झारखंड की राजधानी रांची की शामें बेहद मनमोहक और खास होती हैं। शहर में जगन्नाथ मंदिर से लेकर धुर्वा डैम तक लोग रोजाना शाम के वक्त सुकून भरे पल बिताने और डूबते सूरज का दीदार करने पहुंचते हैं। इन खास जगहों से सनसेट का नजारा बेहद भव्य और आकर्षक दिखाई देता है। रांची में ऐसे कई बेहतरीन ठिकाने मौजूद हैं जहां शाम होते ही प्राकृतिक खूबसूरती और लोगों की चहल-पहल चरम पर नजर आती है।
धुर्वा डैम की गुलाबी शाम और दूर-दूर से आते लोग
शाम के वक्त यहां की सड़कें और स्थानीय बाजार लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। रात 7:00 बजे के बाद शहर की सड़कों पर जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। रांची में शाम के दीदार की जब भी चर्चा होती है, धुर्वा डैम का नाम सबसे पहले आता है। यहां के आसमान पर छाई गुलाबी रंगत देखने के लिए लोग करीब 40 किलोमीटर का सफर तय करके खिंचे चले आते हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी ने कुदरती रंगों से पूरे आकाश को सजा दिया हो।
बॉलीवुड स्टाइल सड़के और सुकून भरा सफर
धुर्वा की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क का माहौल बिल्कुल अलग ही आनंद देता है। इस रास्ते पर फिल्मी अंदाज वाले लैंप पोस्ट और बैठने के लिए बेंच लगे हुए हैं। सड़क के दोनों तरफ फैले हरे-भरे पेड़ इस मार्ग को और भी खास बनाते हैं। अक्सर लोग बिना किसी खास मकसद के सिर्फ मूड तरोताजा करने और लॉन्ग ड्राइव का लुत्फ उठाने के लिए शाम के समय अपनी गाड़ियों से निकल पड़ते हैं। इस खूबसूरत रास्ते का अनुभव हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है।
अपर बाजार में बनारस जैसी गलियों का अहसास
अगर आपको उत्तर प्रदेश के बनारस शहर जैसी तंग गलियों और चहल-पहल का अनुभव करना है, तो रांची के अपर बाजार का रुख कर सकते हैं। शाम के समय यहां की चकाचौंध और भीड़ को देखकर एक पल के लिए आप भूल जाएंगे कि आप रांची में हैं। सड़कों के किनारे सजी झुमके और अन्य सामान की दुकानें इस जगह की रौनक को और बढ़ा देती हैं। यहां आने वाले लोग चलते-फिरते ही अपनी जरूरत की खरीदारी का आनंद लेते रहते हैं।
मेन रोड की रौनक और सुहाना मौसम
शाम के वक्त आप शहर के मेन रोड का भी रुख कर सकते हैं जहां का दिलकश नजारा लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है। लोग यहां खरीदारी करने के साथ-साथ गोलगप्पे और चाट का स्वाद चखते हैं। अपने दोस्तों और परिवार के साथ सड़कों पर गप्पे लड़ाते हुए लोग अपने घरों की ओर लौटते हैं। रांची की विशेषता यह है कि भीषण गर्मी के दिनों में भी शाम ढलते ही ठंडी हवाएं चलने लगती हैं और तापमान में गिरावट आ जाती है।
स्थानीय कारोबारियों की जुबानी शाम का जादू
अप्पर बाजार स्थित कंचन साड़ी सेंटर के संचालक अमित बताते हैं कि रांची की शाम का अंदाज ही निराला है। यहां दोपहर के वक्त सड़कें भले ही सुनसान नजर आती हैं, लेकिन जैसे ही घड़ी की सुई दोपहर के 4:00 बजाती है, सड़कों पर भारी भीड़ जमा होने लगती है। स्थानीय लोग घरों से बाहर निकलकर शाम का लुत्फ उठाना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि इस शहर की शाम बेहद खूबसूरत होती है।
अमित आगे बताते हैं कि दिन में चाहे जितनी भी उमस और गर्मी क्यों न सताए, लेकिन ठीक शाम के 4:00 बजे के बाद एक अलग ही बदलाव देखने को मिलता है। इस समय अचानक ठंडी हवा के झोंके चलने लगते हैं जो पूरे माहौल को सुहाना बना देते हैं। चूंकि रांची को वाटरफॉल का शहर भी कहा जाता है, इसलिए चारों तरफ की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि शाम होते ही ठंडी हवाओं का पहरा पूरे शहर को अपने आगोश में ले लेता है।
























