झारखंड के बोकारो शहर में साधु का रूप धरकर भोली-भाली महिलाओं को ठगने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। बीएस सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कैंप टू इलाके में रहने वाली एक महिला को झांसे में लेकर उसके सोने के जेवर उड़ाने के आरोप में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पहले भोजन ग्रहण किया और फिर घर की परेशानियां खत्म करने व दैवीय चमत्कार दिखाने का झांसा देकर कीमती जेवरात ठग लिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों के पास से चोरी गए गहने और ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी सामान बरामद कर लिया है।
आशीर्वाद और चमत्कार के जाल में फंसाकर जेवर बदले
घटना की शिकार पीड़िता बबीता देवी के आवास पर दोनों आरोपी संन्यासियों का भेष बनाकर पहुंचे थे। घर के बाहर पहुंचकर उन्होंने भोजन की याचना की। महिला ने मानवीय आधार पर उन्हें घर के अंदर सम्मानपूर्वक भोजन कराया। भोजन समाप्त होने के बाद दोनों ने महिला से बातचीत शुरू की और उसके पारिवारिक कष्टों व परेशानियों को दूर करने का दावा करने लगे। आरोपियों ने महिला को विश्वास दिलाया कि वे विशेष अनुष्ठान और चमत्कार के जरिए उसके जीवन की तमाम बाधाएं समाप्त कर देंगे। इसके लिए उन्होंने घर में मौजूद सोने-चांदी के गहनों को सामने लाने और उन पर आशीर्वाद प्राप्त करने की बात कही।
महिला उनकी मीठी बातों और पाखंड के प्रभाव में आ गई। उसने तुरंत अपने सोने का मंगलसूत्र और कान का टॉप्स लाकर उन दोनों को सौंप दिया। दोनों ठगों ने मंत्रोच्चार का दिखावा करते हुए गहनों को एक साड़ी के पल्लू में लपेटने का नाटक किया। असल में उन्होंने चुपके से सोने के आभूषण अपनी झोली में रख लिए और उसके स्थान पर पीतल के बने नकली लॉकेट साड़ी में बांध दिए। आरोपियों ने महिला को सख्त हिदायत दी कि वह इस पोटली को शाम 5 बजे से पहले बिल्कुल न खोले, अन्यथा अनुष्ठान का प्रभाव निष्फल हो जाएगा। महिला ने उनके कहे अनुसार शाम तक इंतजार किया।
तंबू में छापेमारी कर पुलिस ने दोनों भाइयों को दबोचा
शाम के 5 बजते ही जब महिला ने उत्सुकता से साड़ी की गांठ खोली, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पोटली के अंदर सोने के मंगलसूत्र और टॉप्स की जगह पीतल के साधारण लॉकेट पड़े हुए थे। खुद के ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़िता सीधे बीएस सिटी थाने पहुंची और पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई और नगर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मानवीय मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बालीडीह रेलवे स्टेशन के निकट खाली मैदान में लगे एक तंबू की घेराबंदी की। वहां छिपे बैठे दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
बिहार के गया से आकर झारखंड में फैलाया था ठगी का जाल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान करीब 30 वर्षीय शम्भु लाठौर और उसके छोटे भाई करीब 25 वर्षीय गयालाल लाठौर के रूप में की गई है। दोनों मूल रूप से बिहार राज्य के गया जिले में स्थित बेलागंज थाना क्षेत्र के बेलाडीह गांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से पीड़िता बबीता देवी का छीना गया सोने का मंगलसूत्र और कान का टॉप्स सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। इसके अतिरिक्त इनके तंबू और झोलों की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में पीतल के लॉकेट, धातु के ताबीज, अंगूठियां और रंग-बिरंगे चमकीले पत्थर भी जब्त किए गए, जिनका उपयोग वे अंधविश्वासी लोगों को ठगने के लिए करते थे।
फर्जी संन्यासियों से सावधान रहने की हिदायत
नगर डीएसपी राजीव रंजन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे पाखंडी तत्वों से पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक वस्त्र धारण करके भोले-भाले नागरिकों को ठगने वाले अपराधी न केवल कानून तोड़ते हैं, बल्कि वास्तविक साधु समाज की प्रतिष्ठा को भी गंभीर आघात पहुंचाते हैं। प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के अलौकिक दावों पर भरोसा न करें और पूजा-पाठ अथवा चमत्कारों के नाम पर अपने गहने या नकदी किसी अज्ञात व्यक्ति के हाथों में न सौंपें।





















