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चाईबासा में कारो नदी पार करते समय बहा ग्रामीण, दो दिन से लापता याकूब की खोज में जुटा परिवारझारखंड
9 अक्तू॰ 2026, 6:06 am (2 घंटे पहले)· 0

चाईबासा में कारो नदी पार करते समय बहा ग्रामीण, दो दिन से लापता याकूब की खोज में जुटा परिवार

झारखंड के चाईबासा में गोइलकेरा प्रखंड के रेला गांव निवासी याकूब अंगरिया कारो नदी के तेज बहाव में बह गए, जिससे उनका परिवार और ग्रामीण बेहद परेशान हैं।

झारखंड में चाईबासा स्थित गोइलकेरा प्रखंड में कारो नदी पार करते समय एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रेला गांव के गिरजा टोली के निवासी 45 वर्षीय याकूब अंगरिया नदी के तेज जलप्रवाह में बह गए। इस अनहोनी के बाद से दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घर के मुखिया के अचानक लापता हो जाने से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

काम निपटाकर लौटते वक्त घटा हादसा

याकूब अंगरिया मंगलवार 6 अक्टूबर को अपने जरूरी घरेलू काम के सिलसिले में पास के लेबेंटा गांव गए हुए थे। वह वहां एक लोहार से लोहे की दाऊली बनवाने के उद्देश्य से पहुंचे थे। शाम के समय जब वह लेबेंटा से काम पूरा करके वापस अपने गांव रेला लौट रहे थे, उसी दौरान उन्हें कारो नदी पार करनी पड़ी। नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था और जैसे ही उन्होंने पैदल आगे बढ़ने का प्रयास किया, वह संतुलन खो बैठे और पानी की तेज धार उन्हें अपने साथ बहा ले गई।

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दो दिनों से जारी है खोजबीन, परिवार में पसरा मातम

हादसे की सूचना मिलते ही रेला गांव के ग्रामीण और याकूब के परिजन तत्काल नदी किनारे पहुंचे और उनकी तलाश शुरू की। दो दिनों से लगातार खोजबीन किए जाने के बावजूद याकूब का कोई अता-पता नहीं चल सका है। समय बीतने के साथ परिवार की चिंताएं और गहराती जा रही हैं। याकूब के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा छह बच्चे हैं, जो अब पूरी तरह बेसहारा महसूस कर रहे हैं और उनके सकुशल लौटने की आस लगाए बैठे हैं।

पुल के अभाव में जान हथेली पर रखकर सफर

इस ग्रामीण अंचल में नदियों पर बुनियादी ढांचे का भारी अभाव ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रहा है। कारो नदी पर पुल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की वजह से सैकड़ों ग्रामीणों को अपनी दैनिक आवाजाही के लिए हर रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। नदी में तेज धार और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पैदल आवागमन बेहद खतरनाक साबित होता है।

कुछ ही दिन पहले युवक ने गंवाई थी जान

कारो नदी में इस तरह का हादसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पूर्व 26 सितंबर को भी रेला गांव के समीप कारो नदी के गहरे पानी में डूबने से 28 वर्षीय युवक मनाय सुरीन की असामयिक मौत हो गई थी। उस घटना के अगले दिन मनाय सुरीन का शव पराल गांव के सरकारी स्कूल के समीप बरामद किया गया था। इस हालिया घटना के बाद अब याकूब के नदी में बह जाने से क्षेत्र के लोगों में भारी डर और रोष बना हुआ है।

सवाल-जवाब

हादसा किस जगह और किस नदी में हुआ?
यह हादसा झारखंड के चाईबासा अंतर्गत गोइलकेरा प्रखंड के रेला गांव के पास कारो नदी में हुआ।
लापता व्यक्ति का नाम क्या है और उनकी उम्र कितनी है?
लापता व्यक्ति का नाम याकूब अंगरिया है और उनकी उम्र 45 वर्ष है।
याकूब अंगरिया किस तारीख को और कहां गए थे?
वह मंगलवार 6 अक्टूबर को लेबेंटा गांव में एक लोहार के पास लोहे की दाऊली बनवाने गए थे।
याकूब के परिवार में कौन-कौन सदस्य हैं?
याकूब अंगरिया के परिवार में उनकी पत्नी और छह बच्चे हैं।
कारो नदी में हाल ही में कौन सा दूसरा हादसा हुआ था?
26 सितंबर को रेला गांव के पास कारो नदी में डूबने से 28 वर्षीय युवक मनाय सुरीन की मौत हो गई थी, जिसका शव अगले दिन पराल गांव में मिला था।
ग्रामीणों को नदी पार करने में क्या मुख्य समस्या आती है?
कारो नदी पर पुल की सुविधा नहीं होने के कारण सैकड़ों ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर पैदल ही नदी पार करनी पड़ती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 मिनट पहले

पुल न होने की बात ठीक है, पर दो दिन बाद भी प्रशासन की सुस्ती पर शक होता है।

Ravikash Gupta@ravikash·31 मिनट पहले

अर्जुन जी, बात तो बिल्कुल सही है आपकी, लेकिन प्रशासन की लापरवाही इस इलाके में नई नहीं है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·54 मिनट पहले

पुल न होने की वजह से ऐसी जानलेवा घटनाएं बार-बार हो रही हैं, प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·53 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। ऐसी ही एक टूटी पुलिया के पास मेरे एक रिश्तेदार को भी पिछले साल अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी थी, सोचकर अब भी रूह कांप जाती है।

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