चंबा जिले के भटियात क्षेत्र में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने कई दूरगामी विकास योजनाओं और कल्याणकारी घोषणाओं की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि आगामी माह से प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ विधिवत लागू कर दी जाएगी। इस प्रमुख पहल के माध्यम से गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाएगी। इसके समानांतर, लाभार्थी परिवारों को प्रति माह 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी और साथ ही उन्हें स्वास्थ्य बीमा कार्ड के जरिए व्यापक मुफ्त उपचार की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। अकेले भटियात विधानसभा क्षेत्र के भीतर ही इस विस्तृत व्यवस्था से करीब 10 हजार पात्र परिवारों की लगभग 20 हजार महिलाओं को सीधा वित्तीय संबल हासिल होने की उम्मीद जताई गई है।
ग्रामीण खेती, दुग्ध उत्पादन और स्वास्थ्य ढांचे को नया विस्तार
खेती-किसानी और पशुपालन से जुड़े परिवारों की आजीविका सुधारने को लेकर प्रशासन की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया गया कि गांव केंद्रित आर्थिक तंत्र को सशक्त करना नीतियों के केंद्र में है। इस कड़ी में फसलों के मूल्य संवर्धन के लिए राज्य स्तर पर कच्ची हल्दी की खरीद 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर तय की गई है, जबकि गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्के के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। दुग्ध संकलन को आकर्षक बनाने के इरादे से गाय के दूध की खरीद दर बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो कि पिछली व्यवस्था की तुलना में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी को दर्शाती है।
दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में चंबा मेडिकल कॉलेज के आधारभूत ढांचे और सुगम कार्यप्रणाली को पटरी पर रखने के लिए 190 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि का आवंटन किया गया है। इसके अलावा, संस्थान में उच्च स्तरीय चिकित्सा प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 32 स्नातकोत्तर सीटें भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे पर्वतीय इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ सकेगी।
राजकोषीय दबाव और केंद्रीय अनुदान पर स्थिति
राज्य के वित्तीय हालात और विकास कार्यों में आने वाली रुकावटों का जिक्र करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केंद्र की तरफ से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने से राजकोष पर भारी दबाव पड़ा है। इसके अतिरिक्त, गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रदेश दौरे पर आए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक मदद भी अभी तक हिमाचल प्रदेश के खाते में नहीं पहुंच सकी है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार के समूल खात्मे और स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के जरिए विकास की रफ्तार को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है ताकि राज्य अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा हो सके।
विपक्षी दल की पूर्ववर्ती कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए यह भी रेखांकित किया गया कि पिछली सरकार के समय उचित स्टाफ के बिना ही बड़ी संख्या में संस्थान खोल दिए गए थे, जिससे अव्यवस्था फैली। मौजूदा प्रशासन ने ऐसे संस्थानों का प्रशासनिक युक्तिकरण किया और खाली पदों को भरने का व्यापक अभियान छेड़ा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के प्रसार के लिए कम से कम दो से तीन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े स्कूल स्थापित किए गए हैं और पूरी तरह योग्यता के आधार पर 2,700 से अधिक अध्यापकों की नियुक्तियां की गई हैं।
शैक्षणिक सुधार और बुनियादी ढांचा विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी बदलावों को जारी रखते हुए 100 से ज्यादा विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिसके लिए जरूरी शैक्षणिक पदों पर बहाली की औपचारिक विज्ञप्ति पहले ही निकाली जा चुकी है। इन नीतिगत सुधारों का असर यह रहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के राष्ट्रीय पैमाने पर राज्य वर्ष 2021 के 21वें पायदान से छलांग लगाकर वर्ष 2025 में देश भर में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है।
स्थानीय स्तर पर संपर्क मार्गों की स्थिति सुधारने के लिए भटियात विधानसभा क्षेत्र की विविध सड़क विकास योजनाओं हेतु 10 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही चुवाड़ी में स्थानीय नागरिकों की सहूलियत के लिए एक नया सिविल कोर्ट स्थापित करने और एक नया सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय शुरू करने की घोषणा भी की गई।
समान क्षेत्रीय विकास और आपदा राहत में वृद्धि
समारोह के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जिले के तमाम हलकों में बिना किसी भेदभाव के समान विकास कार्य करवाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने रेखांकित किया कि कभी पिछड़ेपन की पहचान रखने वाला भटियात क्षेत्र अब सुगम सड़कों, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और नियमित पेयजल आपूर्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समाज के कमजोर तबकों की हिफाजत के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना और मुख्यमंत्री ग्रीन पंचायत योजना जैसी अभिनव पहलें जमीन पर उतारी गई हैं।
कुदरती आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुके घरों के पुनर्निर्माण की सरकारी इमदाद को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये कर दिया गया है। कार्यक्रम के अंत में सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे नंद लाल के देहावसान के साथ-साथ युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताते हुए उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को अपनी श्रद्धांजलि दी।


















