हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। पंडोह क्षेत्र में चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि इलाके में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। ताजा घटनाक्रम बुधवार रात का है, जब बेखौफ बदमाशों ने पंडोह बाजार के बीचों-बीच स्थित एक घर के बाहर से दो स्कूटियां पार कर दीं। इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नेता को बनाया गया निशाना
इस बार चोरों ने किसी आम नागरिक को नहीं, बल्कि इलाके के एक प्रमुख जनप्रतिनिधि को अपना शिकार बनाया है। पंडोह पंचायत के उपप्रधान रोहित कुमार और उनके भाई जितेंद्र कुमार इस ताजा चोरी के भुक्तभोगी बने हैं। घटना की जानकारी देते हुए उपप्रधान रोहित कुमार ने बताया कि रोजमर्रा की तरह बुधवार रात को भी दोनों भाइयों ने अपने-अपने वाहन घर के ठीक बाहर पार्क किए थे। गुरुवार सुबह जब वे घर से बाहर निकले, तो उन्हें अपनी जगह पर स्कूटियां नहीं मिलीं। माजरा समझते ही उन्होंने बिना कोई देरी किए मंडी के सदर थाने का रुख किया और अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी की औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी।
सुंदरनगर में लावारिस मिली एक स्कूटी
पुलिस की जांच अभी शुरू ही हुई थी कि इस मामले में एक नया मोड़ आ गया। चोरी के कुछ ही घंटों बाद जितेंद्र कुमार के पास सुंदरनगर पुलिस स्टेशन से एक फोन कॉल आई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि उनकी स्कूटी सुंदरनगर इलाके में एक सड़क के किनारे लावारिस हालत में बरामद कर ली गई है। हालांकि, उपप्रधान रोहित कुमार की स्कूटी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस प्रशासन दूसरी स्कूटी को खोजने के लिए लगातार दबिश दे रहा है और मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
लगातार हो रही वारदातों से जनता में भारी रोष
एक जनप्रतिनिधि के घर पर हुई इस सेंधमारी ने स्थानीय निवासियों के गुस्से को भड़का दिया है। पंडोह की जनता अब प्रशासन से सीधे सवाल पूछ रही है कि आखिर उनके इलाके को ही बार-बार निशाना क्यों बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट आरोप है कि बीते कुछ समय में पंडोह के अंदर चोरी की जितनी भी घटनाएं हुई हैं, उनमें से ज्यादातर मामलों में पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली रहे हैं। अपराधियों का पुलिस की पकड़ से बाहर रहना ही उनके दुस्साहस को बढ़ा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस विभाग से सख्त मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए और रात्रिकालीन गश्त बढ़ाकर चोरी की इन घटनाओं पर लगाम लगाई जाए, ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।




















