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कालाअंब की दवा फैक्ट्री पर गिरी गाज, गंभीर गड़बड़ियों के चलते उत्पादन पर लगा बैनहिमाचल प्रदेश
10 सित॰ 2026, 9:08 am (1 घंटे पहले)· 3

कालाअंब की दवा फैक्ट्री पर गिरी गाज, गंभीर गड़बड़ियों के चलते उत्पादन पर लगा बैन

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित एक दवा निर्माता इकाई में केंद्रीय और राज्य के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया था। इस दौरान मानकों की अनदेखी मिलने पर प्रशासन ने कंपनी का उत्पादन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश के दवा नियंत्रण प्रशासन ने सिरमौर जिले के कालाअंब स्थित एक दवा निर्माण इकाई में उत्पादन पूरी तरह से ठप करने का निर्देश जारी किया है। यह सख्त कदम केंद्रीय और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों के बाद उठाया गया है।

नियमों के उल्लंघन पर सरकार का सख्त रुख

स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारियों के अनुसार नियमों के अनुपालन को लेकर प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है ताकि बाजार में बिकने वाली दवाइयों की गुणवत्ता पर कोई आंच न आए।

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मरीजों की सुरक्षा को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान मेसर्स वेलक्योर रेमेडीज नामक इस इकाई में मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स की भारी अनदेखी पकड़ी गई थी। कंपनी की ओर से कमियों को ठीक करने के लिए मोहलत मांगी गई थी, लेकिन जनस्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अधिकारियों ने किसी भी तरह की ढील देने से इनकार कर दिया।

अगले आदेश तक उत्पादन रहेगा पूरी तरह बंद

प्रशासन की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जब तक कंपनी सभी कमियों को पूरी तरह दूर नहीं कर लेती और नियामकों द्वारा दोबारा संयुक्त रूप से स्थल का सत्यापन नहीं कर लिया जाता, तब तक प्लांट में किसी भी प्रकार का उत्पादन नहीं होगा। सरकार का यह कदम आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा और सुरक्षित औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सवाल-जवाब

यह कार्रवाई किस जगह पर की गई है?
यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब स्थित एक दवा फैक्ट्री पर की गई है।
उत्पादन रोकने का निर्देश किसने दिया है?
यह निर्देश हिमाचल प्रदेश के दवा नियंत्रण प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार की देखरेख में दिया गया है।
फैक्ट्री का नाम क्या है जहां जांच की गई?
केंद्रीय और राज्य अधिकारियों की टीम ने मेसर्स वेलक्योर रेमेडीज का निरीक्षण किया था।
उत्पादन कब तक बंद रहेगा?
उत्पादन तब तक बंद रहेगा जब तक कंपनी सभी कमियों को सुधार नहीं लेती और नियामकों द्वारा संयुक्त सत्यापन नहीं हो जाता।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 मिनट पहले

दवा निर्माण इकाइयों में मानकों की ऐसी अनदेखी जनस्वास्थ्य पर सीधा प्रहार है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत यह सख्त कार्रवाई प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यदि निरीक्षण के बाद सुधारात्मक प्रक्रिया में कोताही बरती गई, तो भविष्य में ऐसी कंपनियों के लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी शिकंजे को और अधिक कसने की आवश्यकता होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·31 मिनट पहले

दवा निर्माण इकाइयों में मानकों की अनदेखी न सिर्फ प्रशासनिक विफलता है, बल्कि मरीजों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार के नेतृत्व में सिरमौर के कालाअंब स्थित वेलक्योर रेमेडीज पर हुई यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश देती है। जब तक विनियामक अधिकारी संयुक्त रूप से स्थल का दोबारा सत्यापन नहीं करते, तब तक उत्पादन ठप रखना सही कदम है। हालांकि, इस तरह की औचक निरीक्षण प्रक्रिया को केवल एक जिले तक सीमित न रखकर राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों के हर फार्मा हब में निरंतर चलाया जाना चाहिए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाली अन्य इकाइयों में भी डर बने और जनस्वास्थ्य से कोई समझौता न हो सके।

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