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मंडी में 29 वर्षीय महिला वकील दिवांशु ठाकुर ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में मां से मांगी माफीहिमाचल प्रदेश
21 अग॰ 2026, 1:10 pm (2 घंटे पहले)· 2

मंडी में 29 वर्षीय महिला वकील दिवांशु ठाकुर ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में मां से मांगी माफी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पधर में 29 वर्षीय महिला अधिवक्ता दिवांशु ठाकुर ने किराये के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। डिप्रेशन से पीड़ित दिवांशु ने सुसाइड नोट छोड़कर अपनी मां से माफी मांगी है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पधर बाजार स्थित एक किराये के मकान में 29 वर्षीय महिला वकील दिवांशु ठाकुर ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब युवती घर पर अकेली थी और उनकी मां किसी काम से बाहर बाजार गई हुई थीं। जब मां शाम को वापस लौटीं तो बेटी को पंखे से लटका देखकर उनके होश उड़ गए। आनन फानन में परिजनों ने फंदा काटकर युवती को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस को एक भावुक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें दिवांशु ने अपनी जिंदगी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही है।

पधर बाजार के किराये के कमरे में हुई घटना

मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर भोजन करने के बाद दिवांशु अपनी मां के साथ पधर बाजार वाले क्वार्टर में विश्राम कर रही थीं। करीब तीन बजे मां वंदना ठाकुर अपनी बेटी को बताकर किसी काम के सिलसिले में बाजार चली गईं। इसके बाद दिवांशु कमरे में अकेली रह गईं। शाम करीब साढ़े पांच बजे जब मां बाजार से लौटकर कमरे में दाखिल हुईं, तो बेटी का शव पंखे से झूलता मिला। घटना का पता चलते ही आसपास के परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने फंदे को काटकर युवती को नीचे उतारा और तुरंत पधर के नागरिक अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही दिवांशु को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

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सुसाइड नोट में लिखा भावुक संदेश और डिप्रेशन की बात

घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। मरने से पहले लिखे गए इस नोट में दिवांशु ठाकुर ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था कि वह अपनी जिंदगी से बहुत तंग आ चुकी हैं और इसी वजह से आत्महत्या का कदम उठा रही हैं। उन्होंने अपनी मां से माफी मांगते हुए छोटे भाई दिक्षु का ख्याल रखने का निवेदन भी किया। उधर, पुलिस को दिए अपने आधिकारिक बयान में मृतका की माता वंदना ठाकुर ने बताया कि उनकी बेटी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रही थी। डिप्रेशन के चलते उसका इलाज चल रहा था और वह लगातार दवाइयां भी ले रही थी।

चंडीगढ़ से की थी कानून की पढ़ाई, राजनीतिक संगठनों से भी जुड़ाव

मृतका की पहचान मंडी जिले की तहसील सदर के गांव बीर धीयूं तुंगल निवासी कपूर चंद की बेटी दिवांशु ठाकुर के रूप में हुई है। दिवांशु एक होनहार युवती थीं जिन्होंने चंडीगढ़ से कानून की पढ़ाई पूरी की थी और इसके बाद वह एक एडवोकेट के रूप में वकालत की प्रैक्टिस कर रही थीं। अपने छात्र जीवन के दौरान वह छात्र संगठन एनएसयूआई के साथ भी जुड़ी रही थीं। उनकी मां वंदना ठाकुर वर्तमान में द्रंग ब्लॉक कांग्रेस समिति की सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वंदना ठाकुर का मायका कुन्नू क्षेत्र के साहल गांव में स्थित है। बेटी की अचानक हुई मृत्यु की खबर मिलते ही तमाम रिश्तेदार और स्थानीय लोग अस्पताल में एकत्र हो गए।

हनुमान घाट पर अंतिम संस्कार, बीएनएस धारा 194 में मामला दर्ज

घटना की जानकारी मिलते ही पधर थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने मृतका की मां वंदना ठाकुर के बयान दर्ज किए। गुरुवार को मंडी के मुख्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद मंडी बाजार स्थित हनुमान घाट में दिवांशु ठाकुर का अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। मामले की पुष्टि करते हुए पधर के डीएसपी लोकेंद्र नेगी ने बताया कि पुलिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत प्रक्रिया पर अमल कर रही है। वहीं, पधर थाना प्रभारी अनिल कटोच ने जानकारी दी कि मां के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

सवाल-जवाब

दिवांशु ठाकुर कौन थीं?
दिवांशु ठाकुर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की 29 वर्षीय महिला वकील थीं, जिन्होंने चंडीगढ़ से कानून की पढ़ाई की थी और वकालत में कार्यरत थीं।
यह घटना कहां और कब हुई?
यह घटना बुधवार दोपहर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पधर बाजार स्थित एक किराये के मकान में हुई।
सुसाइड नोट में दिवांशु ने क्या लिखा था?
दिवांशु ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपनी जिंदगी से परेशान होकर यह कदम उठा रही हैं, और अपनी मां से माफी मांगते हुए छोटे भाई दिक्षु का ध्यान रखने को कहा।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
पधर पुलिस ने मां के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और बीएनएस की धारा 194 के तहत जांच की जा रही है।
दिवांशु की मां कौन हैं और उनका क्या बयान है?
दिवांशु की मां वंदना ठाकुर द्रंग ब्लॉक कांग्रेस की सचिव हैं; उन्होंने पुलिस को बताया कि दिवांशु कुछ समय से डिप्रेशन से पीड़ित थीं और दवाइयां ले रही थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·12 मिनट पहले

मंडी की इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर तनाव के गंभीर मुद्दों को उजागर किया है। एक होनहार युवा वकील का इस तरह दुनिया छोड़ना समाज के लिए एक गहरी चेतावनी है। विशेष रूप से कानूनी पेशे में काम करने वाले युवाओं के बीच मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिस पर काउंसलर और परिवारों को अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। पुलिस की जांच और सुसाइड नोट से भले ही पारिवारिक और व्यक्तिगत संघर्ष की पुष्टि हुई हो, लेकिन यह मामला यह भी सिखाता है कि हमें अपने आसपास के लोगों के डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों को समय रहते पहचानना होगा ताकि ऐसे बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकें।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला कानूनी बिरादरी और न्याय प्रणाली से जुड़े युवाओं के कार्यस्थल के दबाव पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आपराधिक मामलों और अदालती कार्यशैली के बीच वकीलों को अक्सर भारी मानसिक संघर्ष से गुजरना पड़ता है। पुलिस और फोरेंसिक टीम द्वारा सुसाइड नोट और धारा 194 के तहत की जा रही कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ, यह जरूरी है कि बार काउंसिल और कानूनी संस्थान मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए सक्रिय कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

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