हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दीवाली के त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई की दुकानों पर सघन निगरानी शुरू कर दी है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की भारी मांग को देखते हुए विभाग की विशेष टीम ने शिमला के ओल्ड बस स्टैंड इलाके में औचक छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और दुकानों में साफ-सफाई की स्थिति की गहन पड़ताल करना था। जांच के दौरान मिठाई विक्रेताओं की ओर से बरती जा रही गंभीर लापरवाहियां और सुरक्षा मानकों की अनदेखी खुलकर सामने आई।
दूषित सामग्री नष्ट और खतरनाक केमिकल का खुलासा
निरीक्षण की इस कार्रवाई के दौरान एक दुकान में बिक्री के लिए सजाकर रखे गए गुलाब जामुन में कॉकरोच और रबर बैंड तैरते पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इस अस्वच्छ और खतरनाक स्थिति को देखते हुए तुरंत कड़ा कदम उठाया और मौके पर ही लगभग 25 किलोग्राम दूषित गुलाब जामुन को पूरी तरह नष्ट करवा दिया। इसके साथ ही एक और बेहद चिंताजनक तथ्य प्रकाश में आया, जहां कुछ हलवाई चीनी की चाशनी को चमकाने और साफ करने के लिए 'रंग काट' नामक रसायन का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे थे। गौरतलब है कि यह रसायन सामान्य रूप से कपड़ों की रंगाई में काम आता है। विभाग ने खाद्य पदार्थों में इसके उपयोग पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का फरमान सुनाया।
पांच प्रतिष्ठानों को नोटिस और लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को इस पूरे इलाके की कुल पांच प्रमुख मिठाई दुकानों का सिलसिलेवार जायजा लिया। इस दौरान स्वच्छता, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की गई, जिसमें अधिकांश दुकानों में साफ-सफाई के प्रबंध बेहद निराशाजनक और असंतोषजनक मिले। प्रतिष्ठानों में गंदगी और अस्वास्थ्यकर वातावरण को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है।
असिस्टेंट कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. विजया ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं और भारी खामियों को लेकर सभी पांचों दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। यदि तय समयसीमा में दुकानदारों की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और मामलों को अदालत में चालान के रूप में पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिस दुकान में कीड़े-मकौड़े और रबर बैंड मिले थे, उसका कारोबारी लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। डॉ. विजया ने स्पष्ट किया कि त्योहारों में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य उत्पाद मुहैया कराने के लिए यह औचक जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा।



















