पाकिस्तान की सीनियर क्रिकेट टीम अपने लचर खेल के कारण सुर्खियों में है, वहीं अब उनकी युवा टीम को इंग्लैंड में एक अप्रत्याशित और शर्मनाक स्थिति से गुजरना पड़ा है। पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड के दौरे पर है, जहां दोनों टीमों के बीच एक यूथ टेस्ट और चार यूथ वनडे मैचों की सीरीज खेली जा रही है। इस दौरे के दौरान 2 से 5 सितंबर तक यूथ टेस्ट मैच आयोजित हुआ था, जबकि 9 सितंबर को पहला यूथ वनडे मुकाबला खेला गया। इसी बीच पोर्ट्समाउथ में रुके युवा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को स्थानीय लोगों ने शरणार्थी समझ लिया, जिसके बाद उनके ठहरने की जगह के बाहर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए। हालांकि, स्थिति स्पष्ट होने के बाद लोग वहां से चले गए।
होटल के बाहर क्यों जमा हुई थी भीड़
पोर्ट्समाउथ के मैरियट होटल में ठहरी पाकिस्तानी अंडर-19 टीम उस वक्त चर्चा का विषय बन गई जब कुछ लोगों को यह गलतफहमी हो गई कि वहां ऐसे लोग ठहरे हुए हैं जो ब्रिटिश नागरिक नहीं हैं। द गार्डियन के मुताबिक, रिफॉर्म पार्टी के काउंसलर जॉर्ज मैडगविक ने इस पूरे मामले में मध्यस्थता की। उन्होंने टीम के स्टाफ और बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच बातचीत कराई, जिसके बाद भीड़ वहां से तितर-बितर हो गई। जॉर्ज मैडगविक ने खुद बताया कि उन्होंने टीम के कोच से फोन पर बातचीत की और फिर बाहर खड़े प्रदर्शनकारियों को पूरी सच्चाई बताई, जिससे गलतफहमी दूर हो गई और मामला शांत हो गया।
ECB ने बढ़ाई सुरक्षा और आगे का कार्यक्रम
पोर्ट्समाउथ में घटी इस अजीब घटना के बाद इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ECB ने तुरंत हरकत दिखाते हुए पाकिस्तानी टीम मैनेजमेंट से संपर्क किया है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की पूरी समीक्षा की जा रही है। खेल के मैदान की बात करें तो पाकिस्तानी अंडर-19 टीम को यूथ टेस्ट मुकाबले में 10 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए यूथ वनडे सीरीज के पहले मैच में 177 रनों की बड़ी जीत दर्ज की। अब इस सीरीज का अगला मुकाबला 12 सितंबर को खेला जाना है।


















