प्रशांत महासागर में अल नीनो की आहट के बीच भारत में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने कई राज्यों में जारी की रेड अलर्ट चेतावनीबोफोर्स घोटाले में 40 साल पुरानी कानूनी जंग खत्म, सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुजा भाइयों की बरीअत के खिलाफ याचिका की खारिजअनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ की हरी झंडी के बाद कर्नाटक के नए हेड कोच बनेंगे विनय कुमाररोहित शेट्टी पिक्चर्स ने 'गोलमाल 5' की दिसंबर रिलीज़ की अफ़वाहों का किया खंडन, मेकर्स ने जारी किया आधिकारिक बयानभारतीय वायुसेना को मिली पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर, स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने ग्वालियर में रचा इतिहाससस्ते बच्चों वाले स्मार्टवॉच और कार जीपीएस ट्रैकर्स में बड़ा सुरक्षा सुराग, लाखों यूज़र्स की लोकेशन और जासूसी का खतराइंग्लैंड टेस्ट टीम की कमान फिर जो रूट के हाथ, मार्कस नॉर्थ ने बताया हैरी ब्रूक पर क्यों नहीं डाला तीनों फॉर्मेट का बोझजंतर-मंतर पर 26 दिन के अनशन के बाद राजनीतिक रुख से दुखी हुए सोनम वांगचुक, विपक्ष और केंद्रीय मंत्रियों पर लगाए गंभीर आरोपकर्नाटक पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच बने आर विनय कुमार, केएससीए के सबसे महंगे कोच बनने का अनुमानफिल्म इक्का के दौरान सनी देओल के अनुशासन से प्रभावित हुईं संजीदा शेख, शूटिंग से जुड़ी बातें की साझा
तांबे के बर्तन का पानी फायदेमंद है, लेकिन ये 3 गलतियां कर देती हैं सेहत बर्बादस्वास्थ्य
21 जून 2026, 11:52 pm (46 दिन पहले)· 10

तांबे के बर्तन का पानी फायदेमंद है, लेकिन ये 3 गलतियां कर देती हैं सेहत बर्बाद

आयुर्वेद में तांबे के बर्तन का पानी पीना शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह नुकसानदायक भी हो सकता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सरोज गौतम ने 3 ऐसी गलतियां बताई हैं जिनसे हर किसी को बचना चाहिए।

तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा भारत में बहुत पुरानी है। आयुर्वेद के मुताबिक, जब पानी कुछ घंटों तक तांबे के बर्तन में रहता है, तो वह कॉपर आयन सोख लेता है, जो शरीर के लिए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक है। विशेषज्ञ भी इसे स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, मगर साथ में यह भी कहते हैं कि सही तरीका अपनाना उतना ही जरूरी है। अगर गलत तरीके से उपयोग हो, तो यह फायदेमंद आदत नुकसानदायक बन सकती है।

किसने दी यह जानकारी?

हाथरस, उत्तर प्रदेश स्थित प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सरोज गौतम ने TrendKia को बताया कि लोग अनजाने में 3 ऐसी गलतियां करते हैं, जिनकी वजह से तांबे का बर्तन उपकार करने की बजाय नुकसान पहुंचाने लगता है।

ये भी पढ़ें

गलती 1: पानी को जरूरत से ज्यादा देर तक रखना

डॉ. सरोज गौतम के अनुसार, बहुत से लोग तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसे पूरे दिन या कई-कई दिनों तक वैसे ही छोड़ देते हैं। असल में पानी जितनी देर तांबे के संपर्क में रहेगा, उतना ज्यादा कॉपर वह सोखेगा। आमतौर पर 6 से 8 घंटे तक रखा पानी पर्याप्त माना जाता है। इस सीमा से ज्यादा समय तक रखे पानी में कॉपर की मात्रा बढ़ जाती है, जो कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसलिए बर्तन में नियमित रूप से ताजा पानी भरना और पुराना पानी बदलते रहना जरूरी है।

गलती 2: बर्तन में खट्टी या एसिडिक चीजें रखना

आयुर्वेद विशेषज्ञ का स्पष्ट मत है कि तांबे के बर्तन में नींबू पानी, इमली का पानी, सिरका, जूस या किसी भी तरह के खट्टे पदार्थ नहीं रखने चाहिए। ये एसिडिक चीजें तांबे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करती हैं, जिससे ऐसे यौगिक बनते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आयुर्वेद में भी तांबे के बर्तन में खट्टी चीजें रखना शरीर के लिए बेहद हानिकारक बताया गया है। इसीलिए इन बर्तनों का उपयोग सिर्फ पानी रखने के लिए किया जाना चाहिए।

गलती 3: बर्तन को साफ न रखना

डॉ. गौतम के मुताबिक, समय के साथ तांबे के बर्तन की सतह पर एक परत जमा हो जाती है और उसकी चमक फीकी पड़ जाती है। अगर बर्तन की नियमित सफाई नहीं की जाती, तो उसकी स्वच्छता पर सीधा असर पड़ता है और उसमें रखा पानी पीना सुरक्षित नहीं रहता। सफाई के लिए नींबू और नमक का मिश्रण या बाजार में मिलने वाले कॉपर क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। साफ बर्तन न सिर्फ देखने में बेहतर लगता है, बल्कि उपयोग के लिहाज से भी ज्यादा सुरक्षित होता है।

कितना पीना चाहिए तांबे का पानी?

डॉ. सरोज गौतम की सलाह है कि तांबे के बर्तन का पानी सीमित मात्रा में ही पिएं। पूरे दिन सिर्फ इसी बर्तन से पानी पीने की आदत सही नहीं है, इसे अपनी दिनचर्या में संतुलित तरीके से शामिल करना चाहिए। जिन लोगों को पहले से लिवर, किडनी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की शिकायत है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही तांबे का पानी अपनी रूटीन में शामिल करना चाहिए।

सवाल-जवाब

तांबे के बर्तन में पानी कितने घंटे रखना चाहिए?
6 से 8 घंटे तक रखा पानी पर्याप्त माना जाता है। इससे ज्यादा समय तक रखने पर पानी में कॉपर की मात्रा बढ़ सकती है, जो नुकसानदायक हो सकती है।
क्या तांबे के बर्तन में नींबू पानी या जूस रख सकते हैं?
नहीं, इन बर्तनों में नींबू पानी, इमली, सिरका या कोई भी एसिडिक पदार्थ नहीं रखना चाहिए। ये तांबे से प्रतिक्रिया करके हानिकारक यौगिक बना सकते हैं।
तांबे का बर्तन साफ करने का सबसे आसान तरीका क्या है?
नींबू और नमक से घिसकर या बाजार में मिलने वाले कॉपर क्लीनर से तांबे के बर्तन को आसानी से साफ किया जा सकता है।
लिवर या किडनी की बीमारी में तांबे का पानी पीना चाहिए?
लिवर, किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही तांबे का पानी पीना चाहिए।
क्या पूरे दिन केवल तांबे के बर्तन से पानी पीना सही है?
नहीं, आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे सीमित मात्रा में पीने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि इसे दिनचर्या में संतुलित रूप से शामिल करना चाहिए।
तांबे के बर्तन में पानी पीने का क्या फायदा है?
तांबे के बर्तन में रखा पानी कॉपर आयन ग्रहण करता है, जो शरीर के लिए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक माना जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR