हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में अब देहरादून और अंबाला के बीच सफर करने वालों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के कालाअंब से पांवटा साहिब वाले हिस्से पर मारकंडा नदी के ऊपर बने आधुनिक बो-स्ट्रिंग ब्रिज को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। शिमला संसदीय क्षेत्र के भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने इस पुल का लोकार्पण किया।
दरअसल इस पुल का वर्चुअल लोकार्पण आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को करना था, लेकिन व्यस्तता की वजह से वह इसमें शामिल नहीं हो सके। यह वही मार्ग है जो देहरादून को अंबाला से जोड़ता है, इसलिए इसका महत्व और बढ़ जाता है।
दूरी घटी, सफर हुआ आसान
करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस पुल के चालू होने का सीधा फायदा यह है कि अब यातायात पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पुल की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल दूरी में करीब 400 मीटर की कमी आ गई है।
सांसद सुरेश कश्यप ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस पुल के निर्माण पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने इसे एक अहम परियोजना बताते हुए कहा कि इसका लाभ सिर्फ स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलग अलग राज्यों से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी यह पुल काफी मददगार साबित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पुल का निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया। पुल के लिए राशि मंजूर करने को लेकर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का खास तौर पर आभार जताया।
हिमाचल में सड़कों पर हो रहा बड़ा निवेश
कश्यप ने कहा कि सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से हिमाचल को लगातार बड़ी रकम मिल रही है। मौजूदा समय में राज्य में 22190 करोड़ रुपये के निवेश वाले 35 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 545 किलोमीटर है।
उन्होंने बताया कि अकेले शिमला संसदीय क्षेत्र में ही केंद्र सरकार के सहयोग से करोड़ों रुपये की कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कालका शिमला फोरलेन का काम तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा पांवटा साहिब से हाटकोटी ग्रीन कॉरिडोर सड़क पर करीब 1426 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सांसद ने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में नेरी पुल ओछघाट सड़क के लिए 205 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है।
क्या होता है बो-स्ट्रिंग ब्रिज
बो-स्ट्रिंग ब्रिज असल में धनुष के आकार में बना मेहराबदार पुल होता है। इसमें ऊपर की तरफ एक घुमावदार मेहराब यानी आर्च होता है, जो लंबवत हैंगर के जरिए नीचे बने डेक यानी सड़क वाले हिस्से को सहारा देता है। ठीक धनुष की डोर की तरह दोनों सिरों को आपस में बांधने के लिए एक मजबूत टाई बीम लगाया जाता है, जो पुल पर पड़ने वाले वजन को संतुलित रखता है। नाहन विधानसभा क्षेत्र में बनाया गया यह बो-स्ट्रिंग ब्रिज 180 मीटर लंबा है।













