राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व बेहद भव्य रूप में मनाया जाने वाला है. शहर के प्रसिद्ध आराध्य देव मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं और मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ भक्तों में भी गजानन महाराज के स्वागत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.
9 दिन तक चलेगा उत्सव, फूलों-रोशनी से सजेगा मंदिर परिसर
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव 7 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक यानी पूरे 9 दिनों तक चलेगा. इन नौ दिनों के दौरान मंदिर परिसर को फूलों और विद्युत रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया जाएगा. हर दिन अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी और कई धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे. इन नौ दिनों में पूरा जयपुर शहर बप्पा की भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा.
14 सितंबर को जन्मोत्सव, विशेष पूजा-अभिषेक और हवन होगा
महोत्सव के दौरान 14 सितंबर की तारीख सबसे खास मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन गणपति महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ अभिषेक और हवन का आयोजन होगा. भगवान गणेश को नई पोशाक पहनाई जाएगी और खास श्रृंगार किया जाएगा. इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
9 सितंबर: 3 हजार किलो मोदकों की झांकी, दो मोदक 251-251 किलो के
गणेशोत्सव के तीसरे दिन यानी 9 सितंबर को मंदिर परिसर में एक अनूठी झांकी सजाई जाएगी, जिसमें कुल 3 हजार किलो मोदक भगवान को अर्पित किए जाएंगे. इस विशाल मोदक-भोग में सबसे बड़ा आकर्षण दो विशेष मोदक होंगे, जिनका वजन 251-251 किलोग्राम रखा गया है. इन बड़े मोदकों को देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे. भगवान को अर्पित होने वाला यह महाभोग पहले से ही शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
13 सितंबर सिंजारा: चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे बप्पा, 3500 किलो मेहंदी लगेगी
गणेश चतुर्थी से ठीक एक दिन पहले, यानी 13 सितंबर को मंदिर में परंपरागत सिंजारा उत्सव मनाया जाएगा. इस दिन गणपति महाराज एक भव्य चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे. इस विशेष आयोजन के लिए करीब 3500 किलोग्राम मेहंदी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सिंजारे की रौनक और परंपरा दोनों और निखर उठेंगी.
19 घंटे से ज्यादा खुले रहेंगे मंदिर के पट, 15 सितंबर को निकलेगी शोभायात्रा
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए गणेश चतुर्थी के दिन मंदिर के कपाट सामान्य से कहीं ज्यादा लंबे समय तक खुले रखे जाएंगे. इस दिन श्रद्धालु 19 घंटे से भी अधिक समय तक लगातार गजानन महाराज के दर्शन कर सकेंगे. इसके बाद महोत्सव के आखिरी दिन यानी 15 सितंबर को शाम 4 बजे गणपति महाराज की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. यह शोभायात्रा शहर के कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगी, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर बप्पा का स्वागत किया जाएगा. इस तरह यह नौ दिवसीय आयोजन जयपुरवासियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा.



















