शारीरिक तंदुरुस्ती और फिटनेस हासिल करने के लिए कई लोग महंगे डिटॉक्स ड्रिंक्स, विदेशी सुपरफूड्स और महंगे डाइट चार्ट पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। हकीकत यह है कि सेहत सुधारने का एक बेहद सीधा और किफायती साधन हमारी अपनी रसोई में पहले से मौजूद है। सूखे मेवों में शामिल अंजीर को अगर सही तरीके से खाया जाए, तो यह शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होता है। खासकर बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ कब्ज और पेट की गड़बड़ी आम परेशानी बन जाती है, जहां अंजीर का नियमित उपयोग बहुत सहारा दे सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर के अलावा कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं। हालांकि यह समझना जरूरी है कि अंजीर किसी गंभीर बीमारी का संपूर्ण इलाज नहीं है, बल्कि एक सहायक पोषक आहार है।
बुजुर्गों के पाचन और कब्ज में फाइबर की भूमिका
अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में सेवाएं दे रहे आयुर्वेदिक डॉ. जितेंद्र वर्मा बताते हैं कि उम्रदराज लोगों में कब्ज की शिकायत बहुत सामान्य होती है। पाचन शक्ति धीमी पड़ने से पेट साफ होने में बाधा आती है, जिससे पूरा स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ऐसे में अंजीर काफी मददगार साबित हो सकती है। डॉ. जितेंद्र के अनुसार, अंजीर के भीतर मौजूद प्राकृतिक फाइबर आंतों की सक्रियता बढ़ाकर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों के आहार में इसे हमेशा सीमित और नियंत्रित मात्रा में शामिल करना चाहिए। एक सामान्य वयस्क या बुजुर्ग के लिए रोजाना केवल एक अंजीर का सेवन ही पूरी तरह पर्याप्त रहता है।
भीगी अंजीर के सेवन की सही विधि और पोषक तत्व
अंजीर को खानपान में शामिल करने का तरीका बेहद आसान है। डॉ. जितेंद्र सलाह देते हैं कि रात के समय एक सूखी अंजीर को एक पूरे गिलास पानी में डालकर छोड़ देना चाहिए। सुबह उठने के बाद उस भीगी हुई अंजीर को उसी पानी के साथ खाया और पिया जा सकता है। अंजीर में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो मानव शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और नुकसान से बचाने का काम करते हैं। इसके यह गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी के लिए भी सहायक भूमिका निभाते हैं।
संतुलित जीवनशैली और चिकित्सकीय सलाह की अहमियत
डॉ. जितेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अंजीर खा लेने से ही मजबूत इम्युनिटी की गारंटी नहीं मिल जाती। एक सुदृढ़ रोग प्रतिरोधक प्रणाली तैयार करने के लिए संतुलित भोजन, भरपूर नींद, नियमित शारीरिक कसरत और अनुशासित दिनचर्या का पालन अनिवार्य है। सुबह के नाश्ते में भीगी अंजीर के साथ थोड़ी मात्रा में भीगे हुए काले चने, बादाम और अखरोट भी मिलाए जा सकते हैं। इसके साथ ही डायबिटीज या किसी अन्य दीर्घकालिक बीमारी से पीड़ित मरीजों को खानपान में कोई भी नया बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए। स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए किसी एक खाद्य वस्तु पर निर्भर रहने के बजाय विविध और पोषक तत्वों से भरपूर संपूर्ण आहार लेना ही सबसे बेहतर मार्ग है।
















