हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखे तेवर दिखाना सदर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक आशीष शर्मा के लिए कानूनी मुश्किलें लेकर आया है। हमीरपुर के सदर पुलिस थाने में विधायक के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने यह कदम एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा की ओर से मिली औपचारिक शिकायत के आधार पर उठाया है। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस टीम ने मामले की गहन पड़ताल आरंभ कर दी है।
गांधी चौक पर भाजपा का प्रदर्शन और गंभीर आरोप
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम बुधवार को हमीरपुर जिला मुख्यालय पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया। प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ गांधी चौक पर आयोजित इस धरने और रोष रैली में हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा के साथ भोरंज की पूर्व विधायक कमलेश कुमारी, भाजपा के जिला पदाधिकारी तथा हमीरपुर मंडल के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। धरने के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने वर्तमान सरकार पर जनता से किए गए वादों से मुकरने और शासन स्तर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप जड़े। इसी मंच से विधायक आशीष शर्मा ने सीधे मुख्यमंत्री और उनके परिजनों पर सरकारी विभागों को जमीन बेचने तथा अनुचित लाभ कमाने के आरोप लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा था।
जमीन सौदे और रोबोटिक सर्जरी उपकरणों में कमीशन का दावा
रैली को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के परिवार ने पूर्व में लगभग 750 कनाल जमीन महज 70 हजार रुपये में खरीदी थी। शर्मा के अनुसार, इसके बाद इस भूमि को 10 लाख 60 हजार रुपये में मुख्यमंत्री के नाम स्थानांतरित किया गया। विधायक ने दावा किया कि बाद में सरकारी विभाग को सौंपने के लिए इसी भूमि का मूल्यांकन करीब 73 करोड़ रुपये तय किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि महज कुछ ही महीनों के अंतराल में इस संपत्ति के मूल्यांकन में इतनी भारी बढ़ोतरी कैसे हो गई, इसका जवाब सरकार के मुखिया को देना चाहिए।
इसके साथ ही विधायक ने स्वास्थ्य विभाग में रोबोटिक सर्जरी के लिए खरीदे गए चिकित्सा उपकरणों के मामले में भी वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए। आशीष शर्मा ने कहा कि इन आधुनिक उपकरणों की खरीद निर्धारित दरों से अधिक दामों पर की गई, जिसमें लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये का कमीशन खाया गया है। राजनीतिक कटाक्ष करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पहले बातें होती थीं कि पांच सूटकेस आते हैं, जिनमें से तीन दिल्ली और दो शिमला जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि हर महीने पचास सूटकेस आ रहे हैं, जिनमें से चालीस दिल्ली और दस शिमला भेजे जा रहे हैं। इसी सार्वजनिक बयानबाजी को आधार बनाकर अब उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
विपक्ष के नेताओं पर कानूनी शिकंजा
हिमाचल प्रदेश की सियासत में भाजपा के नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों की कड़ी में यह नया मामला जुड़ गया है। अब तक भाजपा के तीन नेताओं पर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है, जिसमें विजिलेंस विभाग उनसे दो बार पूछताछ कर चुका है। वहीं, देहरा से पूर्व विधायक होशियार सिंह अपनी ऐच्छिक निधि के वितरण को लेकर जांच एजेंसियों के घेरे में हैं और उनके मामले की भी तफ्तीश चल रही है। अब हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा पर सार्वजनिक मंच से की गई बयानबाजी को लेकर सदर थाने में केस दर्ज होने से राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।























