अक्सर घरों में दोपहर का खाना खाने के बाद उबले हुए चावल बच जाते हैं, जिन्हें दोबारा सादे रूप में खाना कोई पसंद नहीं करता। रांची निवासी दिव्या के अनुसार इन ठंडे चावलों का इस्तेमाल करके कुछ ही मिनटों में एक बेहद जायकेदार पकवान तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसे पकाना काफी सरल है और इसके लिए बहुत ज्यादा झंझट करने की आवश्यकता नहीं होती।
मसालों और सामग्री की प्राथमिक तैयारी
इस व्यंजन का मुख्य स्वाद लहसुन से आता है, इसलिए करीब 10 से 12 लहसुन की कलियां लें। ध्यान रहे कि इन कलियों को ग्राइंडर में पीसकर महीन लेप बिल्कुल न बनाएं, बल्कि खलबट्टे या ओखली में मोटा-मोटा कूट लें। जब लहसुन दरदरा रहता है और कुछ दाने साबुत छूट जाते हैं, तो खाते समय उनका कुरकुरापन बहुत बढ़िया स्वाद देता है। इसके साथ ही एक मध्यम आकार का प्याज, टमाटर और 4 से 5 हरी मिर्च को बारीक काट लें या दरदरा कूटकर रख लें। दोपहर के ठंडे पके हुए चावलों को एक थाली में फैलाकर अलग रख लें ताकि उनके दाने आपस में चिपके न रहें।
कढ़ाई में तड़का लगाने का तरीका
स्वाद को पारंपरिक रूप देने के लिए गैस चूल्हे पर लोहे की कड़ाही रखें, क्योंकि लोहे के बर्तन में भुनी चीजें ज्यादा सोंधी और स्वादिष्ट बनती हैं। इसमें थोड़ा सा सरसों का तेल डालकर तेज आंच पर गर्म होने दें। जब तेल से हल्का धुआं उठने लगे, तब उसमें जीरे का छौंक लगाएं। जीरा चटकते ही कुटा हुआ लहसुन डालें और उसे धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक पकने दें। इसके तुरंत बाद कटी हुई प्याज, टमाटर और हरी मिर्च कड़ाही में मिला दें।
मसाले भूनना और तेज आंच पर फ्राई करना
इन सभी सब्जियों को मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक उनका कच्चापन दूर न हो जाए। अब कड़ाही में हल्दी, स्वादानुसार नमक, थोड़ा धनिया पाउडर और मिक्स मसाला डालकर अच्छी तरह मिला लें। मसालों से खुशबू आने के बाद इसमें थाली में रखे हुए ठंडे चावल डाल दें और कलछी से मसालों के साथ एकसार मिला लें। अंत में इस डिश के जायके को कई गुना बढ़ाने के लिए एक छोटा पैकेट मैगी मसाला छिड़कें। अब आंच तेज करके चावलों को दो से तीन बार कड़ाही में उछालते हुए अच्छी तरह भून लें। गर्मागर्म लहसुनी फ्राइड राइस परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसे सर्दियों के दिनों में परिवार के साथ गरमागरम खाया जा सकता है।



















