झारखंड में चाईबासा स्थित गोइलकेरा प्रखंड में कारो नदी पार करते समय एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रेला गांव के गिरजा टोली के निवासी 45 वर्षीय याकूब अंगरिया नदी के तेज जलप्रवाह में बह गए। इस अनहोनी के बाद से दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घर के मुखिया के अचानक लापता हो जाने से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
काम निपटाकर लौटते वक्त घटा हादसा
याकूब अंगरिया मंगलवार 6 अक्टूबर को अपने जरूरी घरेलू काम के सिलसिले में पास के लेबेंटा गांव गए हुए थे। वह वहां एक लोहार से लोहे की दाऊली बनवाने के उद्देश्य से पहुंचे थे। शाम के समय जब वह लेबेंटा से काम पूरा करके वापस अपने गांव रेला लौट रहे थे, उसी दौरान उन्हें कारो नदी पार करनी पड़ी। नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था और जैसे ही उन्होंने पैदल आगे बढ़ने का प्रयास किया, वह संतुलन खो बैठे और पानी की तेज धार उन्हें अपने साथ बहा ले गई।
दो दिनों से जारी है खोजबीन, परिवार में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही रेला गांव के ग्रामीण और याकूब के परिजन तत्काल नदी किनारे पहुंचे और उनकी तलाश शुरू की। दो दिनों से लगातार खोजबीन किए जाने के बावजूद याकूब का कोई अता-पता नहीं चल सका है। समय बीतने के साथ परिवार की चिंताएं और गहराती जा रही हैं। याकूब के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा छह बच्चे हैं, जो अब पूरी तरह बेसहारा महसूस कर रहे हैं और उनके सकुशल लौटने की आस लगाए बैठे हैं।
पुल के अभाव में जान हथेली पर रखकर सफर
इस ग्रामीण अंचल में नदियों पर बुनियादी ढांचे का भारी अभाव ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रहा है। कारो नदी पर पुल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की वजह से सैकड़ों ग्रामीणों को अपनी दैनिक आवाजाही के लिए हर रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। नदी में तेज धार और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पैदल आवागमन बेहद खतरनाक साबित होता है।
कुछ ही दिन पहले युवक ने गंवाई थी जान
कारो नदी में इस तरह का हादसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पूर्व 26 सितंबर को भी रेला गांव के समीप कारो नदी के गहरे पानी में डूबने से 28 वर्षीय युवक मनाय सुरीन की असामयिक मौत हो गई थी। उस घटना के अगले दिन मनाय सुरीन का शव पराल गांव के सरकारी स्कूल के समीप बरामद किया गया था। इस हालिया घटना के बाद अब याकूब के नदी में बह जाने से क्षेत्र के लोगों में भारी डर और रोष बना हुआ है।






















