हिमाचल प्रदेश के दवा नियंत्रण प्रशासन ने सिरमौर जिले के कालाअंब स्थित एक दवा निर्माण इकाई में उत्पादन पूरी तरह से ठप करने का निर्देश जारी किया है। यह सख्त कदम केंद्रीय और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों के बाद उठाया गया है।
नियमों के उल्लंघन पर सरकार का सख्त रुख
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारियों के अनुसार नियमों के अनुपालन को लेकर प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है ताकि बाजार में बिकने वाली दवाइयों की गुणवत्ता पर कोई आंच न आए।
मरीजों की सुरक्षा को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान मेसर्स वेलक्योर रेमेडीज नामक इस इकाई में मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स की भारी अनदेखी पकड़ी गई थी। कंपनी की ओर से कमियों को ठीक करने के लिए मोहलत मांगी गई थी, लेकिन जनस्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अधिकारियों ने किसी भी तरह की ढील देने से इनकार कर दिया।
अगले आदेश तक उत्पादन रहेगा पूरी तरह बंद
प्रशासन की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जब तक कंपनी सभी कमियों को पूरी तरह दूर नहीं कर लेती और नियामकों द्वारा दोबारा संयुक्त रूप से स्थल का सत्यापन नहीं कर लिया जाता, तब तक प्लांट में किसी भी प्रकार का उत्पादन नहीं होगा। सरकार का यह कदम आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा और सुरक्षित औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।





















