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घर पर ऐसे बनाएं आंवला और सेब की गुणकारी चटनी, बच्चों को स्नैक्स के साथ आएगी खूब पसंदखानपान
4 नव॰ 2026, 12:44 pm (10 मिनट पहले)· 0

घर पर ऐसे बनाएं आंवला और सेब की गुणकारी चटनी, बच्चों को स्नैक्स के साथ आएगी खूब पसंद

गुड़, सूखे मेवों और मसालों के साथ आंवले और सेब से तैयार यह स्वादिष्ट चटनी घर पर आसानी से बनाई जा सकती है और बाजार में भी उपलब्ध है।

अक्सर देखा जाता है कि छोटे बच्चे घर का सादा खाना छोड़कर बाजार के चिप्स, चॉकलेट और तले-भुने स्नैक्स खाने की जिद पकड़ लेते हैं। ऐसे में माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे बच्चों की थाली में ऐसा क्या परोसें जो स्वादिष्ट भी हो और सेहत के लिहाज से मुफीद भी रहे। इसके लिए आंवले और सेब के मिश्रण से तैयार होने वाली चटनी एक बेहतरीन घरेलू विकल्प साबित हो सकती है। इस खास रेसिपी की खासियत यह है कि इसमें सामान्य सफेद चीनी की जगह मिठास के लिए प्राकृतिक गुड़ डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद खट्टा-मीठा और बेहद लाजवाब बनता है।

इसके अलावा इस चटनी में काजू, किशमिश और छुहारे जैसे पौष्टिक मेवे भी शामिल किए जाते हैं। स्थानीय स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं भी इस चटनी को पूरी तरह केमिकल मुक्त तरीके से बना रही हैं। घर की रसोई में रोजाना बनने वाले गर्मागर्म पकौड़े हों, सुबह का नाश्ता ब्रेड के साथ हो या फिर सादे और भरवां पराठे, यह चटनी हर व्यंजन का जायका कई गुना बढ़ा देती है। सामान्य तीखे अचारों से हटकर यह खाने की मेज पर एक बिल्कुल नया स्वाद जोड़ती है।

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चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस पौष्टिक चटनी को तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाले कुछ बुनियादी सामान की आवश्यकता होती है। मुख्य घटक के तौर पर ताजा आंवला और सेब लिए जाते हैं। मिठास के लिए इसमें गुड़ का प्रयोग किया जाता है, जबकि चटपटे और पाचक स्वाद के लिए इसमें अदरक का बारीक पेस्ट, सौंठ का पाउडर और गर्म मसाले मिलाए जाते हैं। स्वाद और पोषण को दोगुना करने के लिए इसमें काजू, किशमिश और बारीक टुकड़ों में कटे सूखे छुहारे डाले जाते हैं। यह पूरी विधि पूरी तरह प्राकृतिक रहती है और किसी भी तरह के कृत्रिम रंग या रसायन से दूर होती है।

बनाने का पूरा तरीका और पकाने की विधि

इस चटनी को घर पर तैयार करने की विधि काफी सीधी और सरल है। सबसे पहले ताजे आंवलों और सेबों को अलग-अलग बर्तनों में अच्छी तरह उबाल लेना चाहिए। जब दोनों चीजें अच्छी तरह नरम हो जाएं, तो उन्हें पानी से छानकर अलग कर लें और दोनों का गूदा यानी पल्प निकाल लें। इसके बाद एक साफ कड़ाही या गहरे बर्तन में आंवले और सेब के पल्प को डालकर एक साथ मिला लें।

अब इस मिश्रण में निश्चित मात्रा में गुड़ डालें और गैस को धीमी आंच पर रखकर इसे धीरे-धीरे पकने दें। जैसे-जैसे गुड़ पिघलकर पल्प के साथ घुलने-मिलने लगे और मिश्रण में उबाल आने लगे, तब इसमें अदरक का पेस्ट, सौंठ पाउडर और गर्म मसाले डालकर अच्छी तरह चलाएं। इसके बाद इसमें पहले से कटे हुए काजू, किशमिश और छुहारे के बारीक टुकड़े शामिल कर दें। सभी सामग्रियों को धीमी आंच पर तब तक पकने दें जब तक कि मिश्रण गाढ़ा और एकसार न हो जाए। अच्छी तरह पकने के बाद गैस बंद कर दें और ठंडा होने दें। इस तरह से तैयार की गई चटनी को सामान्य तापमान और साफ बर्तन में एक महीने से लेकर तीन महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

कलेक्ट्रेट के पास उपलब्ध हैं ये उत्पाद, जानें कीमतें

जो लोग इसे घर पर तैयार करने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह चटनी तैयार रूप में भी उपलब्ध कराई जा रही है। कलेक्ट्रेट ऑफिस के ठीक बाहर स्थित स्वयं सहायता समूह की दुकान से इसे सीधे खरीदा जा सकता है। वहां यह आंवले और सेब की चटनी 200 रुपये प्रति आधा किलो की दर पर बिक रही है।

इसी दुकान पर समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए आंवले के अन्य उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। इनमें आंवले का मीठा मुरब्बा और आंवले का चटपटा अचार 151 रुपये प्रति किलो की दर पर मिल रहा है। इसके साथ ही पूरी तरह शुद्ध और प्राकृतिक घटकों से तैयार च्यवनप्राश 350 रुपये प्रति किलो के मूल्य पर उपलब्ध है।

सवाल-जवाब

आंवला और सेब की इस चटनी में कौन-कौन सी सामग्रियां मिलाई जाती हैं?
इसमें आंवला, सेब, गुड़, अदरक का पेस्ट, सौंठ, गर्म मसाले, काजू, किशमish और छोटे टुकड़ों में कटे छुहारे मिलाए जाते हैं।
क्या इस चटनी में चीनी का प्रयोग किया जाता है?
नहीं, इसमें सफेद चीनी की जगह पूरी तरह से गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है।
घर पर बनाने के बाद यह चटनी कितने समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है?
इसे साफ बर्तन में सामान्य रूप से एक महीने से लेकर तीन महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
यह चटनी किन-किन चीजों के साथ खाई जा सकती है?
इसे पकौड़े, ब्रेड और पराठों के साथ आसानी से खाया जा सकता है।
कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर यह चटनी किस दाम पर मिल रही है?
स्वयं सहायता समूह की दुकान पर यह चटनी 200 रुपये प्रति आधा किलो के हिसाब से उपलब्ध है।
उसी दुकान पर आंवले का मुरब्बा और च्यवनप्राश किस दर पर बिक रहे हैं?
आंवले का मुरब्बा और अचार 151 रुपये प्रति किलो तथा शुद्ध च्यवनप्राश 350 रुपये प्रति किलो पर मिल रहा है।
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