हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। मंगलवार को सिरमौर जिले के नाहन विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले बर्मा पापड़ी इलाके में रुण नदी में आई अचानक बाढ़ के कारण एक बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। यहां रुण नदी के तेज बहाव के बीच बने एक छोटे टापू पर एक बुजुर्ग और उन्हें बचाने गए स्थानीय युवा करीब 5 घंटे तक मौत के साये में फंसे रहे। देर रात करीब 9 बजे भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और होमगार्ड के जवानों के संयुक्त प्रयासों से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भैंसों को बचाने गए बुजुर्ग और उनकी मदद में उतरा साहसी युवा
घटनाक्रम के अनुसार, बर्मा पापड़ी के स्थानीय निवासी बनारसी दास मंगलवार को अपने मवेशियों (भैंसों) को चरने के बाद नदी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रुण नदी के पास गए थे। इसी दौरान पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश की वजह से नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। पानी के प्रचंड वेग के कारण बनारसी दास नदी के बीचोबीच बने एक टापू पर फंस गए। उन्हें संकट में देखकर जल शक्ति विभाग में कार्यरत स्थानीय युवा अंशुल ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। अंशुल बुजुर्ग बनारसी दास को सुरक्षित तट तक लाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि वे खुद भी बुजुर्ग के साथ उसी टापू पर फंस गए।
बहाव के कारण जमीनी प्रयास विफल, वायु सेना से ली गई मदद
स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस, होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें राहत सामग्री तथा रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। हालांकि, रुण नदी में पानी का बहाव इतना तेज था कि नाव या रस्सियों के सहारे टापू तक पहुंचना बेहद खतरनाक साबित हो रहा था। जमीनी टीमों द्वारा रेस्क्यू करने में असमर्थ रहने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क साधा। इसके पश्चात भारतीय वायु सेना से आपातकालीन हेलीकॉप्टर सेवा की मांग की गई। सूचना मिलते ही वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर तुरंत मौके पर पहुंचा और उफनती नदी के ऊपर मंडराते हुए बुजुर्ग बनारसी दास को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया।
एनडीआरएफ का सफल अभियान और प्रशासनिक तालमेल
बुजुर्ग को एयरलिफ्ट किए जाने के कुछ समय बाद नदी के जलस्तर और बहाव में थोड़ी कमी दर्ज की गई। इसका फायदा उठाते हुए एनडीआरएफ और होमगार्ड के जांबाज जवानों ने नदी में उतरकर जल शक्ति विभाग के कर्मचारी अंशुल का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार समन्वय बनाए रखा ताकि रेस्क्यू टीम को सहायता मिल सके। इस घटना का एक वीडियो और विवरण X पोस्ट के माध्यम से भी साझा किया गया, जिसमें युवा अंशुल की बहादुरी की जमकर सराहना की गई। रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद डॉ. बिंदल ने वीडियो कॉल के जरिए स्थानीय ग्रामीणों की बातचीत मुख्यमंत्री से करवाई, जहां ग्रामीणों ने राहत दल और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।





















