दशहरे पर क्यों की जाती है शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा, जानिए क्या है धार्मिक मान्यताबिना नया सामान खरीदे घर को बनाएं त्योहार के लिए खास, अलमारी में रखी पुरानी चीजें बदल देंगी हर कमरे की रौनककिश्तवाड़ में नाबालिग से दरिंदगी और मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने 15 आरोपियों पर पेश किया 1000 पन्नों का आरोप पत्रग्लोबल फाइनेंस पत्रिका ने एसबीआई को दिया बेस्ट कंज्यूमर बैंक का खिताबतमिल सिनेमा के दिग्गज संगीतकार देवा का 75 वर्ष की आयु में निधन, एआर रहमान ने दी भावभीनी श्रद्धांजलिमक्का की मस्जिद में अशोभनीय कृत्य का आरोप, सऊदी अरब ने 2 बांग्लादेशी नागरिकों को दी मौत की सजानोएल टाटा का महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य मिशन, 50 नए अस्पतालों के साथ तैयार होगा देशव्यापी नेटवर्कनिजी बैंकिंग क्षेत्र में जोरदार कमाई, दूसरी तिमाही में बड़े बैंकों के मुनाफे में दर्ज हुई मजबूत बढ़तग्रेटर नोएडा में दो गुप्त सिंथेटिक ड्रग लैब पकड़ी गईं, केंद्रीय गृह मंत्री ने अभियान को सराहानवरात्रि की महाष्टमी पर होगी माता महागौरी की विशेष पूजा, जानिए प्रिय पुष्प और शुभ रंग
किश्तवाड़ में नाबालिग से दरिंदगी और मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने 15 आरोपियों पर पेश किया 1000 पन्नों का आरोप पत्रजम्मू-कश्मीर
18 अक्तू॰ 2026, 2:27 am (16 मिनट पहले)· 1

किश्तवाड़ में नाबालिग से दरिंदगी और मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने 15 आरोपियों पर पेश किया 1000 पन्नों का आरोप पत्र

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न, गर्भधारण और मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने 60 दिनों के भीतर 15 आरोपियों के खिलाफ अदालत में 1000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है।

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण और संदिग्ध हालात में हुई मौत के सनसनीखेज मामले में जांच एजेंसी ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। विशेष जांच एजेंसी क्राइम ब्रांच ने इस मामले की गहन पड़ताल पूरी करने के बाद किश्तवाड़ की स्थानीय अदालत में 1000 से अधिक पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस जघन्य अपराध में कुल 15 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जिनकी भूमिका को अदालत में साबित करने के लिए एजेंसी ने 143 गवाहों की गवाही को चार्जशीट का मुख्य आधार बनाया है।

जांच का दायरा और घटनाक्रम की कड़ियां

क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनी विस्तृत जांच में नाबालिग पीड़िता के साथ हुई बर्बरता की पूरी शृंखला को परत दर परत उजागर किया है। आरोप पत्र के दस्तावेजों में इस बात का सिलसिलेवार ब्योरा दिया गया है कि किस तरह नाबालिग का लगातार यौन उत्पीड़न किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। इसके बाद के घटनाक्रम में लड़की की बिगड़ती शारीरिक स्थिति, उसके उपचार में बरती गई आपराधिक स्तर की लापरवाही और आखिरकार उसकी जान चले जाने की परिस्थितियों को वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के जरिए जोड़ा गया है। इतना ही नहीं, चार्जशीट में इस बात के पुख्ता प्रमाण भी पेश किए गए हैं कि वारदात को छिपाने और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए आरोपियों की ओर से किन हथकंडों का इस्तेमाल किया गया था।

ये भी पढ़ें

चतरू थाने से क्राइम ब्रांच तक जांच का सफर

इस पूरे मामले का खुलासा 20 अगस्त 2026 को नाबालिग की मौत के बाद हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही शुरुआत में किश्तवाड़ के चतरू पुलिस थाने में पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, अपराध की संवेदनशीलता, क्रूरता और जटिलताओं को देखते हुए मामले की फाइल स्थानीय थाने से लेकर क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने नए सिरे से अपनी अलग प्राथमिकी दर्ज की और पेशेवर तरीके से तफ्तीश की शुरुआत की। जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि नाबालिग की जान जाने के असली कारणों तक पहुंचा जाए और उन तमाम परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाए, जिनके बीच यह पूरी त्रासदी घटी।

साठ दिनों में साक्ष्य संकलन और कठोर धाराएं

क्राइम ब्रांच ने समयबद्ध तरीके से काम करते हुए महज 60 दिनों के भीतर अपनी जांच को अंतिम मुकाम तक पहुंचाया। इस निर्धारित समयसीमा के भीतर जांच दल ने सभी 15 आरोपियों के खिलाफ डिजिटल, फॉरेंसिक और दस्तावेजी सबूत जुटाए। अदालत में पेश की गई इस चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा पॉक्सो कानून और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधान भी जोड़े गए हैं। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किश्तवाड़ अदालत में यह प्राथमिक चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, लेकिन मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य या साक्ष्य प्रकाश में आता है, तो तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए एक पूरक चार्जशीट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

सवाल-जवाब

किश्तवाड़ मामले में क्राइम ब्रांच ने कितने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है?
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कुल 15 आरोपियों के खिलाफ किश्तवाड़ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
इस चार्जशीट में कुल कितने पन्ने और कितने गवाह शामिल हैं?
अदालत में पेश की गई चार्जशीट 1000 से अधिक पन्नों की है, जिसमें 143 गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है।
नाबालिग पीड़िता की मौत कब हुई थी और पहली प्राथमिकी कहां दर्ज हुई थी?
नाबालिग की मौत 20 अगस्त 2026 को हुई थी और मामले की शुरुआती प्राथमिकी किश्तवाड़ के चतरू पुलिस थाने में दर्ज की गई थी।
चार्जशीट में आरोपियों पर कौन से प्रमुख कानून लगाए गए हैं?
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो कानून और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
क्या इस मामले में आगे कोई अन्य चार्जशीट भी पेश की जा सकती है?
अधिकारियों के अनुसार यदि आगे की जांच में कोई नए सबूत सामने आते हैं, तो अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp