पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के इलाकों में लगातार बदलते मौसम का असर अब आम लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। बारिश और उमस के कारण मौसमी बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। वायरल संक्रमण और बुखार से पीड़ित लोग उपचार के लिए लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज का रुख कर रहे हैं। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव की वजह से अस्पतालों में मरीजों की चहल-पहल काफी बढ़ गई है और स्वास्थ्य विभाग भी इस स्थिति को लेकर चौकन्ना नजर आ रहा है।
ओपीडी में 500 से अधिक मरीज, 150 से ज्यादा वायरल पीड़ित
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में बारिश और उमस भरे वातावरण की वजह से मौसमी बीमारियों के मामलों में अचानक उछाल आया है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों की कुल संख्या 500 से अधिक दर्ज की जा रही है। इनमें से 150 से ज्यादा मरीज केवल वायरल बुखार से ग्रसित होकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, इस बुखार से प्रभावित अधिकांश मरीज सामान्य तौर पर 4 से 5 दिनों के भीतर स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि, कुछ मरीजों को पूरी तरह ठीक होने में 1 सप्ताह तक का समय लग जाता है, क्योंकि इस बीमारी के दौरान तेज बुखार के साथ मांसपेशियों में भारी दर्द, अत्यधिक कमजोरी और शारीरिक थकान का अनुभव होता है।
डॉक्टरों के सुझाव और बचाव के मुख्य उपाय
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार के साथ जुकाम या मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा शुरू करनी चाहिए। इसके अलावा, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का अधिक से अधिक उपयोग करना आवश्यक है। डॉ. आरसी गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि परिवार में कोई सदस्य वायरल संक्रमण से प्रभावित है, तो उसके इस्तेमाल किए गए टॉवल या तौलिए का प्रयोग दूसरे सदस्यों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। व्यक्तिगत स्वच्छता और इन बुनियादी सावधानियों का पालन करके बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।
अस्पताल प्रशासन की तैयारियां और व्यवस्थाएं
बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता ने आश्वासन दिया है कि अस्पताल में मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी चिकित्सा व्यवस्था की गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे लक्षण दिखने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टरी सलाह लें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें, ताकि मौसमी बुखार के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।



















