चटनी के शौकीनों के लिए एक नई और आसान रेसिपी काफी पसंद की जा रही है, जिसमें पके हुए टमाटर और हरी मिर्च को सीधे आंच पर भूनकर एक खास स्मोकी चटनी तैयार की जाती है। यह चटनी अपने देसी मसालों और भुने हुए स्वाद की वजह से आम चटनियों से अलग पहचान बनाती है और रोटी, पराठा, चावल या दाल किसी के भी साथ बड़े चाव से परोसी जा सकती है।
आग पर भूनकर टमाटर में लाया जाता है स्मोकी स्वाद
इस चटनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि टमाटरों को उबालने या भाप में पकाने की बजाय सीधे गैस की आंच पर भूना जाता है। तीन से चार पके हुए टमाटर लेकर पहले उन्हें अच्छी तरह धोया जाता है, फिर चारों तरफ से तब तक सेका जाता है जब तक उनका बाहरी छिलका हल्का काला न पड़ जाए और अंदर का गूदा नरम न हो जाए। टमाटर ठंडे होने पर उनका छिलका उतार लिया जाता है। यही आंच पर भूनने की प्रक्रिया चटनी में वह खास धुएं जैसा स्वाद घोलती है, जो इसे बाकी चटनियों से बिल्कुल अलग बनाता है और इसका असली आकर्षण भी यही है।
मिर्च, लहसुन और अदरक को सेकने का तरीका
टमाटर भूनने के बाद बारी आती है हरी मिर्च की। चार से पांच हरी मिर्च को बीच से चीरा लगाकर उन पर हल्का सा सरसों का तेल लगाया जाता है और फिर आंच पर तब तक सेका जाता है जब तक उन पर हल्के भुने निशान न दिखने लगें। मिर्च को सेकने का यही तरीका चटनी के स्मोकी फ्लेवर को और गहरा करता है। साथ ही तीन से चार कलियां लहसुन और थोड़ा सा अदरक भी मिर्च के साथ धीमी आंच पर भूना जा सकता है, जिससे चटनी में तीखेपन के साथ एक अलग तरह की खुशबू भी घुल जाती है।
सिल-बट्टे पर पिसने से निखरता है असली देसी टेक्सचर
भुने हुए टमाटर, धनिया पत्ती, भुना हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च को अब सिल-बट्टे या मिक्सर में डाला जाता है। स्वादानुसार नमक मिलाकर सभी सामग्री को अच्छी तरह पीस लिया जाता है। अगर इसे सिल-बट्टे पर पीसा जाए तो चटनी का टेक्सचर और स्वाद दोनों ज्यादा देसी और असरदार बनते हैं, क्योंकि मिक्सर की तेज़ धार की जगह हाथ से की गई पिसाई मसालों का तेल और खुशबू कहीं बेहतर तरीके से बाहर निकालती है।
कच्चे सरसों के तेल से मिलता है आखिरी तड़का
पिसी हुई चटनी को एक कटोरी में निकालकर उसके ऊपर थोड़ा सा कच्चा सरसों का तेल डाला जाता है और अच्छी तरह मिलाया जाता है। सरसों के तेल की तीखी खुशबू, भुने टमाटर और मिर्च के स्मोकी स्वाद के साथ मिलकर चटनी को और भी लज़ीज़ बना देती है। चाहें तो ऊपर से बारीक कटी हुई ताज़ी धनिया पत्ती भी छिड़की जा सकती है, जिससे चटनी दिखने में भी आकर्षक लगती है। यह चटनी रोटी, पराठा, चावल, दाल या किसी भी स्नैक के साथ परोसी जा सकती है और इसका स्वाद देर तक जीभ पर बना रहता है।





















