जम्मू-कश्मीर की वादियों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है, जिससे समूची घाटी में समय से पहले ठंड ने दस्तक दे दी है। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग की अफरवत चोटी पर शनिवार को ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा मुगल रोड, गुरेज सेक्टर और पवित्र अमरनाथ गुफा के आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में भी अच्छी बर्फ गिरी है। दूसरी तरफ घाटी के निचले और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिली, जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र में तापमान काफी नीचे आ गया है। इस मौसमी बदलाव के साथ ही घाटी में कड़ाके की सर्दी की शुरुआत मानी जा रही है।
पहाड़ों पर सफेद चादर बिछते ही देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे सैलानियों के चेहरे खिल उठे। पर्यटकों ने गुलमर्ग में ताजी बर्फ का भरपूर आनंद लिया और यादगार पलों को कैमरों में कैद किया। घाटी के पहाड़ी हिस्सों, विशेष रूप से गुलमर्ग में उम्मीद से पहले हुई इस बर्फबारी को देखते हुए पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में काफी उत्साह है। स्थानीय कारोबारियों और पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस शुरुआती बर्फबारी से इस साल विंटर टूरिज्म का सीजन सामान्य समय से काफी पहले शुरू हो जाएगा, जिससे होटल उद्योग, स्कीइंग गाइड और टैक्सी ऑपरेटरों को अच्छा कारोबार मिलने की उम्मीद बंधी है।
मौसम विभाग का बारिश और बर्फबारी को लेकर पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए जम्मू-कश्मीर के मौसम की स्थिति को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले हफ्ते केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। बारामूला के गुलमर्ग में शनिवार को हुई हल्की बर्फबारी के बाद से ही ऊंचे इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं और बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और नमी के प्रभाव से इन पहाड़ी इलाकों में मौसम और अधिक करवट ले सकता है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बदलाव का सीधा असर दिन और रात के तापमान पर पड़ेगा। अनुमान है कि 13 अक्टूबर को गुलमर्ग का अधिकतम तापमान लुढ़ककर लगभग 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दिन में भी भारी ठंड का अहसास होगा। इसके बाद 15 और 16 अक्टूबर को रुक-रुक कर बारिश होने का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 17 से 22 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर भर में मौसम आम तौर पर शुष्क बना रहेगा, जिससे लोगों को बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी।
सैलानियों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी एडवाइजरी
गुलमर्ग और आसपास की चोटियों पर हुई यह ताजा बर्फबारी इस बात का साफ संकेत है कि सर्दियों के औपचारिक आगमन से पहले ही पहाड़ी क्षेत्र तेजी से ठंडे हो रहे हैं। अचानक बढ़े ठंड के प्रकोप और मौसमी उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और ऊंचाई वाले रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से 13 और 14 अक्टूबर को संभावित बारिश तथा बर्फबारी को देखते हुए लोगों को मौसम के ताजा बुलेटिन पर नजर बनाए रखने और उसी अनुसार अपनी यात्रा की योजना तैयार करने की हिदायत दी गई है।



















