हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पधर उपमंडल के तहत आने वाले चेली गांव में देर रात पारिवारिक कलह ने बेहद भयानक रूप ले लिया। शराब के अत्यधिक नशे में अपनी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज कर रहे पिता को शांत कराने पहुंचे बेटे ने तैश में आकर उस पर घातक हमला कर दिया। सिर पर गंभीर वार लगने के कारण पिता की जान चली गई। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
देर रात विवाद शांत कराने पहुंचा था बेटा
यह पूरी घटना चेली गांव में देर रात करीब 12 बजे घटी। मृतक की पहचान 42 वर्षीय मस्त राम पुत्र बुधु राम के रूप में हुई है, जो पेशे से कंप्रेशर ऑपरेटर का कार्य करता था। आधी रात को मस्त राम शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा और अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर पास के कमरे में सो रहा बेटा दीपक बीच-बचाव के लिए पहुंचा। दीपक, जो मिस्त्री का काम करता है, उसने अपने पिता को काफी समझाने और शांत कराने का प्रयास किया। जब मस्त राम लगातार झगड़ता रहा और शांत नहीं हुआ, तो दीपक ने गुस्से में आकर घर में रखे बैहले से पिता के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया।
अस्पताल पहुंचाने के बाद खुला पूरा मामला
हमले के तुरंत बाद जब मस्त राम बेसुध होकर गिर पड़ा, तो दीपक घबरा गया। वह खुद 108 एंबुलेंस सेवा की मदद लेकर अपने घायल पिता को पधर अस्पताल ले गया। हालांकि, अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही मस्त राम को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पधर थाना पुलिस को इस बात की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची।
पुलिस पूछताछ में हुआ जुर्म का खुलासा
पुलिस ने जब शव का प्राथमिक निरीक्षण किया तो पाया कि मस्त राम के सिर पर लगा गहरा घाव किसी सामान्य गिरने या फिसलने की वजह से नहीं, बल्कि किसी भारी वस्तु अथवा हथियार के प्रहार से बना था। संदेह गहराने पर पुलिस ने बेटे दीपक से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दीपक ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने आवेश में आकर बैहले से पिता पर वार कर दिया था।
फोरेंसिक दल ने जुटाए सबूत
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार और उप पुलिस अधीक्षक पधर लोकेंद्र नेगी फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। विशेषज्ञों की टीम ने चेली गांव स्थित मकान का बारीकी से निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने पंचायत प्रधान सुनीता देवी और उपप्रधान प्रेम सिंह की मौजूदगी में आरोपी के बयान दर्ज किए। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने पुष्टि की कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेज दिया गया है और आरोपी दीपक को हिरासत में ले लिया गया है।



















