मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में करीब छह दिनों से गुमशुदा सत्रह साल की एक छात्रा का शव मलावर थाना क्षेत्र के जंगलों से बरामद किया गया है। यह किशोरी 30 सितंबर को अपनी कक्षाएं लेने के उद्देश्य से घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। जब छात्रा का कोई पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा। परिजनों की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर राजगढ़ कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ अगवा करने का केस दर्ज किया गया और विशेष टीमों का गठन कर खोजबीन शुरू की गई। करीब एक सप्ताह की सघन तलाश के बाद शमशेरपुरा के बीहड़ इलाके में उसका शव बरामद किया गया, जिसका सिर धड़ से अलग था।
घटनास्थल से अहम सबूत बरामद
पुलिस जब घने जंगली इलाके में पहुंची, तो वहां जमीन पर छात्रा का शव पड़ा मिला। तलाशी के दौरान अफसरों को मौके से खून से सना हुआ धारदार चाकू और छात्रा का बस्ता भी मिला। इन सभी भौतिक साक्ष्यों को फोरेंसिक परीक्षण के लिए सील कर दिया गया है। शुरुआती निरीक्षण के आधार पर पुलिस इसे सुनियोजित कत्ल मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिस बर्बरता से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे जाहिर होता है कि कातिल ने साक्ष्य मिटाने और पहचान छिपाने की नीयत से सिर को अलग किया था।
संदिग्ध युवक और प्रेम प्रसंग का पहलू
जांच के प्रारंभिक चरण में परिजनों ने नरसिंहगढ़ के जमोनिया गणेश निवासी अनुराग उर्फ अंकित पर गहरी आशंका जाहिर की थी। छानबीन में सामने आया कि छात्रा और अनुराग के मध्य पूर्व से जान-पहचान और कथित प्रेम संबंध थे। परिजनों का आरोप था कि युवक छात्रा को राजगढ़ कोतवाली क्षेत्र के करेड़ी इलाके से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान किसी विवाद या रंजिश में किशोरी की जान ले ली गई।
सड़क हादसे में संदिग्ध की मौत से उलझी गुत्थी
इस पूरे मामले में उस वक्त एक अप्रत्याशित मोड़ आ गया, जब मुख्य संदेही अनुराग की मलावर इलाके के पगारी बांग्ला के निकट एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मुख्य संदेही के सड़क हादसे में मारे जाने से पुलिस की तफ्तीश काफी पेचीदा हो गई है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह महज एक इत्तेफाक था या फिर वारदात को छिपाने अथवा भागने की कोशिश के दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस ने इस कड़ी में एक अन्य युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है, जिसकी मौजूदगी घटनाक्रम के आसपास दर्ज की गई थी।
कैमरों की पड़ताल और कॉल डिटेल से मिला सुराग
जांच दल ने मलावर क्षेत्र में स्थित एक बैंक शाखा के बाहर लगे सर्विलांस कैमरों के फुटेज खंगाले। रिकॉर्डिंग में नजर आया कि एक युवक एक बाइक पर अकेला जा रहा है, जबकि दूसरी मोटरसाइकिल पर छात्रा एक अन्य युवक के साथ बैठी है। आगे के रास्तों पर लगे अन्य कैमरों की पड़ताल में तीनों लोग एक साथ एक ही दिशा में बढ़ते दिखाई दिए। हालांकि, कुछ देर बाद की फुटेज में केवल दोनों युवक ही लौटते दिखे, जबकि छात्रा उनके साथ नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध नंबरों की टॉवर लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके सुराग सीधे शमशेरपुरा के बीहड़ तक पहुंचे।
फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने स्पष्ट किया कि मामले में हत्या के स्पष्ट संकेत मिले हैं। घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम को बुलाकर बारीक सुराग जुटाए गए हैं। मृतका के अवशेषों को उच्च स्तरीय पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए राजधानी भोपाल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की औपचारिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और प्रयुक्त हथियार के प्रभाव की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी रिकॉर्ड और हिरासत में लिए गए युवक के बयानों को जोड़कर पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है।



















