अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तिरंगा लहराने वाले हिमाचली एथलीटों के सम्मान में राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए 20वें एशियाई खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह पदक विजेताओं के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल 5.33 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि मंजूर की है। इस फैसले के तहत ट्रैक स्पर्धाओं के धावकों के साथ-साथ स्वर्ण पदक विजेता महिला कबड्डी दल में शामिल राज्य की बेटियों को विशेष सम्मान दिया जा रहा है।
पदक विजेताओं में पुरस्कार राशि का वितरण
जापान में आयोजित इन खेलों के दौरान व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को राज्य सरकार की ओर से सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। पुरुषों की मैराथन दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीतने वाले धावक सावन बरवाल को 2.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, महिलाओं की 10 हजार मीटर लंबी दूरी की दौड़ में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीतने वाली एथलीट सीमा कुमारी को 1.50 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की चार हिमाचली खिलाड़ियों को भी बड़ा इनाम मिला है। इस दल में शामिल पुष्पा राणा, रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर में से प्रत्येक खिलाड़ी को 33-33 लाख रुपये दिए जाएंगे। चारों कबड्डी खिलाड़ियों के बीच कुल 1.33 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार बांटा जाएगा। इन सभी पुरस्कारों को मिलाकर सरकार की ओर से वितरित की जाने वाली पूरी रकम 5.33 करोड़ रुपये बैठती है।
संशोधित खेल नीति के तहत तय हुए स्लैब
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि यह सम्मान राशि राज्य की उस संशोधित खेल नीति का हिस्सा है जिसके तहत पुरस्कारों में ऐतिहासिक इजाफा किया गया है। नई व्यवस्था के तहत वैश्विक प्रतियोगिताओं के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में पदक विजेताओं को वित्तीय सुरक्षा दी जा रही है।
ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक तथा पैरालंपिक खेलों के लिए प्रोत्साहन राशि सबसे अधिक रखी गई है। इन शीर्ष प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल करने पर 5 करोड़ रुपये, दूसरे स्थान यानी रजत पदक पर 3 करोड़ रुपये और तीसरे स्थान यानी कांस्य पदक पर 2 करोड़ रुपये दिए जाते हैं।
एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों के लिए सरकार ने स्वर्ण जीतने पर 4 करोड़ रुपये, रजत जीतने पर 2.50 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक के लिए 1.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसी क्रम में राष्ट्रमंडल एवं पैरा राष्ट्रमंडल खेलों में विजय हासिल करने पर स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये की राशि दी जा रही है।
ट्रेवल भत्ते और हवाई यात्रा की नई सुविधाएं
नकद पुरस्कारों के अलावा राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों और टूर्नामेंटों में जाने वाले खिलाड़ियों के सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए यात्रा भत्ते के नियमों में भी बड़ा सुधार किया है। नए प्रावधानों के तहत यदि किसी खिलाड़ी को प्रतियोगिता के सिलसिले में 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी है, तो उसे ट्रेन के वातानुकूलित 3-टियर का किराया मिलेगा।
वहीं, जिन प्रतियोगिताओं के लिए 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी होगी, वहां खिलाड़ियों को इकोनॉमी क्लास की हवाई टिकट की सुविधा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन सुविधाओं और सम्मान राशि का मुख्य मकसद पहाड़ी राज्य के युवाओं को अत्याधुनिक संसाधन देना है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य का गौरव बढ़ा सकें।



















