबॉलिज्म के लिए हल्की शारीरिक गतिविधि और वर्कआउट

मिठाइयों से शरीर में पहुंची अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करने और मेटाबॉलिज्म को सुचारू बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी है। त्यौहार के तुरंत बाद बहुत भारी कसरत करने के बजाय भोजन करने के पश्चात 15-20 मिनट की हल्की सैर यानी वॉक करें। प्रतिदिन 30 मिनट का योग अभ्यास या हल्का कार्डियो वर्कआउट करने से शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित बना रहता है, जिससे वजन नियंत्रण में रहता है और शरीर सक्रिय महसूस करता है।

डिटॉक्स के दौरान इन बड़ी गलतियों से बचें

त्यौहार बीतने के तुरंत बाद वजन घटाने की होड़ में भूखे रहने यानी स्टार्विंग की गलती कभी न करें, क्योंकि इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। इसके अलावा, त्यौहार के बाद कुछ दिनों तक प्रोसेस्ड फूड, डिब्बाबंद भोजन और अत्यधिक तले-भुने पकवानों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। त्यौहारों के सीजन के बाद सही समय पर सही और संतुलित आहार का चयन करके आप बिना किसी तनाव के अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रख सकते हैं और वजन बढ़ने की चिंता से मुक्त रह सकते हैं।

सवाल-जवाब

क्या त्यौहारों के बाद वजन नियंत्रित करने के लिए क्रैश डाइट लेनी चाहिए?
नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार, क्रैश डाइट की जरूरत नहीं है क्योंकि लिवर और किडनी प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करते हैं। सही खानपान से पाचन सुचारू रहता है।
ज्यादा मीठा खाने के बाद सुस्ती और ब्लोटिंग से कैसे राहत पाएं?
दिनभर में 5 से 3 लीटर पानी पिएं और सुबह गुनगुना नींबू पानी लें। इससे अतिरिक्त सोडियम और शुगर आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
आंतों के स्वास्थ्य को दोबारा ठीक करने के लिए क्या खाना चाहिए?
ओट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, सेब और अमरूद जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाएं। दोपहर में ताजा दही या छाछ का सेवन करें।
त्यौहारों के बाद चाय-कॉफी के बजाय क्या पीना बेहतर है?
कैफीन के बजाय सौंफ, अदरक और दालचीनी का काढ़ा या हर्बल चाय पिएं। यह ऐंठन कम करती है और पाचन अग्नि को प्रदीप्त करती है।
त्यौहार के बाद वजन न बढ़े, इसके लिए कितनी सैर या एक्सरसाइज करनी चाहिए?
भोजन के बाद 15-20 मिनट की हल्की सैर करें और प्रतिदिन 30 मिनट योग या कार्डियो वर्कआउट करें। इससे इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp