हिमाचल प्रदेश के मनाली दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर बनी रणनीतिक अटल टनल रोहतांग का मुआयना किया। लाहौल और मनाली की चोटियों पर हो रहे ताजा हिमपात के बीच राष्ट्रपति का काफिला विश्व की इस सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग तक पहुंचा। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ उनकी पुत्री इतिश्री मुर्मू भी मौजूद रहीं। मनाली से गुजरते समय मार्ग के दोनों तरफ बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और पर्यटक खड़े थे, जिनका अभिवादन राष्ट्रपति ने कार से हाथ हिलाकर स्वीकार किया।
नॉर्थ पोर्टल पर अधिकारियों से ली तकनीकी जानकारी
बुधवार, 7 अक्तूबर की सुबह लगभग 9:00 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला मनाली से अटल टनल के लिए रवाना हुआ था। सुरंग के नॉर्थ पोर्टल पर पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों और बीआरओ के प्रतिनिधियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यहां सीमा सड़क संगठन के तकनीकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति को सुरंग की निर्माण प्रक्रिया, इसकी विशेषताओं और विषम भौगोलिक परिस्थितियों में इसके संचालन की बारीकियों से अवगत कराया। नॉर्थ पोर्टल पर कुछ देर रुककर राष्ट्रपति ने लाहौल घाटी की बर्फीली वादियों का नजारा भी लिया।
सुरक्षा के लिए 600 पुलिसकर्मी तैनात, यातायात में बदलाव
अतिविशिष्ट दौरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। पूरे मनाली और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा निगरानी के लिए लगभग 600 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। काफिले की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पलचान से अटल टनल की ओर आम गाड़ियों के संचालन पर सुरक्षा कारणों से बुधवार दोपहर 2:00 बजे तक प्रतिबंध लागू रखा गया। जब राष्ट्रपति का काफिला पलचान से आगे निकल गया, तो पीछे के नाकों को खोलकर रोके गए वाहनों को जाने दिया गया, जिससे सैलानियों और आम जनता को जाम से राहत मिली।
टनल देखने वाली दूसरी राष्ट्रपति, हिडिंबा मंदिर जाने का कार्यक्रम
द्रौपदी मुर्मू देश की ऐसी दूसरी राष्ट्रपति बन गई हैं जिन्होंने रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा किया है। उनसे पहले जून 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां पहुंचे थे और लाहौल का रुख किया था। अटल टनल के निरीक्षण के बाद राष्ट्रपति मुर्मू का कार्यक्रम वापस मनाली लौटने का तय है, जहां वह ढूंगरी स्थित ऐतिहासिक हिडिंबा देवी मंदिर में जाकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगी। इस धार्मिक स्थल के आसपास भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सामरिक रूप से बेहद अहम है 9.02 किमी लंबी सुरंग
मनाली से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अटल टनल एक छोर से कुल्लू जिले और दूसरे छोर से लाहौल-स्पीति जिले को जोड़ती है। लगभग 4,000 करोड़ रुपये की भारी लागत से निर्मित यह 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग भारतीय सेना और सीमावर्ती रसद आपूर्ति के लिए बेहद रणनीतिक महत्व रखती है। समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बनी यह दुनिया की सबसे लंबी हाईवे टनल है। सामान्य दिनों में चार पहिया वाहन से इस आधुनिक सुरंग को पार करने में केवल 12 से 15 मिनट का समय लगता है।



















