केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों पूरे देश के सियासी विमर्श के केंद्र में हैं। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर कई दिनों से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और कई अन्य राज्यों में भी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस विवाद के कारण लगातार उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। राजनीतिक गहमागहमी और रोजमर्रा की सुर्खियों के बीच, इस वरिष्ठ नेता की निजी जिंदगी भी लोगों का ध्यान खींच रही है। उनकी कहानी उनके गृह राज्य ओड़िशा से शुरू होकर हिमाचल प्रदेश के एक शांत गांव तक का दिलचस्प सफर तय करती है।
मुंबई के अधिवेशन में हुई थी मुलाकात
यूं तो इस अनुभवी राजनेता की जड़ें ओड़िशा में गहराई से जमी हैं, लेकिन उनकी जीवनसाथी उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने से बहुत पहले, नब्बे के दशक में छात्र राजनीति के दौरान उनका परिचय मृदुला ठाकुर से हुआ था। उस दौर में मृदुला हिमाचल यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की एक बेहद सक्रिय और प्रमुख नेता के तौर पर काम करती थीं। इन दोनों नेताओं का रास्ता मुंबई में आयोजित एक बड़े एबीवीपी अधिवेशन के दौरान आपस में टकराया। छात्रों के इस जमावड़े में जो बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, वह धीरे-धीरे एक गहरे रिश्ते में बदल गया। आपसी समझ बढ़ने के बाद दोनों ने शादी करने का मन बना लिया और साल 1998 में उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया, जिसने दो अलग-अलग राज्यों की संस्कृति को एक साथ जोड़ दिया।
मंडी के कोठुवां गांव से जुड़ा नाता
इस शादी के साथ ही ओड़िशा में जन्मे नेता का हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हमेशा के लिए पारिवारिक रिश्ता जुड़ गया। मृदुला ठाकुर मूल रूप से मंडी के धर्मपुर उपमंडल में आने वाले संधोल इलाके के कोठुवां गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार गहराई से शिक्षा जगत से जुड़ा रहा है। उनके पिता भगतराम ठाकुर और माता रामपयारी ठाकुर, दोनों ही शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं देने के बाद रिटायर हुए हैं। चार भाई-बहनों में मृदुला दूसरे नंबर पर आती हैं। उनकी बड़ी बहन मंजू हमीरपुर में बतौर प्रोफेसर अपनी सेवाएं दे रही हैं, जबकि छोटी बहन माधुरी ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी की और उसके बाद वह अमेरिका चली गईं। उनके भाई भारतेंदु भी नौकरीपेशा हैं। हालांकि, मंत्री का इस इलाके से बेहद करीबी पारिवारिक नाता है, लेकिन राजनीति की भारी व्यस्तता और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के चलते उनका अपनी ससुराल आना-जाना समय के साथ काफी कम हो गया है।
बच्चे और सोशल मीडिया का विवाद
धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। उनकी बेटी नैमिषा प्रधान ने अपनी उच्च शिक्षा विदेशों से हासिल की है। नैमिषा ने साल 2023 में अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ लॉ की पढ़ाई पूरी की है और वह वर्तमान में वहीं रहकर नौकरी कर रही हैं। लेकिन उनके पिता के इर्द-गिर्द उठे मौजूदा राजनीतिक तूफान ने उनकी डिजिटल दुनिया पर भी असर डाला है। नीट परीक्षाओं को लेकर जैसे-जैसे जनता की नाराजगी बढ़ी, नैमिषा भी अचानक सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का शिकार होने लगीं। इंटरनेट पर बढ़ते इस नकारात्मक माहौल और ट्रोल्स के हमलों के कारण नैमिषा को मजबूरन अपनी प्राइवेसी बनाए रखने के लिए अपना इंस्टाग्राम अकाउंट पूरी तरह से बंद करना पड़ा।
लंबे राजनीतिक सफर की कहानी
26 जून 1969 को जन्मे इस नेता ने मौजूदा सरकार के भीतर अपनी एक बेहद मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है। शिक्षा मंत्रालय का अहम जिम्मा संभालने से पहले, वह मोदी कैबिनेट में महत्वपूर्ण पेट्रोलियम मंत्री के पद पर भी काम कर चुके हैं। इससे पहले वह अपनी पार्टी की तरफ से राज्यसभा में सांसद के तौर पर प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन फिलहाल वह अपने गृह राज्य ओड़िशा की देवगढ़ सीट से लोकसभा सांसद चुने गए हैं और राष्ट्रीय राजनीति में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।



















