हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए नूरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने चिट्टा तस्करी से अर्जित की गई अवैध संपत्ति की विस्तृत वित्तीय जांच पूरी होने के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्यों की कुल 1,01,55,718 रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है. कानूनी कार्रवाई के दायरे में आई इन संपत्तियों में दो आलीशान मकान, कीमती घरेलू सामान और एक चार पहिया वाहन शामिल है.
सात साल पुराने हेरोइन मामले में सजा के बाद शुरू हुई वित्तीय जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत 30 मई, 2017 को इंदौरा पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ी है. उस समय पुलिस ने दलवीरो नामक महिला को 6.50 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था. लंबे समय तक अदालत में चले मुकदमे के बाद न्यायालय ने 01 अप्रैल, 2025 को दलवीरो को दोषी ठहराया था. अदालत ने महिला को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी.
सजा सुनाए जाने के बाद नूरपुर पुलिस ने दलवीरो और उसके परिजनों की आर्थिक पृष्ठभूमि की गहन वित्तीय जांच शुरू की. इस पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि परिवार के पास मौजूद संपत्तियां किसी वैध कारोबार से नहीं, बल्कि हेरोइन की अवैध खरीद-फरोख्त से हासिल की गई काली कमाई से बनाई गई थीं.
तीन संपत्तियों की पहचान और नई दिल्ली सक्षम प्राधिकारी से मुहर
वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर इंदौरा पुलिस थाने ने 28 सितम्बर, 2026 को संपत्तियों को फ्रीज करने का औपचारिक आदेश पारित किया था. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत इस आदेश को तस्करी और विदेशी मुद्रा मैनिपुलेटर (सम्पत्ति का समपहरण) अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत पुष्टि के लिए नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा गया, जहां से संपत्तियों को जब्त करने की अंतिम मंजूरी मिल गई.
नूरपुर के एएसपी धर्मचन्द वर्मा के अनुसार, फ्रीज की गई कुल 1,01,55,718 रुपये की संपत्ति में मुख्य आरोपी दलवीरो का तहसील इंदौरा के गांव छन्नी में स्थित 61,96,561 रुपये का आलीशान मकान शामिल है. इसके अतिरिक्त उसके बेटे मिथुन के नाम दर्ज 32.60 लाख रुपये का मकान, फर्नीचर, घरेलू उपकरण एवं अन्य घरेलू सामान तथा बेटी घारो की 6,98,207 रुपये के निर्धारित मूल्य वाली मारुति सुजुकी कार को भी सीज कर दिया गया है.
अवैध नेटवर्क की आर्थिक जड़ों पर प्रहार
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नूरपुर जिला पुलिस मादक पदार्थों की जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी के पारंपरिक तौर-तरीकों से आगे बढ़कर काम कर रही है. पुलिस का मुख्य ध्यान तस्करों के वित्तीय तंत्र को ध्वस्त करने, उनकी बेनामी और अवैध संपत्तियों की पहचान करने तथा उन्हें कानून के तहत कुर्क कराने पर है.
सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत पूरे राज्य में एंटी-चिट्टा अभियान को तेज किया गया है. इसी अभियान के अंतर्गत नूरपुर पुलिस जिले ने अब तक विभिन्न नशा तस्करों की कुल 31 करोड़ 71 लाख, 61 हजार 429 रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने में सफलता प्राप्त की है.
























