राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जम्मू और कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर जा रही एक निजी लग्जरी स्लीपर बस पर हरियाणा के करनाल जिले में हिंसक हमला हुआ। यह घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात उस समय घटी जब बस में सवार लोग भोजन करने के लिए हाईवे किनारे एक ढाबे पर रुके हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम में बस का शीशा टूटने और मारपीट के कारण दो लोग घायल हो गए, जिनमें एक मुसाफिर और होटल का कर्मचारी शामिल है।
नीलोखेड़ी में ढाबे के बाहर पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
श्रीनगर और दिल्ली के बीच नियमित रूप से चलने वाली यह यात्री बस पैंतीस यात्रियों को लेकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थी। यात्रा के दौरान रात्रि के भोजन के लिए चालक ने गाड़ी को करनाल के नीलोखेड़ी क्षेत्र में स्थित एक होटल सह ढाबे के बाहर पार्क किया। गाड़ी रुकते ही अधिकांश यात्री खाना खाने के लिए उतर चुके थे, जबकि लगभग छह से सात लोग उस समय भी अपनी सीटों पर ही मौजूद थे।
बस चालक वकार चौधरी ने जम्मू और कश्मीर के रामबन पहुंचने के बाद आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने गाड़ी रोकी, तब परिसर में कुछ लोग पहले से खड़े थे। उनमें से एक व्यक्ति ने दूर से ही चिल्लाते हुए बस को तुरंत हटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। चालक ने जब स्थिति को समझने का प्रयास किया, तो वह व्यक्ति आक्रामक अंदाज में बस के करीब पहुंच गया।
चालक पर अपमानजनक टिप्पणियां और गाड़ी पर हमला
चालक वकार चौधरी के अनुसार, उस व्यक्ति ने नजदीक आते ही अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें आतंकवादी कहकर पुकारने लगा। इसके साथ ही उसने दोपहिया या अन्य वाहनों की आड़ लेते हुए बस की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। आक्रोशित हमलावर ने अपनी चाबी निकाली और बस की खिड़की के शीशे पर जोरदार वार करके उसे नुकसान पहुंचाया।
विवाद यहीं समाप्त नहीं हुआ। हमलावर व्यक्ति जबरन बस के भीतर घुस गया और उसने स्टेरिंग सीट पर बैठे चालक के साथ हाथापाई शुरू कर दी। उसने साफ तौर पर धमकी दी कि जम्मू और कश्मीर के पंजीकरण नंबर वाले किसी भी वाहन को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हमलावर ने यात्रियों की मौजूदगी में चालक को अपशब्द कहे और कॉलर पकड़कर बस से नीचे घसीटने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख ढाबे के कुछ कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और चालक को सुरक्षित बचाते हुए होटल के अंदर ले गए।
मोटरसाइकिल सवार साथियों को बुलाया और की पथराव
होटल कर्मचारियों द्वारा चालक को बचाए जाने के बाद हमलावर ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में मोटरसाइकिलों पर तीन से चार अन्य युवक वहां पहुंच गए। उपद्रवियों के इस समूह ने उग्र रूप धारण करते हुए बस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव और तोड़फोड़ के कारण बस की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। कुरुक्षेत्र के समीपवर्ती इलाके तक इस तनाव का असर दिखा, जहां वाहन के क्षतिग्रस्त शीशों के कारण अफरातफरी मच गई।
इस अचानक हुए हमले में बस के अंदर मौजूद एक यात्री को चोटें आईं, जबकि बीच-बचाव कराने की कोशिश में ढाबे का एक कर्मचारी भी घायल हो गया। चालक का कहना है कि जब इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो घाटी के ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों के मन में गहरा डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है। उन्होंने यह भी शिकायत दर्ज कराई कि इस पूरे मामले के दौरान स्थानीय स्तर पर पुलिस से जिस त्वरित सहयोग की अपेक्षा थी, वह उन्हें समय पर नहीं मिल सका।
प्रशासन का रुख और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया जाना
मामले के तूल पकड़ने के बाद जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय ने घटना की पूरी जानकारी हरियाणा सरकार के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखी है। इस वार्ता के पश्चात हरियाणा सरकार ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में कानून के अनुसार बिना किसी ढिलाई के त्वरित और सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना की जांच कर रही हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करनाल जिले में हुई इस तोड़फोड़ और मारपीट के संबंध में दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों पर नियमों के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।























