उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों पर मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर हरियाणा और चंडीगढ़ से लेकर हिमाचल प्रदेश की ऊंची घाटियों तक देखने को मिलेगा। एक ओर मैदानों में रुक-रुक कर बौछारें राहत देंगी, तो दूसरी ओर पहाड़ों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।
हरियाणा और चंडीगढ़ में लौटेगी बारिश
हरियाणा में आज मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन 18 जून से चंडीगढ़ और हरियाणा में दोबारा बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 से 17 जून के बीच चंडीगढ़ में महज 35.3 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य औसत से 40 प्रतिशत कम है। इसी कमी की भरपाई की उम्मीद अब नए विक्षोभ से जुड़ी है। IMD ने पश्चिमी विक्षोभ के एक ताजा दौर का अनुमान जताया है, जिसके चलते 18 से 22 जून के बीच हरियाणा और चंडीगढ़ में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
IMD चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पॉल के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ हल्की से मध्यम तीव्रता का रहेगा और इसका सबसे ज्यादा असर हरियाणा में दिखाई देगा। राज्य में 18 जून से 22 जून तक रुक-रुक कर बौछारें पड़ेंगी और इस दौरान दिन के तापमान में खास बदलाव नहीं आने की संभावना है। 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत पर सक्रिय होने वाला यह सिस्टम कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी ला सकता है।
कई जिलों में बारिश की भारी कमी
हरियाणा में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 30 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार जून के पहले पखवाड़े में कई जिले बारिश के लिए तरस गए। 1 से 17 जून के बीच अंबाला में सबसे ज्यादा 66 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा यमुनानगर में 52 प्रतिशत, कैथल में 47 प्रतिशत, पंचकूला में 38 प्रतिशत, रोहतक में 24 प्रतिशत और फरीदाबाद में 20 प्रतिशत कम बारिश हुई।
तेज हवा और बिजली के दौरान बरतें ये सावधानियां
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर लोगों को कुछ अहम सलाह दी है। बेहतर होगा कि लोग घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और गैर जरूरी यात्रा से बचें।
- सुरक्षित आश्रय में रहें और किसी भी हाल में पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- कंक्रीट की फर्श पर न लेटें और न ही कंक्रीट की दीवारों से टेक लगाकर खड़े हों।
- बिजली के उपकरणों को प्लग से निकाल दें।
- बिजली का संचालन करने वाली यानी करंट दौड़ाने वाली हर वस्तु से दूरी बनाए रखें।
हिमाचल में शिमला से चंबा तक बारिश का तांडव
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में आज 18 जून को भारी बारिश का अनुमान है और यह दौर 23 जून तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को भी राज्य में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि जारी रहने के आसार हैं। शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
वहीं सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। इन जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
कब तक बरसते रहेंगे बादल?
मौसम विभाग का आकलन है कि पूरे हिमाचल में 23 जून तक बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जबकि ज्यादातर जिलों के लिए 22 जून तक येलो अलर्ट लागू रहेगा। आने वाले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2°C से 3°C तक की गिरावट आ सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश मंडी जिले के कटाउला में 60.1 मिमी हुई। मंडी शहर में 37.2 मिमी और जोगिंदरनगर में 16 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि शिमला, कुफरी और भुंतर में भी हल्की बौछारें पड़ीं। इस दौरान पूरे राज्य में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा। न्यूनतम तापमान 6.8°C से 25°C के बीच और अधिकतम तापमान 20°C से 36°C के बीच दर्ज किया गया।
किस शहर में कितना रहा अधिकतम तापमान
राज्य के प्रमुख स्थानों के अधिकतम तापमान पर नजर डालें तो शिमला में यह 25.5°C, धर्मशाला में 31.1°C, मनाली में 28.2°C, सोलन में 30.3°C, कांगड़ा में 34.6°C, मंडी में 33.8°C और सुंदरनगर में 35.1°C रहा। इसके अलावा कुफरी में 20.4°C, भुंतर में 33.6°C, कल्पा में 24.6°C, केलांग में 20.8°C, नाहन में 31.2°C और चंबा में 31.6°C तापमान दर्ज किया गया।
सबसे गर्म और सबसे ठंडा स्थान
हिमाचल में सबसे अधिक अधिकतम तापमान हमीरपुर जिले के नेरी गांव में 36.3°C दर्ज हुआ। दूसरी ओर लाहौल और स्पीति का कुकुमसेरी 6.8°C के न्यूनतम तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा।
लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान पूरी सावधानी बरतें। भारी बारिश के समय भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका वाले जोखिम भरे इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।













