देशभर के चुनिंदा शिक्षकों की सूची में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। हमीरपुर जिले के सुजानपुर टीहरा स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सीबीएसई की प्रधानाचार्या मंजरी वी. महाजन को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। शिक्षा जगत के इस प्रतिष्ठित सम्मान के तहत उन्हें आने वाले आगामी 5 सितंबर को नई दिल्ली में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। इस साल पूरे देश से कुल 48 शिक्षकों का इस पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। राज्यभर से तीन शिक्षकों के नाम केंद्र सरकार के पास भेजे गए थे, जिनमें से अंतिम सूची में मंजरी वी. महाजन का नाम शामिल हुआ।
पर्यावरण संरक्षण और नेतृत्व में उल्लेखनीय योगदान
मंजरी वी. महाजन ने अपनी शैक्षणिक सेवाओं के दौरान केवल पढ़ाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, शिक्षण में नवाचार और बेहतरीन विद्यालय नेतृत्व के मोर्चे पर भी विशेष काम किए हैं। सुजानपुर आने से पहले वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भलेठ में बतौर प्रधानाचार्या अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व का ही नतीजा था कि भलेठ स्कूल को वर्ष 2026 में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिष्ठित एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड हासिल हुआ था। इसके अलावा, इसी स्कूल को वर्ष 2025 में वेस्ट वॉरियर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल और सम्मान
राष्ट्रीय स्तर पर नाम तय होने के बाद शनिवार को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में मंजरी वी. महाजन का विशेष स्वागत किया गया। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती ने उन्हें फूल मालाओं से सम्मानित करते हुए उनकी इस बड़ी सफलता पर अपनी खुशी साझा की। वहीं, स्कूल परिसर और क्षेत्र में भी जश्न का माहौल है। मंजरी वी. महाजन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय परिवार के साथ-साथ समुदाय के सभी सदस्यों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य को केवल एक पेशेवर जिम्मेदारी न मानकर अन्य सामाजिक दायित्वों को भी पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद रहे गणमान्य लोग
इस अवसर पर उनके पति और राज्य चयन आयोग हमीरपुर के सचिव डॉ. विक्रम महाजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, कार्यक्रम में ग्रेड-वन कश्मीर सिंह और जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और प्रधानाचार्या को उनकी इस गौरवशाली उपलब्धि पर बधाई दी। पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों और आसपास के स्थानीय समुदाय को जागरूक करने के लिए उन्होंने जो अनूठी पहल की थीं, आज उसी का परिणाम है कि उनके नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह सम्मान न केवल सुजानपुर बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय बन गया है।





















