रोजाना 10 हजार कदम चलना सेहत के लिहाज से बहुत जरूरी माना जाता है, लेकिन दिनभर ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले और घर से कार में बैठकर सीधे ऑफिस के गेट तक पहुंचने वाले लोगों के लिए 10 हजार कदम तो दूर, 1 हजार कदम पूरे करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे लोगों की दिनचर्या में चलना-फिरना लगभग न के बराबर रह जाता है, जिसका असर धीरे-धीरे सेहत पर भी दिखने लगता है। अगर आप भी हर दिन अपना स्टेप काउंट पूरा नहीं कर पा रहे हैं, तो कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर आसानी से यह टारगेट हासिल किया जा सकता है।
एक साथ नहीं, थोड़ा-थोड़ा करके पूरा करें टारगेट
शुरुआत में एक ही बार में 10 हजार कदम चल पाना मुश्किल लग सकता है, खासकर उन दिनों में जब काम का दबाव ज्यादा हो। ऐसे में पूरी वॉक को दिनभर में कई छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लेना कहीं बेहतर तरीका है। इससे धीरे-धीरे टारगेट की तरफ बढ़ा जा सकता है और शरीर पर भी अचानक जोर नहीं पड़ता।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें
ऑफिस हो या घर, आने-जाने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की बजाय सीढ़ियों का रास्ता चुनें। इससे एक तरफ आपका काम भी हो जाएगा और दूसरी तरफ स्टेप काउंट में भी इजाफा होगा। सीढ़ियां चढ़ने से वजन कम करने में मदद मिलती है और साथ ही दिनभर के कदमों की गिनती भी तेजी से बढ़ती है। यह आदत छोटी जरूर लगती है, लेकिन लगातार अपनाई जाए तो असर बड़ा दिखता है।
हर मील के बाद टहलने की आदत डालें
हर खाने के बाद करीब 10 से 15 मिनट टहलना फायदेमंद रहता है। दिन में तीन से चार बार ऐसा करने पर 10 हजार कदम का बड़ा हिस्सा अपने आप पूरा हो जाता है। यह टारगेट पूरा करने का बेहद कारगर तरीका माना जाता है। इसका एक और फायदा यह है कि खाने के बाद टहलने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और पाचन तंत्र भी मजबूत बनता है।
घर के छोटे-मोटे कामों से भी बढ़ता है स्टेप काउंट
घर के कामकाज के दौरान की जाने वाली वॉक या इधर-उधर की आवाजाही से सेहत पर सीधा बहुत बड़ा असर भले ही न पड़े, लेकिन इससे शरीर एक्टिव बना रहता है और स्टेप काउंट का टारगेट भी पूरा होने लगता है। इसलिए छोटी-छोटी जिम्मेदारियां खुद निभाने की आदत डालें, जैसे बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने खुद जाना। लौटते वक्त 10 मिनट पास के पार्क में टहल लें। सब्जी और फल खरीदने भी खुद बाजार जाएं। इससे रोजमर्रा के काम भी निपट जाएंगे और साथ ही कदमों की गिनती भी लगातार बढ़ती रहेगी।
आने-जाने के दौरान पैदल चलने को दें प्राथमिकता
बस स्टॉप तक, मेट्रो स्टेशन तक या ऑफिस से पार्किंग तक पहुंचने के लिए जहां तक हो सके पैदल ही चलें। इससे पैसे और समय दोनों की बचत होगी और साथ ही स्टेप काउंट का टारगेट भी पूरा हो जाएगा। बाजार में घूमते समय रिक्शा लेने से बचें और पैदल ही चलें। मंदिर जाना हो या पास की किसी दुकान पर, वहां भी पैदल जाने वाला रास्ता ही चुनें।
पालतू जानवर रखना भी है एक अच्छा तरीका
अगर घर से बाहर निकलने में आलस आता है, तो कोई पालतू जानवर पालना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। पालतू जानवरों को नियमित रूप से सैर पर ले जाने की जरूरत होती है, जिससे उनके साथ-साथ खुद की भी अच्छी-खासी वॉक हो जाती है। इससे दिनभर एक्टिव बने रहने में मदद मिलती है और स्टेप काउंट का टारगेट भी आसानी से पूरा हो जाता है।













