हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हालिया बयानों पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंडी जिले के बल्ह से भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मुख्यमंत्री के उस तंज का कड़ा जवाब दिया है जिसमें उनके दांत गिनने की बात कही गई थी। विधायक ने स्पष्ट किया कि उनके मुंह में वास्तव में बत्तीस दांत हैं और यही वजह है कि वे बार-बार इस बात का जिक्र करते हैं।
पत्रकार वार्ता में तीखा हमला
सोमवार को मंडी में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के मुंह में तीस दांत होंगे तो वे तीस ही बताएंगे। गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की आदत सरेआम झूठ बोलने की है और वे सदन के भीतर भी तथ्यात्मक रूप से गलत बातें रखते हैं।
मंच से झूठे दावे करने का आरोप
बीते शनिवार को बल्ह दौरे का जिक्र करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंच से कई झूठे दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने मंच से प्रकाश चौधरी को अगला उम्मीदवार बताते हुए उनकी जीत की अपील की, जबकि बल्ह की जनता उनके कारनामों से अच्छी तरह वाकिफ है। गांधी के मुताबिक, अतीत में वायरल हुई कुछ चिट्ठियों से यह साफ हो चुका है कि महिलाओं और आम जनता के प्रति उनका व्यवहार कैसा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि बल्ह समेत पूरे मंडी जिले की सभी दस सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ही जीत दर्ज करेगी और जिले के सभी विधायकों के नेता जयराम ठाकुर हैं।
शिलान्यास और उद्घाटन के विवाद पर सफाई
इंद्र सिंह गांधी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने हालिया बल्ह दौरे के दौरान केवल उन्हीं विकास योजनाओं का उद्घाटन किया, जिनकी शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनके कार्यकाल के दौरान हुई थी। जिन संस्थानों को खोलने की घोषणाएं की जा रही हैं, वे भी पिछली सरकार के समय स्थापित किए गए थे, जिन्हें मौजूदा सरकार ने सत्ता में आते ही बदले की भावना से बंद कर दिया था और अब उन्हीं को दोबारा शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
कार्यक्रम के बहिष्कार की मुख्य वजह
कार्यक्रम से दूरी बनाने के कारणों पर प्रकाश डालते हुए विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए उद्घाटन और शिलान्यास की पट्टिकाओं पर बल्ह के स्थानीय विधायक का नाम तक नहीं लिखा गया था, जबकि अन्य जगहों पर ऐसा किया गया। इसी उपेक्षा के चलते उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार किया था।



















